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Who, Where, What, When, How

Hi, I’m Lorayne. I’ve started this blog/website as somewhere to show my projects, talk about essential oils and generally chat away!

I’ll start with a little bit about myself. 119 more words

Aunty

Auntying

I have 8 niblings (not counting my friends kids that I think of as niblings) with another nibling planning to arrive later this year. I love being an Aunty and take my aunty role seriously – anything is acceptable to score favourite aunty points! 502 more words

Childless

मुझे बिस्तर पर पटका और मेरे ऊपर चढ़ गया

मैं २३ साल की हु और दिखने में सुंदर हु. मेरे कर्वे हमेशा से गॉसिप का पार्ट रहे है कॉलेज में मेरा कप साइज़ ३२बी है और मेरे बट्स भी बहुत सेक्सी है. जब मैं जीन्स पहनती मस्त कसी हुई टॉप के साथ पहनती हु और कॉलेज जाती हु, तो बहुत से लड़के अपना पानी छुट जाते है. आप के भी छुटे, तो बताना. मैं छत्तीसगढ़ की रहने वाली हु और अभी रायपुर से एम्कॉम कर रही हु. ये स्टोरी तब की है, जब मैंने अपनी विर्जिनिटी लूज की. मैं अपने मौसी के घर में रह कर पढाई कर रही थी. उनके घर वो, मौसा जी और मौसा जी का छोटा भाई रहते थे और उनका उनका छोटा भाई भी मेरे ही कॉलेज में पढता था. उसकी नज़र हमेशा ही मेरे ऊपर रहती थी और वो किसी ना किसी बहाने से मेरे रूम में आ कर मुझे छुने की कोशिश करता था, पर कभी जबरदस्ती नहीं की. एक बार की बात है, कि नाना जी कि तबियत अचानक से ख़राब हो गयी. मौसी और मौसा जी भोपाल के लिए निकल गए. उस दिन मैं और नीरज घर में अकेले ही थे. शाम को नीरज मेरे रूम में आया और बोला, कि मैं और मेरे फ्रेंड आज घर पर पार्टी करना चाहते है, अगर तुम को कोई प्रॉब्लम ना हो तो. मैंने कहा – मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है. तो उसके चेहरे पर कुछ अलग ही मुस्कान आ गयी. वो मुझे थैंक्स बोल कर चले गया. रात को ९ बजे के आसपास, उसके ३ दोस्त आये.. मयंक, सूरज और विशाल. वो साथ में व्हिस्की की बोटल लाये थे और खाने का सामान भी. नीरज मुझसे गिलास और डिश मांगने आया, तो मैंने उसे दे दिया. वो बोला – तुम भी ज्वाइन कर लो. मैंने मना किया, लेकिन जब उसने थोड़ी जिद की. तो मैंने ओके बोल दिया. मैंने कहा – लेकिन मैं ड्रिंक नहीं करती. तो उसने मुझसे सॉफ्ट ड्रिंक ऑफर कर दी. विशाल मेरे लिए किचन से गिलास ले आया और मैं भी उन लोगो के साथ बैठ कर पीने लगी. एक सिप लेते ही, मुझे ऐसा फील आया. कि उसमे कुछ मिला हो, पर मैं उसे अपने मन का वहम मान कर पूरा ग्लास पी गयी. कुछ देर बाद, मुझे चक्कर आने लगे और मुझे कुछ याद नहीं रहा. अगले दिन, जब मेरी नीद खुली. तो मेरी बॉडी पर एक भी कपड़ा नहीं था. शरीर में नाखुनो से नौचने के निशान थे. पुसी में दर्द हो रहा था. हिम्मत करके जब मैं बाहर गयी, तो मैंने चारो को नंगा पाया. मैं डर गयी और डर कर रोने लगी. उतने में सूरज उठा और उसने सबको उठाया. वो ४ मुझे देख रहे थे और उनके चेहरे पर अलग ही चमक थी. जब मैंने रोते हुए, नीरज से कंप्लेंट की. तो उसने मुझे मेरे न्यूड फोटो इंटरनेट पर डालने की धमकी दी. वो बोला – चुप हो जा रंडी साली. हम लोगो की बात मान ले, नहीं तो तेरी नंगी फोटो इन्टरनेट पर डाल देंगे. बाद में बताती रहना, जिसको बताना है. फिर उन्होंने मुझे आर्डर किया, कि हम लोगो के लिए ब्रेकफ़ास्ट बना. मैंने रोने लगी, तो नीरज मेरे पास आया और बोला – अगर हम लोगो की बात मानेगी, तो हम किसी को कुछ भी नहीं बोलेंगे और तुझे भी तो चार मर्दों के लंड का मज़ा मिलेगा. मैं और भी जोर से रोने लगी, तो उसने मेरे बाल खिचे और बोला – चल, ५ मिनट में हम लोगो के लिए नाश्ता बना, नहीं तो इन्टरनेट पर तेरे पिक्स डालता हु. मैं डर गयी और कपड़े पहनने लगी, नाश्ता बनाने के लिए. तो उन्होंने मुझे मना कर दिया और बोले – नंगी ही जाकर नाश्ता बना.

