Tags » Bundi

Day 54: Bundi To Jaipur - Break Woes

We woke at 6:00am to be ready to leave at 6:30am, grabbed some food and went to leave. Unfortunately the hotel man still hadn’t unlocked the gates, even though he told us he would be at 6:30am. 461 more words

India

Rajasthan Week Four to Chittorgarh

It’s Friday, so it has to be the end of week four here in Chittorgarh on our bicycle tour of Rajasthan. For the record, it’s been a very hot and dusty ride of 750km, but extremely enjoyable nevertheless. 455 more words

India

Gear Up for Bundi Utsav in Rajasthan!

A little drop of fantasy exists in this vast land of Rajasthan. Little is known, not talked much, there lies a tiny town Bundi, in Hadoti region  of Rajasthan  200 more words

Travel And Tourism

Rajasthan Week 3 to Bundi

Leaving Kekri on Thursday in the cooler morning air, we expected a 45 km ride to Deoli (Devli). Yet just out of town, we discovered a shorter route. 341 more words

India

जहांआरा और शत्रुसाल की प्रेम कथा

जहांआरा शाहजहां की बेटी थी और शत्रुसाल बुंदी के राजकुमार थे।

सन् 1631 के फरवरी का महीना। गजब की ठंड पड़ी थी उस साल। फरवरी महीना होने के बावजूद कड़ाके की सर्दी जारी थी। बादशाह शाहजहां अपनी प्यारी बेगम की मौत के बाद पहली बार बुरहानपुर किले के दिवान-ए-आम में तशरीफ लाए थे। अभी सिर्फ छह महीने पहले ही तो उनकी बेगम मुमताज-उल-जमानी का इंतकाल हुआ था और उसे बुरहानपुर के जैनाबादी बाग में दफ्न कर दिया गया था। 29 जनवरी, 1631 को मुमताज महल के ताबूत को जैनाबादी बाग से निकाल कर आगरा के सिकंदराबाद में दफनाया गया। बादशाह के आने से दिवान फाजिल खां और अन्य मनसबदारों के चेहरे खिले हुए थे। इस बीच एक दुखद घटना हुई। जिस दिन बुरहानपुर से मुमताज महल के ताबूत को रवाना किया गया, उसी दिन शाहजहां को खबर मिली कि बालाघाट में उनके वफादार मनसबदार बुंदी के राजा राव रतन हाड़ा गुजर गए। शाहजहां ने फौरन ही रतन हाड़ा के पुत्र शत्रुसाल को बुंदी फरमान भेजकर उसे तीन हजारी जात, दो हजार सवार का मनसब का खिताब बख्शा और फौरन बुरहानपुर पहुंचने का हुक्मनामा जारी किया। हुक्मनाना मिलने के दो महीने के अंदर ही बुरहानपुर के नजदीक ताप्ती के उस पार आ पहुंचा और अगले दिन बुरहानपुर शहर में अपने दादा के बनावाए महल में दाखिल हो गया। 203 more words

History

the bundi-kotah school of miniature painting in kotah's garh palace

Me: Kotah Palace jaanaa hai.

Auto rickshaw driver: Palace hotel?

Me: Nahin. Sirf palace. Jahaan rajah maharajah rehtey they.

Auto rickshaw driver (confused): Par vahaan toh koi Indian nahin jaataa! 1,235 more words

Exploring India