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Why The Beale Pamphlet Was Written

As some of you know the Beale Pamphlet mystery has been a long pet-project of mine. I guess for me it all began as a means of entertaining myself through those long and sometimes brutal Indiana winters when I wasn’t out actually pursuing treasure. 1,066 more words

Current Research

ISIS Releases Horrifying Sex Slave Pamphlet, Justifies Child Rape

Link to article.

The Islamic State militant group has released a guide to the capture, punishment and rape of female non-believers. It outlines how to use them as their sex slaves and also justifies child rape. 500 more words

News

बाबरी मस्जिद का फिर से निर्माण करो! हिंदुत्व फासीवाद को ध्वस्त करो

 

22 साल पहले जिस तरह बाबरी मसजिद को ढहाकर देश की हिंदुत्ववादी फासीवादी ताकतों ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों का एक सिलसिला शुरू किया था, वह न तो नया था और न ही आखिरी। हमने देखा है कि कैसे सांप्रदायिक हमले लगातार बढ़ रहे हैं। गुजरात से लेकर धुले, भरतपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, गोरखपुर, कंधमाल और अभी हाल ही में बवाना से लेकर त्रिलोकपुरी तक – यह सिलसिला लगातार जारी है। साम्राज्यवाद की चाकरी करने वाली, इस ब्राह्मणवादी शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष में मुसलमानों (व अन्य अल्पसंख्यकों) की स्वाभाविक सहयोगी दलित जातियां हैं लेकिन उन्हीं के जरिए फासीवादी ताकतें मुसलमानों पर हमले कर रही हैं (यही फासीवादी ताकतें दूसरे इलाकों में पिछड़ी जातियों द्वारा दलितों के खिलाफ हिंसक हमले अंजाम दे रही हैं)। बाबासाहेब आंबेडकर (6 दिसंबर जिनका महापरिनिर्वाण दिवस भी है) के जातियों के उन्मूलन के एजेंडे और दलितों के लिए हिंदूवाद से मुक्त होने के आह्वान को उलट दिया गया है और दलित जातियों के हिंदूकरण की प्रक्रिया तेज हुई है। शिक्षा और संस्कृति का भगवाकरण एक नए दौर में है। जनता के सबसे दमित और शोषित तबकों को एक दूसरे के खिलाफ लड़ाया जा रहा है। एक ऐसे देश में जहां सरकारें और मीडिया अपने संविधान, लोकतंत्र और संसद का गुणगान करते नहीं थकते, उसी देश में सरेआम एक फासीवादी संगठन और राज्य व्यवस्था के तालमेल के साथ एक मस्जिद का तोड़ दिया जाना दिखाता है कि इस मुल्क को चला रही व्यवस्था एक फासीवादी व्यवस्था है। 1947 के सत्ता हस्तांतरण के बाद से ही अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ साथ मुसलमान देश में उत्पीड़ित और वंचित समुदायों में से रहे हैं। बाबरी मस्जिद का मामला इसकी खुली मिसाल है। पहले तो मस्जिद को मुस्लिम तबके से छीन लिया गया, फिर बाद में अदालत ने कानूनी रूप से मंदिर बनाने के लिए उस जमीन को मस्जिद तोड़नेवाली ताकतों को ही सौंप देने का फैसला सुनाया। इसलिए, आज जब हम 6 दिसंबर को याद करते हैं तो हमें यह बात पूरी मजबूती और संकल्प के साथ दोहरानी होगी कि बाबरी मस्जिद के मामले में इंसाफ का तकाजा है कि मस्जिद को फिर से बनाया जाए। यह सिर्फ एक समुदाय के प्रार्थनास्थल को बहाल किए जाने का सवाल भर नहीं है, बल्कि यह हमारे देश में सामंती, ब्राह्मणवादी हिंदुत्ववादी फासीवाद के खिलाफ लड़ाई का हिस्सा है। अपने गीतों, नाटकों और कविताओं के जरिए इस यकीन को पुख्ता बनाने के लिए हम एक बार फिर से आपके बीच में हैं, कि इस अंधेरे वक्त में, भारी दमन के बावजूद इंसाफ को और जनवाद को इस देश में एक ठोस हकीकत बनाने के लिए लड़ रही जनता की आवाज और भी बुलंद, और भी तेज होगी। और उत्पीड़ित जनता का संघर्ष ही इस हिंदुत्व फासीवाद को ध्वस्त करेगा।

फासीवाद के खिलाफ सांस्कृतिक प्रतिरोध की एक शाम
6 दिसंबर, शाम 6 बजे
केंद्रीय विद्यालय ग्राउंड

नाटक – गुरुजी गोल गंगोल
जागृति निर्माण मंच

प्रतिरोध के गीत
जसम, अनटचेबल इंडिया
आरसीएफ व अन्य

कविता पाठ – कविता 16 मई के बाद
मंगलेश डबराल, असद जैदी, विमल कुमार, विष्णु नागर, अभिषेक श्रीवास्तव, मिथिलेश श्रीवास्तव, प्रियदर्शन, रंजीत वर्मा, पाणिनी आनंद, नवीन, राजेश चंद्रा, अंजनी कुमार, अर्जुमंद आरा, रशेल पिंटो, सौरभ, ध्रुपदी, नंदिनी चंद्रा व अन्य

Cultural Resistance

Dorothy Lehane's Places of Articulation (Dancing Girl Press, 2014)

http://dulcetshop.ecrater.com/p/20993248/places-of-articulation-dorothy-lehane

Hot on the heels of her debut collection, Ephemeris (Nine Arches Press, 2014), Dorothy Lehane’s Places of Articulation (Dancing Girl Press) continues her exploration of the physiological body by looking at various neurological conditions that effect speech. 368 more words

English Poetry

#REVIEW: Jay #Sizemore's "Father Figures" by @poplarist for #TheLake #poetry

Jay Sizemore, Father Figures, Crow Hollow Books, 2014, 48pp. ISBN 978-1500589530. $9.00 

Read my latest review in The Lake – contemporary poetry webzine – December14.

Poetry

The Making of An Appendix of Illustrations

In May 2014, I published and the floor was always lava as a part of my final fulfillment of my Master in Fine Arts (MFA) degree. 1,356 more words

Books And Publications

Kelvin Corcoran's Radio Archilochos (Marquette Press 2014)

The shadowy background to this carefully judged sequence of poems by Kelvin Corcoran is provided by both the Greek lyric poet Archilochus, from the seventh century B.C., and the Aegean island of Paros on which he possibly lived and died in battle with the men from Naxos: 481 more words

English Poetry