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ऐ दिल कहाँ तेरी मंज़िल - Aye Dil Kahan Teri Manjil

फ़िल्मः माया (1961)
गायक/गायिकाः द्विजेन मुखर्जी
संगीतकारः सलिल चौधरी
गीतकारः मज़रूह सुल्तानपुरी
कलाकारः देवानंद

ऐ दिल कहाँ तेरि मंज़िल
ना कोई दीपक है ना कोई तारा है
गुम है ज़मीं दूर आसमाँ
ऐ दिल कहाँ तेरि मंज़िल

ढल गये नादाँ वो आँचल के साये
रह गये रस्ते में अपने पराये
रह गये अपने पराये
साथी भी छूटा बन्धन भी टूटा
ना हमसफ़र ना कारवाँ
ऐ दिल कहाँ तेरी मंज़िल …

किस लिये मिल मिल के दिल छुटते हैं
किस लिये बन बन महल टूटते हैं
किस लिये दिल टूटते हैं
पत्थर से पूछा शीशे से पूछा
ख़ामोश है सब कि ज़बाँ
ऐ दिल कहाँ तेरी मंज़िल …

Solo Song

रात ने क्या-क्या ख्वाब दिखाये - Raat Ne Kya-kya Khwab Dikhaye

फ़िल्मः एक गांव की कहानी (1957)
गायक/गायिकाः तलत महमूद
संगीतकारः सलिल चौधरी
गीतकारः शकील बदायुंनी
कलाकारः तलत महमूद

रात ने क्या-क्या ख्वाब दिखाये
रंग भरे सौ जाल बिछाये
आँखें खुली तो सपने टूटे
रह गये ग़म के काले साये
रात ने …

ओ … (हम ने तो चाहा भूल भी जायें
वो अफ़साना क्यों दोहरायें ) – २
दिल रह रह के याद दिलाये
रात ने क्या क्या …

(दिल में दिल का दर्द छुपाये
चलो जहां क़िस्मत ले जाये ) – २
दुनिया परायी लोग पराये
रात ने क्या क्या …

Solo Song

झूमे रे नीला अम्बर झूमे - Jhume Re Nila Ambar Jhume

फ़िल्मः एक गांव की कहानी (1957)
गायक/गायिकाः तलत महमूद
संगीतकारः सलिल चौधरी
गीतकारः शैलेंद्र
कलाकारः

झूमे रे, नीला अम्बर झूमे, धरती को चूमे रे
तुम को याद करके, मेरा दिल भी झूमे

किसके इशारे मुझको यहाँ ले आए
किसकी हँसी ने राह में फूल खिलाए
अम्बर की डाली डाली, गाए कोयल प्यारी
मेरा दिल भी झूमे
झूमे रे, नीला अम्बर झूमे, धरती को चूमे रे

ऐसे में जो मिलता हो बांहों का सहारा
और मचल उठता ये नदी का किनारा
नदिया का पानी सुनता, प्यार की कहानी
मेरा दिल भी झूमे
झूमे रे, नीला अम्बर झूमे, धरती को चूमे रे

Solo Song

आहा रिमझिम के ये प्यारे प्यारे गीत लिए - Aaha Rimjhim Ke Ye Pyare-pyare Geet Liye

फ़िल्मः उसने कहा था (1960)
गायक/गायिकाः तलत महमूद, लता मंगेशकर
संगीतकारः सलिल चौधरी
गीतकारः शैलेंद्र
कलाकारः सुनील दत्त, नंदा

आहा रिमझिम के ये प्यारे प्यारे गीत लिए
आई रात सुहानी देखो प्रीत लिए
मीत मेरे सुनो ज़रा हवा कहे क्या, आ …
सुनो तो ज़रा, झींगर बोले चीकीमीकी चीकीमीकी
रिमझिम के ये प्यारे प्यारे गीत लिए

(खोई सी भीगी भीगी रात झूमे
आँखों में सपनो की बारात झूमे ) – २
दिल की ये दुनिया आज बादलों के साथ झूमे
आहा रिमझिम के ये …

(आ जाओ दिल में बसा लूँ तुम्हें
नैनों का कजरा बना लूँ तुम्हें ) – २
जालिम ज़माने की निगाहों से छुपा लूँ तुम्हें
आहा रिमझिम के ये …