मैं शरमाते हुए, नंगी ही जाने लगी अपने आप को जितना छुपा सकती थी, उतना छुपाते हुए. तो विशाल आया और मुझे एक थप्पड़ मारा और बोला – साली रंडी, जिस्म को अब हमसे छुपाएगी. मैं रोते हुए, सबके लिए नाश्ता बनाने चली और फिर सबको नाश्ता खिलाकर, अपने रूम में जाकर कम्बल अपने ऊपर डाल कर रोने लगी. इतने में सब मेरे पास आ गये और नीरज मेरे पास आकर बैठ गया और मयंक ने मेरा कम्बल हटा दिया. उसने मुझे एक सिगरेट दी और बोला पी. मैंने मना किया, तो उन्होंने मुझे मारा और सिगरेट पिला दी. फिर वो बोला – पूरी पी. मैंने डर के कारण पी ली. फिर उसने दारू ली और फिर उसने सिगरेट की एश को दारु में डाल कर मुझे पीने के लिए दे दिया. मैंने पहला घुट लिया, तो वो मुझे कड़वा लगा. लेकिन, मुझे वो जबरदस्ती पीनी पड़ी और कुछ देर में मुझे अपना सिर घूमता सा महसूस हुआ और फिर विशाल ने मुझे बिस्तर पर पटका और मेरे ऊपर चढ़ गया और उसने अपना लंड मेरे मुह में डाल दिया. उसने मुझे उसके लंड को चूसने का आर्डर दिया और मैं डर के मारे चूसने लगी. वैसे भी अब मैंने सोच लिया था, कि अब चुदवाने के अलावा कोई आप्शन नहीं है. उतने में नीरज भी मेरी चूत को चाटने लगा और मेरी बॉडी में अजीब सी संसेशन होने लगी थी. फिर अचानक से मेरी चूत में से पानी की धार निकली और दिल शांत हो गया. नीरज ने वो धार पी ली. उतने में विशाल ने भी अपना कम मेरे मुह में छोड़ दिया था. कुछ पेपर में रोल करके सूरज पी गया और बोला – सब साइड हटो, अब ये मेरी शिकार है. ये सुनकर मैं डर गयी और वो आया, तो सब साइड हो गए. फिर उसने मेरे हाथो को बेड से बांध दिया और फिर मेरी टाँगे फैलाई और अपने लंड को मेरी चूत पर सेट करके झटका मारा. मेरे मुह से चीख निकल गयी और मैं दर्द के मारे रोने लगी. पर वो बड़ा ही बेरहम था और उसने एक और झटका मारा और अपना आधा लंड अन्दर घुसा दिया और स्पीड से अन्दर – बाहर करने लगा. मैं दर्द से भीख मान रही थी, पर उसने एक भी नहीं सुनी और मुझे चोदता रहा. इतनी बेरहमी से चोद रहा था, कि मैं दो बाद बेहोश हो गयी और फिर जब होश आया, तब कोई नहीं था. सब अपने घर जा चुके थे. मैं और नीरज ही घर पर थे.

