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Al Asma Ul Husna – 99 Beautiful Names of Allah in Hindi

अल्लाह الله 1 या रहमान ए बेहद रहम करने वाले الرَّحْمَنُ 2 या रहीम ए बड़े महेरबान الرَّحِيمُ 3 या मालिक इ हकीकी बादशाह المَلِكُ 4 या कुददुस ए बुराई से पाक ज़ात القُدُّوسُ 5 या सलाम ए बे ऐब ज़ात السَّلامُ 6 या मुअमिन ए अमनो ईमान देनेवाले المُؤْمِنُ 7 या मुह्यमिन ए हिफाज़त करने वाले المُهَيْمِنُ 8 या अज़ीज़ ए सब पर ग़ालिब العَزِيزُ 9 या जब्बार ए सबसे ज़बरदस्त الجَبَّارُ 10 या मुतकब्बिर ए बड़ाई और बुज़ुर्गी वाले المُتَكَبِّرُ 11 या खालिक ए पैदा करने वाले الخَالِقُ 12 या बारीक़ ए जान डालने वाले البَارِئُ 13 या मुसव्विर ए सूरत देनेवाले المُصَوِّرُ 14 या गफ्फार ए दरगुज़र और पर्दापोसी करने वाले الغَفَّارُ 15 या कहहार ए सबको अपने काबुमे रखने वाले القَهَّارُ 16 या वह्हाब ए सबकुछ अता  करने वाले الوَهَّابُ 17 या रज़्ज़ाक ए बहोत बड़े रोज़ी देने वाले الرَّزَّاقُ 18 या फत्ताह ए बोहोत बड़े मुस्किलकुशा الفَتَّاحُ 19 या अलीम ए बोहोत बड़े इल्म देने वाले العَلِيمُ 20 या काबिज़ ए रोज़ी तंग करने वाले الْقَابِضُ 21 या बासित ए रोज़ी फराख करने वाले الْبَاسِطُ 22 या खाफिद ए पस्त  करदेने वाले الخَافِضُ 23 या राफी ए बलंद करदेने वाले الرَّافِعُ 24 या मोइज़्ज़ ए इज़्ज़त देने वाले المُعِزُّ 25 या मोजिल ए जिल्लत देनेवाले المُذِلُّ 26 या समीअ ए सबकुछ सुनने वाले السَّمِيعُ 27 या बसीर ए सबकुछ देखने वाले البَصِيرُ 28 या हकम ए हाकिमे मुतलत الحَكَمُ 29 या अदल ए इन्साफ करने वाले العَدْلُ 30 या लतीफ़ ए बड़े लुत्फ़ो करम करने वाले اللَّطِيفُ 31 या खबिर ए बाख़बर और आगाह الخَبِيرُ 32 या हलीम ए सबसे बड़े बुज़ुर्ग الحَلِيْمُ 33 या अज़ीम ए सबसे शानदार العَظِيمُ 34 या गफूर ए बोहोत बख्सनेवाले الغَفُورُ 35 या सकुर ए कदरदान الشَّكُورُ 36 या अली ए बोहोत बलन्द العَلِيُّ 37 या कबीर इ बोहोत बड़े الكَبِيرُ 38 या हाफिज ए सबके मुहाफ़िज़ الحَفِيظُ 39 या मुकित ए सबको पोषने वाले المُقِيتُ 40 या हसीब ए सबके लिए किफ़ायत करने वाले الحَسِيبُ 41 या झलील ए बोहोत बड़े और बलन्द मर्तबे वाले الجَلِيلُ 42 या करीम ए बोहोत करम करने वाले الكَرِيمُ 43 या रकीब ए बड़े निगेहबान الرَّقِيبُ 44 या मुजीब ए दुआए सुनने और कुबूल करने वाले المُجِيبُ 45 या वासी ए सब समझने वाले الوَاسِعُ 46 या हकिम ए बड़ी हिकमतो वाले الحَكِيمُ 47 या वदूद ए बड़े मुहब्बत करने वाले الوَدُودُ 48 या मजीद ए बड़े आलीशान الْمَجِيدُ 49 या बाइस ए मुर्दोंको ज़िंदा करने वाले البَاعِثُ 50 या सहिद ए हज़िरो नज़ीर الشَّهِيدُ 51 या हक़्क़ ए बारहकको बरक़रार الحَقُّ 52 या वकील ए बड़े करसाज़ الوَكِيلُ 53 या कवी ए बड़ी ताकतों कुव्वत वाले القَوِيُّ 54 या मतीन ए सदीद कुव्वत वाले المَتِينُ 55 या वली ए मददगार और हिमायती الوَلِيُّ 56 या हामिद ए लायके तारीफ الحَمِيدُ 57 या मुहसी ए अपने इल्म और सुमार में रखने वाले المُحْسِيُ 58 या मुबदी ए पहलीबार पैदा करने वाले المُبْدِئُ 59 या मुइद ए दोबारा पैदा करने वाले المُعِيدُ 60 या मुहयी ए ज़िन्दगी देने वाले المُحْيِىْ 61 या मुमीत ए मौत देने वाले المُمِيتُ 62 या हय्य ए हमेशा हमेशा ज़िंदा रहने वाले الحَيُّ 63 या