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Some Interesting facts about Nigeria

  1. Travel Visa was not required to travel to the United Kingdom till 1984.
  2.  In 1976, 75 kobo exchanged for one British Pound and 60 kobo for one US dollar.
  3. 212 more words

Social Network Issues during this month

Worker productivity must have seen a major spike on Wednesday 3 when Facebook suffered a 20-minute outage that affected desktop and mobile users in North America, Europe, and Asia. 392 more words

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Tampa Bay Slice of History

What famous jazz musician was born in Tampa in 1928?

Julian “Cannonball” Adderley. He was inducted into the Jazz Hall of Fame in 1975 shortly after his death.

Interesting Facts

भारत के बारे में रोचक तथ्य (Part XII)

1. पैसों के नोट आम पेपर से नही बने होते। इन्हें बनाने के लिए एक स्पेशल कॉटन और मलमल का मिश्रण लिया जाता है. 1932 में जब नकद धन की कमी हो गई थी तब अमेरीका के टेनिनो शहर में बहुत कम समय के लिए नोट लकडी के बुरादे से बनाए गए थे.

INTERESTING FACTS

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समस्त महाद्वीपों के नाम अंग्रेजी के जिस अक्षर से शुरू होते हैं, उसी अक्षर से खत्म भी होते हैं (America के North और South को छोड़ने पर)। स्वयं देख लीजिए – Asia, Africa, North America, South America, Antarctica, Europe, और Australia। 7 more words

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MATHEMATIC INFO गणित विद्या और शून्य का आविष्कार

सभी यह जानते हैं कि गणित में शून्य और दशमलव का आविष्कार भारत ने किया है किन्तु यह आंशिक सत्य है क्योंकि गणित विद्या का मूल(कारण) वेदों में है जिसमें न केवल शून्य से लेकर ९ तक सभी प्राकृतिक अंको का वर्णन है वरन अंक गणित, बीज गणित और रेखा गणित सभी गणित विद्या के ३ आधार ईश्वर ने हमको दिये हैं। बहुत से लोग यह मानते हैं आर्य भट्ट ने शून्य का या दशमलव का आविष्कार किया था जोकि गलत है क्योंकि यह तो पहले से ही वेदों में है, आर्य भट्ट निश्चित तौर पर एक महान गणितज्ञ थे इसमें कोई सन्देह नहीं है किन्तु प्राकृतिक संख्याओं के निर्माण का विज्ञान मानव ज्ञान से बहार की बात है। मैं यहाँ वेदों के मन्त्र तो नहीं लिख रहा हूँ किन्तु उनमें से उधृत कुछ एक बातों को लिख रहा हूँ प्रमाण के तौर पर।

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भारतीय शिक्षा पद्धति में दंड का वैज्ञानिक महत्त्व -

SCIENCE BEHIND INDIAN SCHOOL PUNISHMENT
“चलो कान पकड़ो और उठक बैठक लगाओ” यह सज़ा मास्टरजी क्यों देते है , ये शायद उन्हें खुद भी नहीं मालुम होगा. आपको ये जानकर हैरानी होगी की ये सज़ा भारत में प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति के समय से चली आ रही है. तब यह सिर्फ उन बच्चों की दी जाती थी जो पढाई में कमज़ोर थे. पर अब हर किसी बच्चे को किसी भी गलती के लिए दे देते है ; क्योंकि उन्हें इसके पीछे का विज्ञान नहीं पता.
हाथ क्रॉस कर कान पकड़ने की मुद्रा ब्रेन के मेमोरी सेल्स की ओर रक्त संचालन में वृद्धि करती है. साथ ही यह ब्रेन के दाए और बाए हिस्से में संतुलन स्थापित कर ब्रेन के कार्य को और बेहतर बनाती है. यह मुद्रा चंचल वृत्ति को शांत भी करती है. कान में मौजूद एक्युप्रेशर के बिंदु नर्व्ज़ के कार्य को सुचारू बनाते है और बुद्धि का विकास करते है. यह मुद्रा ऑटिज्म , एसपर्जर सिंड्रोम , लर्निंग डिसेबिलिटी , बिहेवियर प्रॉब्लम में भी मदद करती है.
आज हम स्मरण शक्ति बढाने वाली इस मुद्रा को भुला चुके है और दुसरी तरह की सज़ा जैसे हेड डाउन , क्लास के बाहर निकालना , अर्थ दंड आदि देते है. पर पश्चिमी देशों में इसका बहुत उपयोग किया जा रहा है| इसे कई बीमारियों में भी करने का परामर्श दिया जा रहा है |
अमेरिका में इसे याद्दास्थ बढाने वाला सुपर पावर योगा कहा गया है |

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