फिर नीरज मेरे पास आया और बोला – रोज़ हमें मज़े देती रहो, तुम सेफ रहोगी और जो पैसे हम अपनी गर्लफ्रेंड पर खर्च करते है, वो तुम पर कर देंगे. तुम्हारा भी डबल फायदा.. पैसे भी और चुदाई भी.. उस दिन के बाद से, मैं उनकी स्लेव बन गयी और जिसका मन करता, वो मेरे रूम में आ जाता और चुदाई करता. यर लोग पार्टी करते, तो मुझे स्लेव की ड्रेस बनाकर मिलकर मेरी चुदाई करते. पहले मुझे ये सब गन्दा लगता था, पर अब मुझे भी इन सब की आदत हो गयी और मेरा फ्रेंड सर्किल भी सलट टाइप का ही बन गया. अब मैं खुद का और दुसरो का एंटरटेनमेंट करके लाइफ के मज़े लेती हु.तो दोस्तो कैसी लगी मेरी कहानी मुझे ईमेल कीजिये और कमेंट भी chudaikatha@gmail.com

Desi Story

आंटी ने करिश्मा को चुदवाया

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विश है और में गुजरात के राजकोट का रहने वाला हूँ, मेरी हाईट 5.11 है और दिखने में एकदम ठीक ठाक हूँ। दोस्तों यह घटना तीन महीने पुरानी है और यह घटना जानने से पहले यह काम जिसकी वजह से हुआ वो भी आप जरुर जान लीजिए, दोस्तों में दक्षा आंटी को चोद चुका था और में जिस आंटी को चोदकर संतुष्ट कर रहा हूँ और वो उनकी एक रिश्तेदार है, उसका नाम करिश्मा है और वो बहुत बढ़िया माल है। दोस्तों में आपको क्या बताऊँ एक बार करिश्मा ने दक्षा आंटी को अपनी समस्या बताई, वो दोनों एक दूसरे से अपनी सभी समस्याए कहते थे। उन्होंने बताया कि उसका पति उसे ठीक तरीक़े से संतुष्ट नहीं कर पाता और उसकी वजह से उसके जिस्म की प्यास हमेशा अधूरी रह जाती है और इस वजह से उनका मन हमेशा करता है कि क्यों ना किसी बाहर वाले से चक्कर चलाया जाए? फिर आंटी ने उनकी पूरी बात सुनकर उनको साफ मना कर दिया और उनसे कहा कि नहीं इस काम से उनकी बहुत बदनामी हो सकती है और फिर आंटी ने करिश्मा को रास्ता बताया कि उनकी नज़र में एक लड़का है, जो उन्हे पूरी तरह से संतुष्ट कर सकता है। (दोस्तों जो कि में था) फिर करिश्मा ने उनकी पूरी बात सुनकर समझकर कहा, लेकिन यह बात गुप्त रहनी चाहिए। फिर आंटी ने उनसे कहा कि तुम इस बात की बिल्कुल भी चिंता मत करो, क्योंकि अब यह बात सिर्फ हम तीनों के बीच में ही रहेगी, किसी चोथे आदमी को कभी भी पता नहीं चलेगा और वैसे भी वो लड़का पूरा भरोसे के लायक है और चिंता की कोई बात नहीं है और अगर तुम चाहो तो में उससे तुम्हारी मुलाकात करवा दूँ? फिर करिश्मा ने कहा कि आज नहीं, दो दिन बाद मेरे पति अपने बिजनेस के काम से कहीं बाहर जा रहे है और हम तभी यह काम करेंगे, लेकिन अभी मुझे उस लड़के को एक बार देखना है। फिर आंटी ने मुझे फोन करके वो सब कुछ काम जो मुझे करना था वो ठीक तरह से समझा दिया और फिर मुझे उसी दिन उनके घर बुलाया तो में उनके घर पर चला गया और फिर मैंने उस करिश्मा नाम की सेक्सी माल को देखा तो में उसे देखता ही रह गया, क्योंकि वो कितनी गोरी थी। दोस्तों वो इतनी गोरी थी कि अगर थोड़ी देर में ज़ोर से उसका हाथ पकड़ लूँ तो एकदम लाल हो जाए। फिर वो मुझे घूर घूरकर मुझे देखने लगी और में उसे देखने लगा। वो साड़ी पहनकर आई थी, क्या हॉट, सेक्सी माल लग रही थी और अब आंटी ने फिर से बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यही है वो लड़का विश और यह बहुत अच्छे तरीक़े से जानता है कि एक औरत को कब, क्या और कितना चाहिए? और वो थोड़ी देर तक मेरी तारीफ करती रही और उसके बाद करिश्मा ने बात को आगे बढ़ाते हुए मुझे अपनी समस्या खुलकर बताई और उसने आंटी को इशारा किया तो वो रूम में से उठकर बाहर चली गई और अब वो मेरे बिल्कुल करीब आकर बैठ गई और फिर मैंने उसका हाथ अपने हाथ में ले लिया और अब में धीरे धीरे उसके गोरे, नरम हाथों को सहलाने लगा।

