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Song of the day: 18 September 2014

In 1966, a song hit the American chart on number one! It was written by Calvin Lewis and Andrew Wright, and recorded by Percy Sledge. In the UK, it originally peaked on number four, and even on number two in 1987, when it was released again because of a commercial. 36 more words

Song Of The Day

अपने लिये जिये तो क्या जिये - Apne Liye Jiye To Kya Jiye

फिल्मः बादल (1966)
गायक/गायिकाः मन्ना डे
संगीतकारः ऊषा खन्ना
गीतकारः जावेद अनवर
कलाकारः संजीव कुमार

खुदगज़र् दुनिया में ये, इनसान की पहचान है
जो पराई आग में जल जाये, वो इनसान है

अपने लिये जिये तो क्या जिये – 2
तू जी, ऐ दिल, ज़माने के लिये
अपने लिये जिये तो क्या जिये

बाज़ार से ज़माने के, कुछ भी न हम खरीदेंगे – 2
हाँ, बेचकर खुशी अपनी
लोगों के ग़म खरीदेंगे
बुझते दिये जलाने के लिये – 2
तू जी, ऐ दिल, ज़माने के लिये
अपने लिये जिये तो क्या जिये

(अपनी खुदी को जो समझा
उसने खुदा को पहचाना) – 2
आज़ाद फ़ितरते इनसां
अन्दाज़ क्यों ग़ुलामाना
सर ये नहीं झुकाने के लिये – 2
तू जी, ऐ दिल, ज़माने के लिये
अपने लिये जिये तो क्या जिये

(हिम्मत बुलंद है अपनी
पत्थर सी जान रखते हैं) – 2
कदमों तले ज़मीं तो क्या
हम आसमान रखते हैं
गिरते हुओं को उठाने के लिये
तू जी, ऐ दिल, ज़माने के लिये
अपने लिये जिये तो क्या जिये

(चल आफ़ताब लेकर चल
चल महताब लेकर चल) – 2
तू अपनी एक ठोकर में
सौ इन्क़लाब लेकर चल
ज़ुल्म और सितम मिटाने के लिये
तू जी, ऐ दिल, ज़माने के लिये
अपने लिये जिये तो क्या जिये – 2

नाकामियों से घबरा के
तुम क्यों उदास होते हो
मैं हमसफ़र तुम्हारा हूँ
तुम क्यों उदास होते हो
हँसते रहो, हँसाने के लिये
तू जी, ऐ दिल, ज़माने के लिये
अपने लिये जिये तो क्या जिये

Solo Song

Newham's Rich Musical History - Jimi Hendrix

Just before Christmas, 1966, Jimi Hendrix, a relatively unknown guitarist, who had just arrived in Britain from America, sat in the dressing room of the… 179 more words

1966

ऐ माँ तेरी सूरत से अलग - Usko Nahin Dekha Hamne Kabhi

फिल्मः दादी मां (1966)
गायक/गायिकाः महेंद्र कपूर, मन्ना डे
संगीतकारः रौशन
गीतकारः मज़रूह सुल्तानपुरी
कलाकारः अशोक कुमार, रहमान, दुर्गा खोटे

उस को नहीं देखा हमने कभी
पर इसकी ज़रूरत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत से अलग
भगवान की सूरत क्या होगी, क्या होगी
उस को नहीं देखा हमने कभी…

इनसान तो क्या देवता भी
आँचल में पले तेरे
है स्वर्ग इसी दुनिया में
कदमों के तले तेरे
ममता ही लुटाये जिसके नयन, हो…
ममता ही लुटाये जिसके नयन
ऐसी कोई मूरत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी…

क्यों धूप जलाये दुखों की
क्यों ग़म की घटा बरसे
ये हाथ दुआओं वाले
रहते हैं सदा सर पे
तू है तो अंधेरे पथ में हमें, हो…
तू है तो अंधेरे पथ में हमें
सूरज की ज़रूरत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी…

कहते हैं तेरी शान में जो
कोई ऊँचे बोल नहीं
भगवान के पास भी माता
तेरे प्यार का मोल नहीं
हम तो यही जाने तुझसे बड़ी, हो…
हम तो यही जाने तुझसे बड़ी
संसार की दौलत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी…

Duet/Group Song

बदल जाये अगर माली, चमन होता नहीं खाली - Baharen Fir Bhi Aayengi

फिल्मः बहारें फिर भी आएंगी (1966)
गायक/गायिकाः महेंद्र कपूर
संगीतकारः ओ. पी. नय्यर
गीतकारः कैफ़ी आज़मी
कलाकारः धर्मेंद्र, तनूजा, माला सिन्हा

बदल जाये अगर माली
चमन होता नहीं खाली
बहारें फिर भी आती हैं
बहारें फिर भी आयेंगी

(थकन कैसी घुटन कैसी
चल अपनी धुन में दीवाने) – 2
(खिला ले फूल काँटों में
सजा ले अपने वीराने) – 2
हवाएं आग भड़काएं
फ़िज़ाएं ज़हर बरसाएं
बहारें फिर भी आती हैं
बहारें फिर भी आयेंगी

(अंधेरे क्या उजाले क्या
ना ये अपने ना वो अपने) – 2
(तेरे काम आयेंगे प्यारे
तेरे अरमां तेरे सपने) – 2
ज़माना तुझसे हो बरहम
ना आये राह पर मौसम
बहारें फिर भी आती हैं
बहारें फिर भी आयेंगी

Solo Song

A Forgotten Multi-Camera Garry Marshall Sitcom: HEY, LANDLORD!

Welcome to another Wildcard Wednesday! As The Odd Couple (1970-1975, ABC) will likely be the only Garry Marshall sitcom that we’ll cover on Sitcom Tuesdays, I want to take this post to feature one of his early attempts at show running,  407 more words

Television