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September 22, 1957 - "Maverick" Blazes a New Trail

On September 22, 1957, ABC aired the first episode of a new-fangled Western series, Maverick, starring James Garner as card-playing, bullet-dodging, but good-with-his-fists Bret Maverick, and Jack Kelly as his more conservative brother, Bart Maverick.  327 more words

1957

पिंजरे के पंछी रे, तेरा दर्द ना जाने कोए - Pinjre Ke Panchhi Re

फिल्मः नागमणि (1957)
गायक/गायिकाः प्रदीप
संगीतकारः अविनाश व्यास
गीतकारः प्रदीप
कलाकारः एस. एन. त्रिपाठी, निरुपा रॉय

पिंजरे के पंछी रे, तेरा दर्द ना जाने कोए (२)

कह ना सके तू, अपनी कहानी
तेरी भी पंछी, क्या ज़िंदगानी रे
विधि ने तेरी कथा लिखी आँसू में कलम डुबोए
तेरा दर्द …

चुपके चुपके, रोने वाले
रखना छुपाके, दिल के छाले रे
ये पत्थर का देश हैं पगले, यहाँ कोई ना तेरा होय
तेरा दर्द …

Solo Song

ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िंदगी का - Ye Hansta Hua Karwan

फिल्मः एक झलक (1957)
गायक/गायिकाः हेमंत कुमार, आशा भोंसले
संगीतकारः हेमंत कुमार
गीतकारः एस. एच. बिहारी
कलाकारः प्रदीप कुमार, वैजंतीमाला

ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िंदगी का न पूछो चला है किधर
तमन्ना है ये साथ चलते रहें, हम न बीते कभी ये सफ़र
ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िंदगी का न पूछो चला है किधर
हाँ?
तमन्ना है ये साथ चलते रहें हम, न बीते कभी ये सफ़र
वाह! वाह!

ज़मीं से सितारों की दुनिया में जायें
हां हां!
वहाँ भी यही गीत उल्फ़त के गायें
अच्छा?
ज़मीं से सितारों की दुनिया में जायें
वहाँ भी यही गीत उल्फ़त के गायें
मुहब्बत की दुनिया हो ग़म से बेगाना
रहे न किसी का भी डर
अजी डर कैसा
ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िंदगी का न पूछो चला है किधर
तमन्ना है ये साथ चलते रहें हम, न बीते कभी ये सफ़र
चलिये

बहारों के दिन हो जवाँ हो नज़ारे
अह ह ह !
हसीं चाँदनी हो नदी के किनरे
क्या बात है
बहारों के दिन हो जवाँ हो नज़ारे
हसीं चाँदनी हो नदी के किनरे
न आये जहाँ भूल कर बदनसीबी
बनाये वहीं अपना घर
न न न…!
ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िंदगी का न पूछो चला है किधर
तमन्ना है ये साथ चलते रहें हम, न बीते कभी ये सफ़र

Romantic Song

दरशन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे - Darshan Do Ghanshyam

फिल्मः नरसी भगत (1957)
गायक/गायिकाः हेमंत कुमार, मन्ना डे, सुधा मल्होत्रा
संगीतकारः रवि
गीतकारः नरसी मेहता
कलाकारः शाहू मोदक, निरुपा रॉय

दरशन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे
मन मंदिर की ज्योति जगादो, घट घट बासी रे

मंदिर मंदिर मूरत तेरी
फिर भी ना दीखे सूरत तेरी
युग बीते ना आई मिलन की
पूरणमासी रे …

द्वार दया का जब तू खोले
पंचम सुर में गूंगा बोले
अंधा देखे लंगड़ा चल कर
पहुँचे कासी रे …

पानी पी कर प्यास बुझाऊँ
नैनों को कैसे समझाऊँ
आँख मिचौली छोड़ो अब
मन के बासी रे …

निबर्ल के बल धन निधर्न के
तुम रख वाले भक्त जनों के
तेरे भजन में सब सुख पाऊँ
मिटे उदासी रे …

नाम जपे पर तुझे ना जाने
उनको भी तू अपना माने
तेरी दया का अंत नहीं है
हे दुख नाशी रे …

आज फैसला तेरे द्वार पर
मेरी जीत है तेरी हार पर
हार जीत है तेरी मैं तो
चरण उपासी रे …

द्वार खड़ा कब से मतवाला
मांगे तुम से हार तुम्हारी
नरसी की ये बिनती सुनलो
भक्त विलासी रे …

लाज ना लुट जाये प्रभु तेरी
नाथ करो ना दया में देरी
तीन लोक छोड़ कर आओ
गंगा निवासी रे …

Duet/Group Song

आजा ज़रा मेरे दिल के सहारे दिलरुबा - Aaja Jara Mere Dil Ke Sahare

फिल्मः एक झलक (1957)
गायक/गायिकाः हेमंत कुमार, गीता दत्त
संगीतकारः हेमंत कुमार
गीतकारः राजेंद्र कृष्ण
कलाकारः प्रदीप कुमार, वैजंतीमाला

आजा ज़रा
आजा ज़रा मेरे दिल के सहारे दिलरुबा
तेरे लिए मेरे दिल मे तेरी याद है जवाँ

अरे जा जा जा देख ली मैं ने शेख़ी तेरी
न सता जा जा अब न चलेगी यहाँ चालें तेरी
ई ही ही
ओ हो हो हो
तू ने न जाना मैं हूँ दीवाना
दिल मे छुपी हैं मुहब्बत तेरी
कुछ नहीं यहाँ
आजा ज़रा …

अरी आ आ आ मान ले ओ गोरी कहना मेरा
न जला आ आ अच्छा नहीं दूर रहना तेरा
ओ हो हो हो
पहले अकड़ना फिर पाँव पड़ना
दुनिया मे मर्दों की आदत बुरी
जाएगी कहाँ
आजा ज़रा
ऊँ हूँ
आजा ज़रा
न न
आजा ज़रा

Romantic Song

September 21, 1957 - Perry Mason's First Case

On September 21, 1957, defense attorney Perry Mason tried – and won – the first of many cases in the Los Angeles County Courthouse, as one of television’s most successful and longest-running legal series premiered on CBS.   475 more words

1957

दुनिया में चांद सूरज, मीनी मीनी चीची - Mini Mini Chi Chi

फिल्मः कठपुतली (1957)
गायक/गायिकाः मुकेश, लता मंगेशकर
संगीतकारः शंकर-जयकिशन
गीतकारः शैलेंद्र
कलाकारः आग़ा, वैजयंतीमाला

मीनी मीनी चीची -2
दुनिया में चाँद-सूरज हैं ( कितने हसीं) -2…

8 more words
Duet/Group Song