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The Lost Weekend, 1944 -- A Sequel

through

a bottle dimly

lit

in a night filled

with fire

you went too far

you broke the

spell &

you fell &

you fell… 127 more words

Vintage Books

The History Girls: Women of the Warsaw Uprising, by Clare Mulley

This month marks the 70th anniversary of the end of the Warsaw Uprising. By the summer of 1944 the tide of the Second World War had turned. 184 more words

20th Century

अखियाँ मिलाके जिया भरमा के चले नहीं जाना - Ankhiya Mila Ke

फ़िल्म – रतन (1944)
गायक/गायिका – ज़ोहराबाई अंबालेवाली
संगीतकार – नौशाद
गीतकार – डी. एन. मधोक
अदाकार -

(अखियाँ मिलाके जिया भरमा के
चले नहीं जाना, (हो चले नहीं जाना – 2)) – 2

जाओ तो जाने ना दूंगी मैं रस्ता रोक लूंगी – 2
हो सैंया के पैंय्या पड़ जाऊंगी रोके कहूंगी – 2
अखियाँ मिला के …

आहों के बदले आहें लेना जी दगा नहीं देना – 2
हां नैन भरे ना रोए रोए दिल ये कहे ना – 2
अखियाँ मिला के …

जाने का नाम न लो राजा जी दिल बैठा जाए – 2
हां देखो जी देखो दुखी दिल की परे ना हाय – 2
अखियाँ मिला के …

Solo Song

मिल के बिछड़ गईं अँखियाँ - Milke Bichhad Gayin Ankhiyan

फ़िल्म – रतन (1944)
गायक/गायिका – अमीरबाई कर्नाटकी
संगीतकार – नौशाद
गीतकार – डी. एन. मधोक
अदाकार -

(मिल के बिछड़ गईं अँखियाँ
हाय रामा मिल के बिछड़ गईं अँखियाँ) – 2

(मुशक़िल से वो दिन भुलाये थे हमने
फिर आ के छेड़ा बलम ने) – 2
फिर से धरक गईं छतियाँ
धरक गईं छतियाँ
हाय रामा मिल के बिछड़ गईं अँखियाँ
मिल के बिछड़ गईं अँखियाँ
हाय रामा मिल के बिछड़ गईं अँखियाँ

(रोते हैं नैना जिया तलमलाये
जावो कोई उनको लाये) – 2
कैसे बिताऊँ दिन-रतियाँ
बिताऊँ दिन-रतियाँ
हाय रामा मिल के बिछड़ गईं अँखियाँ
मिल के बिछड़ गईं अँखियाँ
हाय रामा मिल के बिछड़ गईं अँखियाँ

Solo Song

ओ जाने वाले बालमवा - O Janewale Balamwa

फ़िल्म – रतन (1944)
गायक/गायिका – शाम कुमार, अमीरबाई कर्नाटकी
संगीतकार – नौशाद
गीतकार – डी. एन. मधोक
अदाकार – करन दीवान, मंजू

ओ जाने वाले बालमवा
लौट के आ लौट के आ

जा मैं ना तेरा बालमवा
बेवफ़ा बेवफ़ा
तेरे बिन मेरा जिया
लागे ना कहीं भी पिया
हाय लागे ना
याद नहीं छोड़े तेरी
दुनिया अंधेरी मेरी
अब जाऊँ कहाँ
(ओ दिल को ले करता है दर्द जिया
लौट के आ लौट के आ) – 2

ओ जाने वाले…

घड़ी-घड़ी पनघट पे आना
झूठ-मूठ की प्रीत जताना
मुझे याद है
फिर और किसी से आँख मिलाना
मुझसे आँख मिला कर जाना
मुझे याद है
(झूठों से काहे बोलूँ जा री जा
बेवफ़ा बेवफ़ा) – 2

ओ जाने वाले…

Naushad

Dance troupe (1944)

A dance troupe performs in a scene from the 1944 Egyptian film ‘Shahada al Gharem’ (Martyrs of Love) which is an Arabic language version of Shakespeare’s tragedy of star crossed lovers, ‘Romeo and Juliet’. 8 more words

Belly Dance