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Chinese Fool's Gold

“You can fool some people some times but you can’t fool all the people all the time.”
—Bob Marley

I got in a heated argument with a friend of mine recently on the topic of China. 1,485 more words

Financial

Fringe Factor: 'Gaystapo' Claims Its Latest 'Victim' - The Daily Beast

Again people who do the deed, who hurt others, who are the aggressors and the ones doing the action, then claim to be the victim.   I get tired of this.   475 more words

News

Impeach Obama? How would you vote - and why?

Like all of you other political junkies, I’ve been reading a lot of articles and comments about impeachment – it seems they’re everywhere lately.

I’ve absorbed the pros and cons and mulled them in my own mind and come to my own personal conclusion – which I’ll reveal later. 969 more words

Political

हैप्पी पोलिटिकल ईद !!


बहुसंख्यकवाद…- आखिर क्या है ये बला!?
विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनावी गणित का लेखा जोखा तय करने वाला यह कारक शब्दमात्र तो कतई नहीं हो सकता क्यूंकि अगर आप भारतीय हैं तो आपको ये जानके हैरानी बिलकुल भी नहीं होगी कि कैसे एक पोलिटिकल पार्टी महंगाई, भुखमरी, करप्शन इत्यादि जैसे ‘ट्रिवियल‘ इश्यूस से उठकर सिर्फ और सिर्फ सेकुलरिज्म के नाम पर पिछले 65 वर्षो से सत्ता में काबिज़ रही है।
कांग्रेस सेक्युलर है तो भाजपा घोर साम्प्रदायिक । और हों भी क्यूँ ना! ..  अरे भई कांग्रेसी टोपी पहनते हैं, एंटी कम्युनल बिल के भी ताबीरी हैं … और तो और इशरत जहान को गोद लेने की होड़ में भी सबसे आगे – महिला सशक्तिकरण का इससे बेहतर कोई और उदाहरण हो सकता है क्या भला !
एंटी क्मुनल बिल (अल्पसंख्यको को 7 खून माफ़ करने की स्पेशल पॉवर) जहाँ हर हाथ शक्ति,हर हाथ तरक्की का अनूठा उदहारण पेश करता है तो वहीँ दूसरी तरफ साहरनपुर के सिखो को धता देते हुए बड़ी शान से एक ख़ास समुदाय के लोगो के लिए समर्पित है।
अब एक बात बताइए सहारनपुर वाले केस में अल्पसंख्यक कौन ? – ‘”सेकंड लार्जेस्ट मेजोरिटी” वाले अल्पसंख्यक शांतिदूत या फिर सिख लोग!!?
अगर आपका जवाब सिख है तो आप न सिर्फ गलत है बल्कि घोर साम्प्रदायिक भी है।
देखा जाये तो सिख माइनॉरिटी हैं ही नहीं – गौरतलब हो की सवा लाख के बराबर का एक शख्स माइनॉरिटी कैसे हो सकता है। वैसे भी ये राष्ट्रवादी हैं, स्वाभिमानी हैं .. और तो और वंदेमातर भी बोलते हैं … राम राम राम ! घोर कम्युनल … ये तो अनर्थ हो गया; इन्हें दंड तो मिलना ही चाहिए। वैसे भी जब सरकार ‘;अखिलेश‘; हो तो ज़िन्दगी ‘;उत्तर प्रदेश‘; बन ही जाती है।

 

-“… लेकिन यार ताली कभी एक हाथ से थोड़े ही बजती है।” 
- ” भाई ताली अभी बजी ही कहाँ है। कमज़ोर के मुह पर तमचा लगा है.. बस उसी की आवाज़ है। ताली ढंग से बजे तो सही…!”
-“एनीवे फॉरगेट साहरनपुर, प्रे फॉर गाजा।“
“क्यूँ भई?”
-” यू नो व्हाट, इट्स कूल। देटस आल फॉर ह्यूमैनिटी ढूढ। आफ्टरआल यू आर अन एजुकेटेड गाए। लेट्स बे सेक्युलर…….।“

 

… आज ईद है – विश्व के बड़े उत्सवो में से एक । ईद जहाँ एक तरफ हमें क़ुरबानी( किसकी, ये पता नहीं!), शांति और भाईचारे का त्यौहार है। आइये ऐसे पावन मौके पर हम इस पर्व के सही मायनो को अमलीजामा पहनाये। विश्व को शांति का सन्देश दें। याद रखिये जो सहारनपुर में हुआ वो भी गलत है और जो बाहर कहीं भी हो रहा है वो भी अस्वीकार्य है। बहरहाल ईद की सभी को शुभकामनाएं।
जय हिन्द!

 

How Not To Do Political Graffiti

While walking my granddads dog on a local farm a few days back I paused for a second to read some of the graffiti strewn around one of the tunnels which cuts under the road. 485 more words

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