फिर वो मुझे विस्तार में अपनी समस्या बताने लगी। उसने मुझसे कहा कि वो जब भी अपने पति के साथ सेक्स करती है तो उसका पति तो बहुत जल्दी झड़कर संतुष्ट हो जाता है, लेकिन तब तक करिश्मा संतुष्ट नहीं होती और उसका पति थककर सो जाता है और जिसकी वजह से करिश्मा की प्यास हमेशा अधूरी रह जाती है। फिर मैंने उसकी पूरी समस्या को सुनकर कुछ देर बाद मैंने सीधे उसके होंठो पर एक लंबी किस की तो उसे वो मेरी पहली किस इतनी मजेदार लगी कि मुझे उसकी आँखो में अब हवस साफ साफ दिखाई दे रही थी और उसके बाद में उसके बूब्स से खेलने लगा और वो भी एकदम मज़े में धीरे धीरे मोन करने की आवाज़े निकालने लगी, करीब बीस मिनट तक हमने ऐसा ही किया। फिर कुछ देर बाद वो मुझसे कहने लगी कि उसे मेरा लंड देखना है। फिर मैंने भी उसके सामने अपनी एक शर्त रखी और उससे कहा कि में अपना लंड तुम्हे जरुर दिखाऊंगा, लेकिन करिश्मा को उसे देखने के बाद अपने मुहं में भी जरुर लेना होगा और फिर वो मेरी कही बात को सुनकर तुरंत मान गई और वो मुझसे बोली कि हाँ ठीक है, चलो दिखाओ। दोस्तों उसका मुझसे कहने का तरीका और चेहरे की उस शरारती हंसी को देखकर में मन ही मन समझ गया कि आज में इससे जो कुछ भी कहूँगा तो यह अपनी चुदाई मुझसे करवाने के लिए जरुर वो काम करेगी। फिर मैंने उससे कहा कि तुम खुद ही बाहर निकाल लो और फिर उसने तुरंत मेरी ज़िप खोलकर मेरा टाईट खड़ा हुआ लंड देखने लगी, लेकिन वो तो पहले से ही अंडरवियर में तंबू बन गया था और उसने बड़े मज़े से उसे बाहर निकाल दिया और फिर देखती ही रह गई। फिर कुछ समय बाद मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ तुम ऐसे क्या देख रही हो? फिर वो मुझसे कहने लगी कि मुझसे दक्षा बिल्कुल सही कहती थी कि एक तुम ही हो जो मुझे पूरी तरह से संतुष्ट कर सकते हो और मेरी प्यास को पूरी तरह बुझा सकते हो। अब वो बड़े मज़े से मेरा लंड अपने मुहं में लेने लगी और फिर थोड़ी देर बाद मेरे आंड को भी चूसने लगी और उसके बाद में उसकी साड़ी उतारने लगा। तभी वो मुझसे कहने लगी कि अभी नहीं दो दिन बाद मेरे पति बिज़नेस के काम से बाहर जा रहे है और तब तुम मेरे घर पर आ जाना, हम वहीं पर अपना बाकी का काम करेंगे और फिर तुम जो भी मुझसे कहोगे वो में सब कुछ करूँगी। फिर मैंने कहा कि तुम्हारा कहा सब कुछ ठीक है, लेकिन अभी में अपने इस खड़े लंड का क्या करूं, में अब इसे कैसे शांत करूंगा? फिर वो बोली कि में अभी तुम्हारे साथ यह सब नहीं कर सकती, क्योंकि मुझे घर पर जाना है और दो दिन बाद ही सब कुछ होगा। फिर मैंने कहा कि ठीक है, में दो दिन बाद तुम्हारे घर पर आ जाऊंगा और फिर जो में बोलूँगा वो तुम्हे करना पड़ेगा? वो बोली कि ठीक है और फिर वो अपने कपड़े ठीक करने लगी और में अपने, उसके बाद वो उठकर जाने लगी तो मैंने उसका हाथ पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया और दीवार से लगाकर उसको एकदम टाईट वाली हग के साथ किस किया और फिर उसको जाने दिया और उसके जाने के बाद मैंने आंटी के बूब्स प्रेस करते हुए उनसे कहा कि यह आज मेरा लंड खड़ा करके चली गई है और अब उसका क्या करूं? अब इसे तुम्हे सुलाना पड़ेगा। फिर उन्होंने कहा कि क्यों नहीं, चलो में उसका अधूरा काम पूरा करती हूँ और फिर हम ने बड़े मज़े से चुदाई की और मज़े लिए।

