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Barbaric fatwa’s

With utmost disgrace, I’m pressing myself to write this blog as I have no better place to showcase my thoughts of what is happening around me. 339 more words

Barbaric Fatwa

In The Name of Honour

Warning: I usually try to keep my posts short, but I’m pissed off. Pissed off with the things that I read and see in the news. 1,354 more words

Blog

Honour Killing

I am ripe for slaughter
In your eyes, no one’s daughter,
Aunt, sister, mother
(I am your wife.)
It’s God’s will, you say,
It’s barbaric, they say, 805 more words

Poem

बदायूँ कांड: आॅनर किलिंग या बलात्कार (Badaun Case: Honour Killing or rape?)

बदायूँ कांड (बलात्कार कांड कहना शायद अब तर्कसंगत नहीं है) में नया मोड़ आ गया है जब सीबीआई ने लड़कियों के शवों को निकालने की बात कहीं ताकि दोबारा पोस्टमाॅर्टम हो सके। वजह ये है कि फ़ोरेंसिक रिपोर्ट में एक वाक्यांश आया है, ‘सजेस्टिव आॅफ रेप’ अर्थात् बलात्कार की ओर संकेत।

ये वाक्यांश मेडिकल ज्यूरिसप्रूडेंस में उपयोग नहीं होता यानि की इसका कोई मतलब नहीं है। सीबीआई का कहना है कि परिवार वालों की तरफ़ से कोर्ट में गए गवाहों के बैंक अकाउंट में बहुत पैसा जमा किया गया है। गवाहों के पाॅलीग्राफ (झूठ-सच पकड़ने वाला टेस्ट) टेस्ट में कई असामानताएँ हैं। साथ ही एजेंसी ने यह भी कहा कि परिवार वालों की दलीलों में भी पहले और अब में बहुत फ़र्क़ है।

परिवार वाले अब कह रहे हैं कि सीबीआई उन्हें फँसाना चाह रही है। सीबीआई किसी को क्यों फँसाना चाहेगी ये भगवान जानें पर तथ्यावलोकन और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि शायद ये मामला ‘आॅनर किलिंग’ का हो सकता है।

मसला अटकता है कि क्या उन लड़कियों का कुछ भी भला हो पाएगा मरने के बाद भी? ये तो तय है की उनकी मौत हुई। और मौत भयावह हुई है। चाहे बलात्कार करके मारा गया हो या फिर प्रेम के चक्कर में भाई-बाप ने ऐसा किया हो।

बात है कि ‘आॅनर’ या ‘टोपी’ के चक्कर में लोग कहाँ तक चले जाते हैं और लड़कियाँ पृथ्वी के कितने परत नीचे जीवन जिए ताकि वो सुरक्षित रहे?

काफ़ी हैरानी होगी आपको ये जानकर की अच्छे-खासे क़स्बों में, जहाँ पढ़ाई लिखाई की उत्तम व्यवस्था है, पीढ़ी दर पीढ़ी लोग आईएएस अफ़सर हो रहे हैं वहाँ भी ‘आॅनर’ नाम के मानसिक रोग ने सबको जकड़ा हुआ है। पूरा का पूरा गाँव सामूहिक सहमति देता है इस कुकृत्य में और कई बार ना तो कोई रिपोर्ट आती है, ना ही लाश मिलती है।

सब ग़ायब हो जाता है पंच तत्व में, क़ब्र की मिट्टी में या पटना की गङ्गा में फेंकी और बनारस में तैरती लाश में जिसका कुछ अंश मिट्टी खा लेती है, कुछ मछलियाँ, कुछ पानी, कुछ आग।

Current Issue

City of Edmonton sued for pulling ‘honour killing’ bus ad

TORONTO – When Edmonton Transit rolled out bus ads reading “Muslim Girls Honor Killed By Their Families,” asking “Is your family threatening you? Is there a fatwa on your head?” it caused complaints of discrimination and racism that resulted in their removal. 631 more words

Canada

Tetchy

Raman and Jhilmil lay desecrated amongst the horde of stones,
Elders of the caste had turned a blind eye,
To this growing love.
Their tetchy… 15 more words

Sexism in Pakistan

by Eddie Mejia

Pakistan follows the rules of a peaceful god to violent ends. According to the most basic teachings of the Islamic faith, a deed is defined as haram if it harms mind, body, soul or society, and is strictly prohibited. 1,043 more words

Pakistan