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जात-पात की राजनीति विकास की राह में सबसे बड़ी रुकावट

भारतीय संविधान के अनुसार जात-पात के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव गैर कानूनी है पर क्या हमारे देश में इस कानून का पालन किया जाता है? आज जहाँ अपने मतलब के लिए हर राजनेता जात की राजनीति पर उतर आया है वही समाज के कुछ वर्ग भी अपना उल्लू सीधा करने के फ़िराक में ऐसी राजनीति का जाने अनजाने में समर्थन कर बैठते हैं। एक तरफ जात या फिर धर्म के नाम पर हो रही राजनीति को जहा राज्य स्तर पर छोटी पार्टियों ने हवा देने का काम किया है ऐसे में वोट बैंक को निशाना बनाने के मकसद से राष्ट्रीय पार्टिया भी पीछे नहीं रही। आज हम सब जानते हैं कि प्रगति के रास्ते में रुकावट बन रही ऐसी नीति देश के निर्माण के लिए घातक सिद्ध हो सकती है।

समाज के बुद्धिजीवियों ने समय समय पर इस मुद्दे को उछाला लेकिन कभी आम आदमी ने इस पर ना तो गौर किया और ना हीं इसकी अहमियत को समझने की कोशिश की। हरियाणा जैसे राज्य में पिछड़े वर्गों का शोषण कोई हैरत वाली बात नहीं है। इतिहास गवाह है कि राजनीति के नाम पर यहाँ कत्ले आम तक की नौबतें आ चुकी है। कैसे भुलाया जा सकता प्रदेश की जनता के साथ हुए उन अत्याचारों को जहा बेवजह उनके घरों को आग के हवाले कर दिया गया और फिर उन चिताओं के लपटों पर पर भी मौजूदा और पिछली सरकारों ने सियासत की। ऐसे में एक आम आदमी के लिए सरकार और सरकारी नीतियों पर भरोसा करना मुश्किल हो जाता है।

आज हमारी प्रदेश सरकार हर बात में नंबर 1 होने के दावे कर रही है पर सच्चाई यह है कि आज भी पिछड़े और शोषित वर्गों के लिए दुनिया वहीं की वहीं रुकी हुई है। ना तो सरकार उन्हें उनका हक़ दिला सकी और ना हीं उनके उत्थान के लिए कोई सकारात्मक कदम उठाए गए। राज्य में आज बेरोज़गारी काबू से बाहर आग की तरह फैलती जा रही है। ऐसी स्थिति में एक युवा के पास गलत रास्ते चुनने के सिवा और कोई विकल्प नहीं रह जाता। हरियाणा में अब जरुरत है ऐसे सरकार की जो शोषित वर्गों को समस्याओं के दल-दल से बहार निकले और उनके विकास के लिए हर सफल प्रयास करे।

Sikh24.com - SGPC Task Force Blocks Haryana Committee Members From Entering Akal Takht Sahib

Singh Station

Amritsar Sahib, Punjab, 29 July 2014. Aggressive tactics of Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC) were in full display at the Harmandr Sahib on Monday as its security task force backed by Punjab police personnel blocked the entry of members of the Haryana Sikh Gurdwara Management Committee (HSGMC) to the Akal Takht. 571 more words

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The Tribune - Sikh Gurdwara Act Central or provincial subject, asks HC

Tribune News Service

Chandigarh, July 28. The Punjab and Haryana High Court today wanted to know whether the Sikh Gurdwara Act was enacted as a Central or provincial subject. 399 more words

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Guru Granth Sahib & Sri Akal Takht Sahib

Much debate is going on about the sovereign miri-piri status of the Institution of Sri Akal Takht Sahib. Sometimes, the evolving and doubtful position of “Jathedar” Akal Takh Sahib is confused with the institution. 461 more words

News

The Tribune - Haryana Gurdwaras; Akal Takht restrains HSGMC from taking charge; Says status quo will continue till matter is resolved; Defiant Jhinda says Jathedar shouldn’t issue such directives

Perneet Singh, Tribune News Service

Amritsar, July 27. A day after playing a peacemaker by directing the two warring sides to call off their conclaves, Akal Takht today said the Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC) will continue to manage the affairs of Haryana gurdwaras till the row is resolved. 448 more words

News

शिक्षा बोर्ड ने दिया ‘सुधार’ का अवसर

Dainik Jagran News Haryana BM Education News

  • 1 से 7 अगस्त तक सुधारी जा सकेगी परीक्षा फार्म में गड़बड़ी
  • प्रदेश के सभी स्कूलों के मुखियाओं को पत्र भेजकर दी जानकारी
Education News

पात्र अध्यापकों का आमरण अनशन खत्म 22

Dainik Jagran News Haryana BM Education News

पंचकूला में शिक्षा निदेशालय के बाहर मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे पात्र अध्यापकों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया है। स्कूल अध्यापक चयन बोर्ड के चेयरमैन से वार्ता के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। आठ दिन से 41 पात्र अध्यापक आमरण अनशन कर रहे थे। रविवार को काफी संख्या में पात्र अध्यापक शिक्षा निदेशालय पहुंचे हुए थे। पात्र अध्यापकों ने संघ के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में स्कूल अध्यापक चयन बोर्ड के चेयरमैन प्रो.

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