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Elegy

I turned thirteen and knew:
no more weightlessness.
Only a child can live nine lives
in the space of a body
and a single day.

90's : Our Childhood

I am sure we still remember the time when our blankets were removed by our parents and our efforts to grab five more minutes of that precious sleep couldn’t get any worse and after that, how badly we tried to convince our parents that we don’t want to go to that place of fools, where after sometime we made friends. 237 more words

Indak

Dumilim ang paligid
Dahan-dahang bumukas ang telon
Nagsindi ng nakakabulag na ilaw
At bumuhos ang emosyon
Na tila ba parang isang alon
Na dinadala ka’t hinahampas… 224 more words

यादों की बारिश

कुछ दिनों से बुखार ने बिस्तर पर बांध रखा था
बिटिया की किताब और कलम हाथ लग गई
लिख दी कुछ पाँतिया – उम्मीद करता हूँ आप को पसंद आएगी |

यादों की बारिश

सावन का मौसम था, मौसम मै मस्ती थी,
बारिश की बूंदे और बूँदों मै कश्ती थी…
बारिश की बूंदे और बूँदों मै कश्ती थी|

वो मिट्टी की सौंधी खुसबू , बचपन मैं लेकर जाती थी
गीले कपड़ो मैं घर आना, माँ से छुपते हुए जाना|
माँ तो माँ है,
उसे भनक मिल जाती थी|
वो माँ को आते देख घबराना,
और माँ का अपने आँचल से सर को सुखाना,
दिल मै खुशिया दुगनी कर जाती थी…
वो बारिश की बूंदे और बूँदों मै कश्ती याद आती थी|

आज हम भी है बारिश भी यही…
जाने क्या कमी सताती है, 
अब बारिश हमे डराती है |

सुबह है काम, शाम मै जाम,
दिन के थके पथिक को.. 
जल्दी घर जाने की चिंता सताती है…
वो बारिश की बूंदे और बूँदों मै कश्ती याद आती थी|

भीगना मनो इतिहास हो जैसे, यादो मै ही आती है,
अब बारिश मै भीगने से पहले कपड़ो की चिंता हो जाती है |

जागो नींद से ऐ पथिक, छण भर के लिए त्यागो हर काम,
फिर तैरा दो कस्ती तुम एक, बूंदो की रिमझिम मै खो कर अपना विवेक|

मत करो अपना समय तुम व्यर्थ, हर पल मै जिलों ज़िन्दगी हज़ार
वो बारिश की बूंदो मै एक कस्ती अब तो तुम, तैरा दो यार|
वो बारिश की बूंदे और बूँदों मै कश्ती याद आती थी|

Photography

When I Grow Up

I asked this girl today what she wants to be when she grows up. It’s always fun to see what kids will come up with and where their interests lie. 216 more words

Writings

"Bushie"

My name is ‘Bushie’. That’s not what my parents called. When I was being reasonably well behaved they called me Johnny and when I wasn’t they called me John with a short rising inflection. 529 more words

South Australia

Take me there.

Well, will have to talk to Mom and Maasi. Not now, will just call them later. They might be busy as well. What am I going to ask. 585 more words