कय्यूम ए सबको कायम रखने वाले और सँभालने वाले القَيُّومُ 64 या वाजिद ए हर चीज़ को पाने वाले الوَاجِدُ 65 या माजिद ए बुज़ुर्गी और बड़ाई वाले الْمَاجِدُ 66 या वाहिद ए सिर्फ एक الوَاحِدُ 67 या अहद ए अकेले الأَحَدُ 68 या समद ए बेनियाज़ الصَّمَدُ 69 या कादीर ए कुदरत वाले القَدِيرُ 70 या मुक्तदीर ए पूरी मुक़्तदर रखने वाले المُقْتَادِرُ 71 या मुकद्दिम ए पहले और आगे काने वाले المُقَدِّمُ 72 या मुअख्खिर ए पीछे और बादमे रखने वाले المُؤِّخِرُ 73 या अव्वल ए सबसे पहले الأَوَّلُ 74 या आखिर ए सबके बाद الآخِرُ 75 या ज़ाहिर ए ज़ाहिर करने वाले الظَّاهِرُ 76 या बातिन ए छुपाने वाले البَاطِنُ 77 या वली ए मुतवल्ली और मुतसर्रिफ़ الوَلِيُّ 78 या मुतआली ए सबसे बलन्द ओ बरकत المُتَعَالُ 79 या बर्र ए बड़ा अच्छा सुलूक करने वाले البَرٌّ 80 या तव्वाब ए बोहोत ज़्यादा तौबा कुबूल करने वाले التَّوَّابُ 81 या मुन्तक़िम ए बदला लेने वाले المُنْتَقِمُ 82 या अफुव ए बोहोत ज़्यादा माफ़ करने वाले العَفُوُّ 83 या रउफ ए बोहोत बड़े महेरबान الرَّءُوفُ 84 या मलिकुल मुल्क ए मुल्कों के मालिक المَالِكُالْمُلْكِ 85 या जलजलाली वल्इकराम ए अज़्मतों ज़लाल और इनामों इकराम वाले يَاَذُوالْجَالَالِوَالْاِكرَامِ 86 या मुकसित ए अदलो इंसाफ कायम करने वाले المُقْسِطُ 87 या जामी ए सबको जमा करने वाले الجَمِعُ 88 या गनी ​ए बेनीयाजो बे परवाह الغَنِيُّ 89 या मुग़नी ​​ए बेनीयाजो​ गनी बनादेने वाले المُغْنِيْ 90 या मानि ए रोकदेने वाले الْمَانِعُ 91 या अददार ​ए जरर​ पहोचाने वाले يَاَ​لضَّارُّ 92 या नाफ़ी ए नफा पहोचाने वाले. النَّافِعُ 93 या नुर ए नुर النُّوْرُ 94 या हदी ए सीधा रास्ता दीखाने वाले الهَادِىْ 95 या बदी ए बेमिसाल चिज़ोंको एज़ाद करने वाले البَادِيْعُ 96 या बाकी ए हमेशा हमेशा बाकि रहने वाले البَاقِىْ 97 या वारिस ए सबके बाद मौजूद रहने वाले الوَارِثُ 98 या रशीद ए रास्ती और नेकोई पसंद करने वाले يَاَلرَّشِيْدُ 99 या सबुर ए बड़े सब्रो तहम्मुल वाले يَاَلصَّبُورُ

Spring in Vancouver

There are those who are said to *know* God, who we call ‘a’rifeen-billah’ (=those who *know* God). Of course it is not possible to ever *know* God according to Muslim theology, at least not in this realm (what will happen in the next realm Muslim theologians prefer not to talk about as it delves into the area of speculative knowledge. 389 more words

Interfaith

Allah's Beautiful Names: 99 or More? (Hadith No. 2392)

Bismillah.

Ahadith 2389 – 2391 (below) are repeats. See linked text for related posts.

Take a DEEP breath, this one is quite long! Probably the longest so far.. 4,857 more words

ILook

You're There For Me

Imaginary Friend
by Ben Huberman
Many of us had imaginary friends as young children. If your imaginary friend grew up alongside you, what would his/her/its life be like today? 147 more words

Daily Prompts, Topic Ideas

How much Allah loves us

Assalamu alaikum wa rahmatullahi wa baraktu,

HERE is something that will warm your heart & make you grow in love for Allah who is Al-Wadud… 27 more words

Islam