फिर दो दिन के बाद में करिश्मा के घर पर गया और उसने दरवाजा खोला तो मैंने देखा कि वो शायद अभी अभी बाथरूम से नहाकर बाहर निकली होगी, क्योंकि उसके बाल भी पूरे भीगे हुए थे और थोड़े कपड़े भी। में उसके बारे में क्या कहूँ, वो दिखने में जन्नत की परी से कम नहीं लग रही थी, उसका वो गोरा बदन, वो बहुत देख रेख करके रखा हुआ फिगर, उसके वो गोरे और मुलायम बूब्स, उसकी वो गोरी गोरी कमर और उसका साड़ी पहनने का सेक्सी सा स्टाईल में तो उसे देखता रहा और मेरा मन कहने लगा कि यह वक़्त ऐसे ही यहीं थम जाए। फिर उसने मेरा ध्यान हटाते हुए मुझसे कहा कि क्यों तुम्हे अंदर नहीं आना? फिर मैंने कहा कि में तुम्हारी सुंदरता को देखकर एकदम चकित हो गया था, हाँ अब चलो अंदर क्योंकि में आज तुम्हे छोड़ने वाला नहीं हूँ। फिर उसने भी कहा कि छोडूंगी तो में भी नहीं तुम्हे आज में तुम्हे आज पूरा खा जाउंगी, क्योंकि आज सालों के बाद मेरी प्यास बुझने जा रही है तो जल्दी करो, अब मुझसे देर बर्दाश्त नहीं होती, जल्दी करो और में अंदर जाकर सोफे पर बैठ गया और वो किचन में जा रही थी मेरे लिए ठंडा बनाने के लिए, लेकिन में उसे रोककर सोफे पर ले गया और उसे अपनी गोद में बैठाकर उसके जिस्म से खेलने लगा और उसके बालों में से कितनी अच्छी और मीठी खुशबू आ रही थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने उसे वहीं पर ही इतना गरम कर दिया कि वो आवाज़े निकालने लगी और ज़ोर से साँसे लेने लगी। फिर में उठा और मैंने उसे अपनी गोदी में उठाया और उसे उसके बेडरूम में ले गया और फिर मैंने उसे पलंग पर लेटाकर दरवाजा बंद किया और उस पर चढ़ गया। दोस्तों में उसे करीब 15 मिनट तक लगातार किस ही करता रहा और उसके बाद उसके बूब्स को दबाने मसलने लगा और फिर धीरे धीरे बड़े प्यार से उसके पूरे जिस्म को किस करते हुए में अब उसके एक एक करके कपड़े उतारने लगा, थोड़ी देर में वो नंगी हो गई और उसके बाद वो मेरे ऊपर आ गई और मेरी शर्ट के बटन खोलकर मेरी छाती पर किस करने लगी और उसी प्यार से उसने मुझे भी नंगा कर दिया और उसके बाद मेरे तने हुए लंड को उसके मुलायम मुलायम बूब्स के बीच में रखकर ऊपर नीचे करने लगी। दोस्तों मुझे उसके इन सभी कामों से बहुत मज़ा आ रहा था, उसके बहुत ही बड़े, एकदम गोल बूब्स थे। फिर उसके बाद में उसके ऊपर आ गया और उसके बूब्स को पागलों की तरह मसलने लगा और काटने लगा और उसे चूमने लगा और में उसके बूब्स से करीब बीस मिनट तक खेलता रहा और अब वो सेक्सी सेक्सी आवाज़े निकालने लगी, आऊहह उफ्फ्फफ्फ् आहह वो इतनी गरम हो गई कि वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज अब मुझे इतना भी मत तड़पाओ ना जानू, में अब इतना बड़ा लंड अपने अंदर लेने के लिए मरी जा रही हूँ, प्लीज अब थोड़ा जल्दी करो डार्लिंग, इसे मेरे अंदर डाल दो। फिर उसके बाद मैंने उसकी चूत पर किस किया और उंगली करने लगा तो कभी चूसता तो कभी उंगली करता तो वो उसी में झड़ गई। उसके बाद में फिर ऊपर आकर चूत और बूब्स से खेलने लगा और थोड़ी देर खेलने के बाद मैंने उसकी कमर के नीचे दो तकिए रखे ताकि चोदने में मुझे ज्यादा मज़ा आए और अब मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर टिका दिया और फिर एक ही ज़ोर के धक्के में मैंने अपना 75% लंड उसकी प्यासी चूत के अंदर डाल दिया और वो बहुत ज़ोर से चिल्ला उठी, आईईई उह्ह्हह्ह्ह्ह माँ में मर गई, मेरी चूत को फाड़ दिया।