(हाथों में तेरे मेरा हाथ रहे
दिल से जो निकली है वो बात रहे ) – २
मेरा तुम्हारा सारी ज़िन्दगी का साथ रहे
आहा रिमझिम के ये …

Talat Mahmood

आँसू समझ के क्यों मुझे - Aansu Samajh Ke Kyon Mujhe

फ़िल्मः छाया (1961)
गायक/गायिकाः तलत महमूद
संगीतकारः सलिल चौधरी
गीतकारः राजेंद्र कृष्ण
कलाकारः सुनील दत्त, आशा पारेख

आँसू समझ के क्यों मुझे आँख से तूने गिरा दिया
मोती किसी के प्यार का मिट्टी में क्यों मिला दिया
आँसू समझ के क्यों मुझे

जो ना चमन में खिल सका मैं वो गरीब फूल हूँ
जो कुछ भी हूँ बहार की छोटी सी एक भूल हूँ
जिस ने खिला के खुद मुझे, खुद ही मुझे भुला दिया
आँसू समझ के क्यों मुझे

मेरी ख़ता मुआफ़ मैं भूले से आ गया यहाँ
वरना मुझे भी है खबर मेरा नहीं है ये जहाँ
डूब चला था नींद में अच्छा किया जगा दिया
आँसू समझ के क्यों मुझे

नग़्मा हूँ कब मगर मुझे अपने पे कोई नाज़ था -२
गाया गया हूँ जिस पे मैं टूटा हुआ वो साज़ था
जिस ने सुना वो हँस दिया, हँस के मुझे रुला दिया
आँसू समझ के क्योँ मुझे …

Solo Song

आँखों में मस्ती शराब की - Aankhon Men Masti Sharab Ki

फ़िल्मः छाया (1961)
गायक/गायिकाः तलत महमूद
संगीतकारः सलिल चौधरी
गीतकारः राजेंद्र कृष्ण
कलाकारः सुनील दत्त, आशा पारेख

आँखों में मस्ती शराब की
काली ज़ुल्फ़ों में आँहें शबाब की
जाने आई कहाँ से टूटके
मेरे दामन में पंखुड़ी गुलाब की
हाए, आँखों…

चांद का टुकड़ा कहूँ या, हुस्न की दुनिया कहूँ
प्रीत की सरगम कहूँ या, प्यार का सपना कहूँ
सोचता हूँ, क्या कहूँ, सोचता हूँ, क्या कहूँ
इस शोख़ को मैं क्या कहूँ
आँखों…

चाल कहती है न हो, पहली घटा बरसात की
हर अदा अपनी जगह, तारीफ़ हो किस बात की
आरज़ू कितने दिनों से, आरज़ू कितने दिनों से
थी हमें इस रात की
आँखों…

Talat Mahmood

इतना न मुझसे तू प्यार बढ़ा - Itna Na Mujhse Tu Pyar Badha

फ़िल्मः छाया (1961)
गायक/गायिकाः तलत महमूद, लता मंगेशकर
संगीतकारः सलिल चौधरी
गीतकारः राजेंद्र कृष्ण
कलाकारः सुनील दत्त, आशा पारेख

इतना न मुझसे तू प्यार बढ़ा
के मैं एक बादल आवारा
कैसे किसी का सहारा बनूँ
के मैं खुद बेघर बेचारा
इतना न…

मुझे एक जगह आराम नहीं
रुक जाना मेरा काम नहीं
मेरा साथ कहाँ तक दोगी तुम
मै देश विदेश का बंजारा

इस लिये तुझसे प्यार करूं
के तू एक बादल आवारा
जनम जनम से हूँ साथ तेरे
के नाम मेरा जल की धारा

ओ नील गगन के दीवाने
तू प्यार न मेरा पहचाने
मैं तब तक साथ चलूँ तेरे
जब तक न कहे तू मैं हारा

क्यूँ प्यार में तू नादान बने
इक बादल का अरमान बने
मेरा साथ कहाँ तक दोगी तुम
मैं देस-बिदेस का बंजारा
इतना न…

मदहोश हमेशा रहता हूँ
खामोश हूँ कब कुछ कहता हूँ
कोई क्या जाने मेरे सीने में
है बिजली का भी अंगारा

अरमान था गुलशन पर बरसूँ
एक शोख के दामन पर बरसूँ
अफ़सोस जली मिट्टी पे मुझे
तक़दीर ने मेरी दे मारा
इतना न…

Talat Mahmood