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Life is a Mirage

The holiday season has snuck upon us. My mind is still back with Halloween and Labor Day weekend. Tomorrow is like a mirage. I cannot be sure it will still be there once I reach it.

तृष्णा

इस धूमिल पथ के जालों से दूर, वन से जाती पगडण्डी थी,
जिस ओर घने बादलों में गुर्राती एक काया बड़ी घमंडी थी,
जिसके मुकुट पे बिजली कि चंचल लहरें मंडराती थी,
जिससे सिंह भीं घबरा बैठे वैसे गान से डराती थी,
जिस पल हमने उसको देखा मन में एक प्रश्न उठा,
ऐसा क्या है उसके बिम्ब में जो इतना वो इतराती थी।

हम निकट गए, तनिक भटक गए, हुआ दिशा का ज्ञान नहीं,
हम देखते रहे दूर तक मगर अंत का कोई निशान नहीं,
कब आयेगा इस वन का छोर, काया वो अब धूमिल लगती है,
पर वेग हवा का अब भी तीव्र और हुंकार घनघोर गरजती है,
हम बिन सोचे अब ध्वनि की ओर, आगे कदम बढाने लगे,
इतने में वन के वृक्ष हमें कोलाहल कर डराने लगे।

हर संकेत था प्रकट प्रबल, प्रवेश निषेध सा मान हुआ,
पर अडिग अचल निश्चय पर हमको भी अभिमान हुआ,
हम आगे बढे और भीषण वर्षा ने हमारा अभिषेक किया,
और थोड़ी ही दूर चले तो तेज हवाओं ने सम्मान किया,
पर मिली नहीं वो भीषण काया कही जिसके लिए हम वन में आये थे,
वहां तो बस टूटे वृक्ष और पानी सी सर्द हवाए थी।

टुटा तूफ़ान मगर टूटे हम भी थे, निराशा में लथपथ धीमे हमारे कदम भी थे,
क्या सोचा था और क्या पाया, इस सोच में ही डूबे ही थे,
तभी दूर, उस पार हमें, कुछ अलग ही मंज़र नज़र आया,
जहाँ हमारी बगिया थी वहाँ एक ठूठ नज़र आया,
जब पास आये हम उसके तो आखों में पानी भर आया,
जहाँ कभी था घर मेरा, अब बस बंजर नज़र आया।

जिस वेग की तृष्णा में हमने वन को भेद डाला था,
उस काल के सागर का मेरा घर ही निवाला था,
किस्मत से उस वन ने मुझे इस प्रकोप से बचाया था,
न जाने की कुदरत ने ये कैसा खेल रचाया था।

Memory Palace

DEDICATIONS

(Loose translation of the original in Bangla (Utshargo/7) by Rabindranth Thakur)

Manic, I run through the woods
like a deer crazed
by the musk it carries. 175 more words

Free Chromatics, Glass Candy and more!

Johnny Jewel, the man behind Glass Candy, The Chromatics, and others, has been on a rampage of Soundcloud posts as of late, tearing through his prolific production catalog and offering it up for free. 11 more words

Music