फिर मैंने महसूस किया कि करिश्मा को अब बहुत दर्द हो रहा था तो वो उसकी वजह से मचल रही थी और तड़प रही थी, उसकी आखों से आँसू बाहर आने लगे थे और वो मुझसे कहने लगी कि मेरे पति का तुम्हारे जितना बड़ा नहीं है तो इसलिए मुझे इतना लंबा, मोटा लंड लेने की आदत नहीं है, प्लीज़ थोड़ा आराम से करो ना, क्या में कहीं भागी जा रही हूँ? आज से पूरे दो दिनों तक में सिर्फ तुम्हारी हूँ और तुम मेरे हो। फिर मैंने भी अब थोड़ा होश से काम लिया और उसे थोड़ा प्यार करने लगा। फिर मैंने उसके बूब्स दबाए और उन्हें चूसने लगा और जैसे ही उसका दर्द कम हुआ और उसका ध्यान हटा तो मैंने अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया तो वो फिर से चिल्लाने की कोशिश करने लगी, लेकिन मैंने पहले से ही अपने होंठो को उसके होंठो पर रख दिया था तो जिसकी वजह से उसकी आवाज़ बाहर नहीं निकली, लेकिन उसकी आँखो से आँसू बाहर जरुर निकले। अब करिश्मा मुझसे बहुत धीरे से कहने लगी कि प्लीज थोड़ा धीरे करो, उह्ह्ह्ह आईईईइ मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मैंने उसकी एक बात नहीं सुनी, क्योंकि इतनी सेक्सी आंटी अगर किसी के हाथ में आ जाए तो क्या उसे कोई छोड़ता है भला? फिर मैंने उससे कहा कि तुम बिल्कुल शांत रहो और थोड़ी देर में सब दुःख दर्द ठीक हो जाएगा, मेरा इतना मोटा तुमने आज पहली बार लिया है और उसकी वजह से तुम्हे थोड़ा ज्यादा दर्द है और थोड़ी देर में सब पहले जैसा हो जाएगा और मैंने अपनी चुदाई अब भी लगातार जारी रखी और कुछ देर बाद मैंने अपने धक्को की स्पीड को तेज़ कर दिया और जिसकी वजह से उसके मुहं से हल्की हल्की सिसकियों की आवाज और आँख से आँसू निकल रहे थे, लेकिन में तो अब भी अपनी मस्ती में था। दोस्तों मैंने उसकी चूत को करीब 25 मिनट तक चोदा होगा, उस बीच मैंने महसूस किया कि वो करीब दो बार झड़ गई। फिर मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ दिया और उसे किस करने लगा और बूब्स के साथ खेल रहा था। फिर हम दोनों पूरी तरह से बहुत मेहनत करने के बाद पसीने में भीगे हुए थे और हमे उसकी वजह से अब बहुत थकान महसूस हो रही थी। फिर मैंने उससे कहा कि चलो आज हम साथ में नहाने चलते है, हम दोनों मस्ती करते हुए बाथरूम में गये और बाथटब में पानी भरकर उसमें भी हमने बहुत देर तक मस्ती मज़ा किया और उसके बाद हम नहाने लगे तो वहीं पर मेरा दिल उसकी गांड पर आ गया और में उसको अपनी तरफ पलटकर उसको पागलों की तरह किस करने लगा तो वो मुझसे पूछने लगी कि क्यों तुम्हारा अभी तक जी नहीं भरा? फिर मैंने कहा कि अगर तुम्हारे जैसी सुंदर परी मेरे पास हो तो तुम ही बताओ मेरा जी कैसे भरेगा और में तो उसे हर रोज़ चोदता? फिर मैंने उसकी गांड अपनी तरफ की और उस पर लंड रगड़ने लगा। फिर आंटी ने कहा कि प्लीज़ मेरी गांड मत मारो, क्योंकि मैंने अब तक किसी से अपनी गांड नहीं मरवाई और मैंने सुना है कि उसमें दर्द भी बहुत होता है। फिर मैंने उसे समझाते हुए कहा कि तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो और तुम्हे ज़रा भी दर्द नहीं होगा, लेकिन वो अब भी नहीं मान रही थी।

