एक औरत सड़क पर गोद में अपने बच्चे को लेकर रोए जा रही थी, तभी वहां से संता गुज़र रहा था। संता ने उसके रोने का कारण पूछा। औरत बोली, “बच्चा बहुत बीमार है और दवा के लिए पैसे नहीं हैं।” संता ने जेब से 1000 का नोट दिया और कहा कि जाओ जाकर दवाई ले आओ और बच्चे के लिए कुछ खाना और दूध भी ले लेना, बाकी जो बचे मुझे लाकर लौटा देना मैं यहीं खडा हूँ। थोड़ी देर बाद औरत आई और 800 रूपए लौटाती हुई बोली कि 100 रुपए डॉक्टर ने लिए, 60 रुपए का खाना और 40 रुपये का दूध आया है। संता बहुत खुश हुआ और सोचने लगा कि ‘नेकी कभी बेकार नहीं जाती। डाक्टर को फीस भी मिल गई, बच्चे को दवा, दूध और खाना भी मिल गया। . . . . . . . . और मेरा नकली नोट भी चल गया।