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राहत 

अधखुली आंखों से उसे दीनू की बदहवास सूरत नजर आ रही थी .. उसका काला चेहरा तमतमा रहा था और आंखें एकटक सामने तनी हुई थी | किसी कांच के नाजुक सामान की तरह उसे बांहों में उठाए वो एक एक कदम दृढ़ता से गली के बाहर की तरफ उठा रहा था जहाँ कि एम्बुलेंस आने वाली थी | लेकिन उसकी आंखों ने तो जैसे एक आदत पाल ली थी दीनू के अक्स को देखते ही क्रोध करने की ..

कहानी

कबाड़ी जिंदा होता तो और खुश होते

आज रविवार है। घड़ी की सुइयां चलते हुए आवाज़ करती है। इनकी टिक-टिक के अलावा, मनीपुर गांव में आज शांति है। 8 more words

Tales Of Moneypur

जिंदगी के रंग 24 - जंग

जंग अक्सर अपनों अौर करीबियों से लङी जाती हैं

महाभारत की कहानी में सुना था,

यही सच भी है……….

अब जिंदगी  के चक्रव्यूह से  जाना भी है ।

Life

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा !

​विस्फोटकों के डर से,

सेना हटती नहीं हमारी!


अरि दल की  साजिशों से ,

गति रुकती नहीं हमारी!

अवशेष ,संस्कृति से ,

दृष्टि हटती नहीं हमारी !

अपवाद बंदिशों से ,

छवि डिगती नहीं हमारी !

कुछ खास है हममें ,

की हस्ती मिटती नहीं हमारी !

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा ||



आदर्श देख इसके 

लोग सुदूर से आते हैं ,

विचार देख इसके,

चकित रह जाते हैं!

सत्कार देख यहां का,

वो यहीं  बस जाते हैं !

आलोचकों के इरादे सब ,

धरे के धरे रह जाते हैं ||



कोशिश हजार कर लो ,

बंदिश लगा के धर लो !

कसमें लगा लो जितनी ,

ताकत लगा लो जितनी !

मुँह एक साथ खोलेंगे ,

फिर एक स्वर में बोलेंगे –

“आसानी से मिटा दोगे,

हस्ती इतनी छोटी नहीं हमारी !

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तान हमारा” ||



कितने भी जाति , धर्म 

और प्रान्त बना लो ,

छल-प्रपंच सारे तुम लगा लो !

सब अपने अपने गुट बना लो ,

फिर सज्जनों में फूट डालो!

चाहे धर्म की तुम लड़ाईयां लड़ा लो ,

फिर हवाओं में जादू डोलेगा,

देशप्रेम का अमृत घोलेगा !

हर युवा शान से बोलेगा –

“सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा” ||



स्वतंत्रता के रंग में,

ध्वज देख कर गगन में !

सीना  गर्व से चौड़ता है ,

रक्तचाप तेजी से दौड़ता है!

रेशे चढ़ जाते हैं मेरे ,

कलाइयों और हाथों के!

ह्रदय तेज से धड़कता है,

हर एक अंग फडकता !

और मन कामनाओं में डूबा

की यहाँ जन्म हो दोबारा ,

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा ||



भूतल  के  अंक में  ,

गढ़ा है तिरंगा प्यारा !

समतल से प्रांगण में ,

रहे स्वाभिमान हमारा !

उन्नति के प्रयास हों ,

ये ध्येय रहे हमारा !

हस्ती यूं हीं जीवित रहे ,

उद्देश्य ये हमारा !

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा ||

जय हिंद, जय भारत !


आप मेरी इस कविता को मेरी आवाज में सुनना ना भूलें 

लिंक



©Confused Thoughts

शुभांकर

ये थोड़ा बेवकूफाना है मगर आप अपने विचार इस लिंक पर दे सकते हैं 😀

Kavita

उजाला

दुनिया की सबसे झूठी लड़की जब सपने में आती है तो शहर से दूर खाली पड़े जमीनों में पत्थरों के बीज जिंदा हो जाते है। ये वो पत्थर होते है जिन्हें सपनों की दुनिया से दूर रहने वाली सच्ची लड़कियां कागज पर अपने प्रेमी का नाम लिखने के बाद इन पत्थरों से लपेट कर कहीं दूर फेंक देती है। इन कागजों पर चिपका प्रेम इन पत्थरों को जिंदा कर देता है। ये पत्थर धीरे-धीरे अंकुरित होते है और दीवार की शक्लों में उगने लगते है। ये पत्थर किसी शहद में डूबे वायलिन की आवाज को चूमते हुए आहिस्ता आहिस्ता इमारतों, घरो और सड़कों के रूप में उगते है। धीर-धीरे जब रात की गीली खामोशी करवटें बदलती है तब इनमे अपनी ज़िंदगी से उकता गए लोग यहाँ डेरा जमाते हैं। इन सड़कों पर गाड़ियाँ नशे में झूमती हुई चलती है। लोग इन गाड़ियों से ठोकर लगने के बाद जब मरते हैं तो ख़ुद को गाली देकर बहुत देर तक हँसते है।

आहिस्ता-आहिस्ता उग रही इन इमारतों के किसी कोने में वो भी है। वो सपने वाली लड़की। वो दुनिया की सबसे झूठी लड़की। दुनिया की सबसे झूठी लड़की खिड़की को चूम कर कोई गीत गुनगुनाती है। दुनिया का सबसे बदसूरत लड़का उस अंधेरे सपने में कहानियाँ लिखता है। उसे शायद नही पता की अंधेरे में लिखी जाने वाली कहानियों के किरदारों को अँधेरा पसंद नही है। पर उस झूठी लड़की को पता है की कहानियों के बीच अंधेरे कितने डरावने होते हैं शायद इसलिए दुनिया की सबसे झूठी खिड़की से हाथ बढा एक तारा चुरा कर चूम लेती है। लड़की जलती है और कमरे में ढेर सारा उजाला फैल जाता है।

लड़का उस रौशनी मे दुनिया की सबसे उजली कहानी लिख देना चाहता है और लिखता रहता है। लड़की कहानी से अँधेरा दूर कर देना चाहती है इसलिए मोमबत्ती की तरह जलती रहती है। लड़का लड़की को खोना नही चाहता है इसलिए मोमबत्ती बनी उस लड़की से थोड़ा सा मोम चुराकर अपनी जेब में रख लेता है। उसे अब यक़ीन है की अब उसकी जेबें पैसों से भर जाएँगी पर उसकी जेबें चिल्लाती हैं। तुम्हारी कहानी में अब भी अँधेरा है। तुम्हारी कहानी में अब भी अँधेरा है। उस शोर में इतनी तपिश होती है की दुनिया के सबसे बदसूरत लड़के की जेब जलने लगती है। वो चींखता है। बहुत ज़ोर से चिल्लाता है। उसका सपना टूट जाता है।

दुनिया के सबसे बदसूरत लड़के के कमरे में एक झूठी लड़की की एक तस्वीर है। मेज़ पर एक अधूरी लिखी किताब है। अख़बार का एक पुराना पन्ना है जिसमें किसी शहर के जलने की बात लिखी गयी है और एक आइना है जिसमें सिर्फ़ जले हुए चेहरे दिखते हैं।

Hindi Story

दादी बुंदिया

आज कॉलेज जाने को घर से जल्दी निकला था। रोज-रोज आशीष कहा है, कहा है की रट लगाए फ़ोन करता रहता था। आज उसे ये मौका ना देना था। 8 more words

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