फिर मैंने उसे थोड़ी देर तक किस किए और उससे कहा कि तुमने दो दिन पहले मुझसे कहा था कि जो में तुमसे कहूँगा तो वो सब तुम करोगी और आज अभी मुझे तुम्हारी सेक्सी गांड मारनी है। फिर थोड़ी देर प्यार से मनाने पर वो मान गई। में जल्दी से नहाकर फ्री हुआ और अब में उसकी गांड के छेद पर वेसलीन लगाने लगा और मैंने अपने लंड पर बहुत सारा वेसलीन लगाया। फिर उसकी गांड में दो उंगली डालकर उसकी गांड के छेद को बड़ा करने लगा ताकि उसे दर्द कम हो। फिर तीन उंगली और फिर एक जोरदार धक्के से मैंने अपना आधा लंड उसकी गांड में डाल दिया और वो बहुत ज़ोर से चीख पड़ी, उह्ह्हह्ह विश प्लीज आईईईईई थोड़ा आराम से करो ना, में कहाँ भागी जा रही हूँ, में यहीं हूँ। दोस्तों उसके मुहं से यह शब्द सुनते ही में पागलों की तरह उसकी गांड मारने लगा, करीब 15 मिनट तक गांड मारने के बाद मेरा वीर्य अब निकलने वाला था तो इसलिए मैंने करिश्मा को कहा कि आप अपना मुहं खोलिए ना और उसके मुहं खोलते ही मैंने उसके मुहं में अपना लंड डाल दिया। अब में उसके मुहं में अपने लंड से धीरे धीरे झटके देता हुआ उसके मुहं में झड़ गया और वो मेरा पूरा वीर्य पी गई और उसने चाट चाटकर मेरा पूरा लंड साफ कर दिया। फिर कुछ देर बाद वो मुझसे बोली कि यह तो बहुत स्वादिष्ट था और मुझे पागलों की तरह किस करने लगी और तभी उसने मुझसे कहा कि आज तक मुझे कभी भी सेक्स करने का इतना मजा पूरी लाईफ में नहीं आया और उस दिन हम दोनों उसके घर में पूरे नंगे ही रहे और हमने बहुत मस्ती की। फिर उसी रात को हमने सुहागरात की भी तैयारी की और बेड को फूलों से सजाया, करिश्मा अपने शादी के जोड़े में दूध का ग्लास लेकर रूम में आई और वो पूरा रूम खुशबू वाली अगरबत्ती से महक रहा था और मोमबत्तियों से भी रोशन था। फिर हमने पति, पत्नी की तरह अपनी सुहागरात भी मनाई और उस रात को मैंने उसे दो बार चोदा और फिर सुबह जल्दी उठकर वो नहाकर मेरी लिए कॉफ़ी बनाकर मुझे उठाने