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चाँद को देखो जी - Chaand Ko Dekho Jee

फ़िल्म – चांद मेरे आ जा (1960)
गायक/गायिका – मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार – चित्रगुप्त
गीतकार – आई. सी. कपूर
अदाकार – भारत भूषण, नंदा

Romantic Song

मुफ़्त हुए बदनाम, किसी पे हाय दिल को लगा के - Muft Hue Badnam

फिल्मः बारात (1960)
गायक/गायिकाः मुकेश
संगीतकारः चित्रगुप्त
गीतकारः मज़रूह सुल्तानपुरी
कलाकारः अजीत, शकीला

मुफ़्त हुए बदनाम, किसी पे हाय दिल को लगा के
जीना हुआ इल्जाम
किसी पे हाय दिल को लगा के
मुफ़्त हुए बदनाम

(गये अरमान लेके, लूटे लूटे आते हैं
लोग जहाँ में कैसे दिल को लगाते हैं) 2
दिल को लगाते हैं, अपना बनाते हैं
हम तो फिरे नादान 2
किसी पे हाय दिल को लगा के
मुफ़्त हुए बदनाम

(समझे थे साथ भेजा, किसीका सुहाना गम
उसी जो नज़र को देखा, तन्हा खडे हैं हम) 2
तन्हा खडे हैं हम
दिल भी रहा है कम
रस्तेमें हो गई शाम 2
किसी पे हाय दिल को लगा के
मुफ़्त हुए बदनाम

Solo Song

दिन रात बदलते हैं हालात बदलते हैं - Din Raat Badalte Hain

फ़िल्म – नया संसार (1959)
गायक/गायिका – हेमंत कुमार
संगीतकार – चित्रगुप्त
गीतकार – राजेंद्र कृष्ण
अदाकार – प्रदीप कुमार

दिन रात बदलते हैं हालात बदलते हैं
साथ साथ मौसम के फूल और बात बदलते हैं

कभी हमेशा धूप रही न सदा रही कभी छाँव
एक जगह पे कभी रूके ना वक़्त के चलते पाँव
बस कि ऊजड़के ऊजड़के बसते देखे कितने गाँव …

बीत जाएगी पतझड़ ये फिर आएगी हरियाली
आज जो डाली है सूनी सी कल होगी फूलोंवाली
कौन चंदनिया को पूछे जो न हो रतिया काली …

ये जीवन एक बहती नदिया दुःख सुख इसके रेले
फूल की आशा करनेवाले पहले काँटें ले ले
क्या जाने वो खुशी की कीमत जो न दर्द से खेले …

Solo Song

दग़ा दग़ा वइ वइ वइ - Daga Daga vai Vai Vai

फ़िल्म – काली टोपी लाल रूमाल (1959)
गायक/गायिका – मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार – चित्रगुप्त
गीतकार – मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार – चंद्रशेखर, शकीला

(दग़ा दग़ा वइ वइ वइ
दग़ा दग़ा वइ वइ वइ
हो गई तुमसे उल्फ़त हो गई) -2
दग़ा दग़ा वइ वइ वइ

(यूँ ही राहों में खड़े हैं तेरा क्या लेते हैं
देख लेते हैं जलन दिल की बुझा लेते हैं) -2
आए हैं दूर से हम
तेरे मिलने को सनम
चेकुनम, चेकुनम, चेकुनम

दग़ा दग़ा वइ वइ वइ …

(जान जलती है नज़र ऐसे चुराया न करो
हो ग़रीबों के दुखे दिल को दुखाया न करो) -2
आए हैं दूर से हम
तेरे मिलने को सनम
चेकुनम, चेकुनम, चेकुनम

दग़ा दग़ा वइ वइ वइ …

(हम क़रीब आते हैं तुम और जुदा होते हो
लो चले जाते हैं काहे को ख़फ़ा होते हो) -2
अब नहीं आएँगे हम
तेरे मिलने को सनम
चेकुनम, चेकुनम, चेकुनम

दग़ा दग़ा वइ वइ वइ …

Romantic Song

दीवाना आदमी को बनाती हैं रोटियाँ - Deewana Aadmi Ko Banati Hain Rotiyan

फ़िल्म – काली टोपी लाल रूमाल (1959)
गायक/गायिका – मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार – चित्रगुप्त
गीतकार – मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार – चंद्रशेखर, शकीला

दीवाना आदमी को बनाती हैं रोटियाँ -2… 15 more words

Solo Song

लागी छूटे ना अब तो सनम - Laagi Chhoote Na Ab To Sanam

फ़िल्म – काली टोपी लाल रूमाल (1959)
गायक/गायिका – मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार – चित्रगुप्त
गीतकार – मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार – चंद्रशेखर, शकीला

लागी छूटे ना अब तो सनम
चाहे जाए जिया तेरी क़सम
लागी छूटे ना …

तुझको पुकारे बन के दीवाना ना माने रे जिया -2
ओ जी हो
प्यार किया तो करके निभाना सुनो जी रसिया
ओ प्यार किया तो प्यार किया तेरी क़सम
लागी छूटे ना …

दूर हूँ फिर भी दिल के क़रीब निशाना है तेरा -2
सोच ले फिर से एक गरीब दीवाना है तेरा -2
सोच लिया जी सोच लिया तेरी क़सम
लागी छूटे ना …

जब से लड़ी है तुझसे निग़ाहें तड़प रहा दिल -2
देख के चलना प्यार की राह बड़ी है मुश्किल
देख लिया जी देख लिया तेरी क़सम
लागी छूटे ना …

Romantic Song

बदल जाये दुनियाँ न बदलेंगे हम - Badal Jaye Duniya Na Badlenge Hum

फ़िल्म – कैप्टन किशोर (1957)
गायक/गायिका – तलत महमूद
संगीतकार – चित्रगुप्त
गीतकार – तनवीर नकवी
अदाकार – सुरेश, शशिकला

बदल जाये दुनियाँ न बदलेंगे हम
तुम्हारी क़सम
तुम्हारे हैं कि जब तक दम में है दम
तुम्हारी क़सम

कहो नाम का उल्फ़त का बदनाम क्यों है
हमारी वफ़ाओं पे इल्ज़ाम क्यों है
बताओ तो होगा तुम्हारा क़रम
तुम्हारी क़सम
बदल जाये दुनियाँ …

ये माना है मुश्किल मुहब्बत की राहें
अगर डाल दो तुम बाहों में बाहें
खुशी से सहेंगे तुम्हारे सितम
तुम्हारी क़सम
बदल जाये दुनियाँ …

जहाँ तक जहाँ के नज़ारे रहेंगे
तुम्हारे रहे हैं तुम्हारे रहेंगे
न डोलेंगे उल्फ़त में अपने क़दम
तुम्हारी क़सम
बदल जाये दुनियाँ …

Solo Song