कोई जब राह न पाए, मेरे संग आए के पग पग दीप जलाए, मेरी दोस्ती मेरा प्यार जीवन का यही है दस्तूर प्यार बिना अकेला मजबूर दोस्ती को माने तो सब दुख दूर कोई काहे ठोकर खाए, मेरे संग आए ... दोनो के हैं रूप हज़ा… more →
Amit Sahrawat's Weblogsahrawat wrote 1 year ago: कोई जब राह न पाए, मेरे संग आए के पग पग दीप जलाए, मेरी दोस्ती मेरा प्यार जीवन का यही है दस्तूर प्यार … more →