आई तो में मन ही मन सोचने लगा कि मुझे हर रोज इतना मस्त माल ऐसे ही भीगे बालों और कॉफ़ी के साथ मुझे उठाए तो मेरी लाईफ किसी जन्नत से कम नहीं होगी। फिर मैंने उसको कितनी सारी किस और हग किए और उसके बाद नहाकर हम तैयार होकर शादीशुदा जोड़े की तरह प्यार करते हुए बाहर घूमने चले गये, हमने शॉपिंग की, फिल्म देखी और फिर रात को होटल में खाना खाकर घर वापस आए और फिर उसी रात को मैंने एक बार फिर से उसे तीन बार चोदा और वो तो मेरी उस चुदाई से इतनी खुश हो गई कि चुदाई खत्म होते ही उसने मुझसे कहा कि इतना मज़ा उसे अपनी पूरी लाईफ में अब तक कभी भी सेक्स करने में नहीं आया और उसने मुझे कसकर हग किया और किस करते हुए वो मुझसे कहने लगी कि आज के बाद मुझे जब भी कोई अच्छा मौका मिलेगा तो वो मुझे कॉल कर देगी और हम फिर से एक दूसरे में खो जाएँगे और मेरे मन में तो लड्डू फूट रहे थे कि आज से इतना मस्त माल मेरा दीवाना हो गया हो और उसने फिर दक्षा को भी कॉल करके उसे मुझसे मिलाने की वजह से बहुत बार धन्यवाद कहा और अब करिश्मा ने कहा कि दक्षा तुम सही कहती थी कि विश बहुत अच्छे तरीक़े से जानता है कि एक औरत को क्या, कब और कितना मजा चाहिए और फिर मुझे जाना था, क्योंकि अब में लेट हो रहा था तो मैंने उससे इशारे से कहा कि अब में जा रहा हूँ। फिर मैंने उसे टाईट हग दिया, किस किया और उसके बूब्स दबाकर में वहां से अपने घर के लिए निकल गया और अब जब भी मुझे मौका मिलता है तो में दक्षा को और करिश्मा को उन्ही के घर पर जाकर चोद लेता हूँ, लेकिन अब तक करिश्मा को पता नहीं है कि में और दक्षा अकेले में पति, पत्नी की तरह रहते है। दोस्तों में जब भी उसका बेटा और पति किसी दूसरे शहर में जाते है तो हम दोनों पति, पत्नी की तरह ही रहते है और बहुत मज़े करते है ।।मुझे email कीजिये chudaikatha@gmail.com पे। औरcomment कर के बताईये कैसी लगी कहानी?

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