Tags » Civil Rights

Anger As Illumination and Other Gandhi Wisdoms

Book review: The Gift of Anger, by Arun Gandhi

“Bapuji often had a spinning wheel at his side, and I like to think of his life as a golden thread of stories and lessons that continue to weave in and out through the generations, making a stronger fabric for all our lives. 1,089 more words

Book Review

Southern Poverty Law

Our van pulled up outside the Southern Poverty Law Center’s Civil Rights Memorial and a guard immediately hurried down to the street. We couldn’t just stop there to unload. 276 more words

Destinations

Curbing Traffic Stops Would Save Lives

Richard Tsong-Taatarii/ZUMA Press/Newscom Last weekend, in the wee hours of the night, Chicago police stopped a car carrying four people. When officers approached it, they saw a passenger holding a gun. 20 more words

Criminal Justice

New Book is the Best Labor History

Botkin, Jane Little, Frank Little and the IWW. The Blood that Stained an American Family. University of Oklahoma Press, Norman, 2017

A giant hole in American labor history has been filled. 548 more words

Strategy

Martin Luther King’s Niece Praises Trump For Supporting ‘Everybody’s Civil Rights’

Reported By Jack Davis | July 18, 2017 at 9:06am

URL of the original posting site: http://www.westernjournalism.com/martin-luther-kings-niece-praises-trump-supporting-everybodys-civil-rights/

http://tpc.googlesyndication.com/safeframe/1-0-9/html/container.html

Rev. Dr. Martin Luther King Jr.’s niece praised President Donald Trump Sunday for supporting the civil rights of all people, including the unborn. 374 more words

Political

इस देश में दो तरह के लोग हैं - Himanshu Kumar

इस देश में दो तरह के लोग हैं

एक वो जो पुलिस के पक्ष में हैं

दूसरे वो जो पुलिस की मार खा रहे हैं

एक वो हैं जो कड़ी मेहनत के काम करते हैं

और भूखे सोते हैं

दूसरे वो हैं जो मजे से आराम करते हैं

लेकिन कार बंगले शॉपिंग मॉल के मजे लुटते हैं

एक तरफ वो हैं जिनकी ज़मीन छीनने के लिए पुलिस जाती है

और उनकी लड़कियों की योनी में पत्थर ठूंसती है

दूसरी तरफ वो हैं जिनके लिए ज़मीने छीनी जाती हैं

एक तरफ वो हैं जिनके लिए लोकतंत्र का मतलब पांच साल में चुनाव हो जाना भर होता है

दूसरी तरफ वो हैं जो लोकतंत्र का मतलब बराबरी और न्याय मानते हैं

एक तरफ वो हैं जो किसी हत्यारे के जीत जाने पर खुश होते हैं

दूसरी तरफ वो हैं जो हत्यारों की जीतने पर नए हत्याकांड में मरने के लिए तैयार हो जाते हैं.

अगर किसी आदिवासी या दलित के साथ बलात्कार हो जाय और अगर आप उस की मदद करेंगे,

तो आपकी ज़िन्दगी बर्बाद हो जायेगी,

कोर्ट, पुलिस सरकार सब आपके पीछे पड़ जायेंगे,

इस मामले में कभी भी संविधान, कानून और लोकतंत्र पर भरोसा मत करना,

मैं खुद भुक्तभोगी हूँ,

मैंने चार आदिवासी लड़कियों की मदद करने की कोशिश करी थी,

पुलिस वालों ने उनके घरों में घुस सामूहिक बलात्कार किये थे,

मैंने कांग्रेसी गृह मंत्री पी चिदम्बरम को उन लड़कियों के बयान की सीडी दे दी,

मैंने सोचा यह गृह मंत्री है तो पुलिस वालों पर कार्यवाही करेगा,

लेकिन उस ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के मुख्य मंत्री को वह सीडी दे दी,

मुख्य मंत्री ने डेढ़ सौ सिपाही भेज कर चारों लड़कियों को दोबारा घर से उठवा लिया,

और चारों लड़कियों के साथ फिर से सुकमा जिले के दोरनापाल थाने में पांच दिन तक सामूहिक बलात्कार करवाया,

थाने में पांच दिन तक दुबारा सामूहिक बलात्कार करने के बाद पुलिस ने चारों लड़कियों को सामसेट्टी गाँव के चौराहे पर फेंक दिया और चेतावनी दी कि अब अगर हिमांशु कुमार से बात भी करी तो पूरे गांव को आग लगा देंगे,

मेरे साथियों को पुलिस ने जेल में डाल दिया, पुलिस ने मेरी हत्या की कोशिश करी,

अंत में मुझे छत्तीसगढ़ से बाहर निकाल दिया गया,

अब छत्तीसगढ़ में मेरे प्रवेश पर प्रतिबन्ध है,

सहारनपुर में दलितों पर हमले का मामला उठाने पर कल मायावती को भाजपा के मंत्रियों ने संसद में बोलने नहीं दिया,

सहारनपुर के मुद्दे पर तो सदन की कार्यवाही रोक कर चर्चा होनी चाहिए थी,

लेकिन संसद में मुद्दा उठाने नहीं दिया जा रहा है,

सोनी सोरी की योनी में पत्थर भरने वाला पुलिस अधिकारी भाजपा राज में तरक्की पर तरक्की पा रहा है,

और सोनी सोरी का मुकदमा सुप्रीम कोर्ट में सात साल से लटक रहा है,

राजस्थान की दलित महिला भंवरी देवी को सामूहिक बलात्कार के बाद बाईस साल तक न्याय नहीं मिला है,

उनका मामला भी सुप्रीम कोर्ट में है,

अगर संसद कोर्ट और थानों को आदिवासियों और दलितों पर ज़ुल्म करने और दबंगों की रक्षा के लिए ही बनाया गया है,

तो फिर इसे हम किस हसरत से जनता के लिए बनाई गयी संस्थाएं मानें ?

आप कहते हैं नक्सली इसलिए गलत हैं क्योंकि वह संविधान को नहीं मानते,

हम सरकार से पूछते हैं कि क्या आप मानते हैं संविधान को ?

क्या सरकार का मतलब अमीर उद्योगपतियों के लिए ज़मीनों का इंतजाम करना और उनकी तिजोरियां भरना है ?

जो आदिवासियों, दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के लिए इन्साफ और हिफाज़त की बात करता है उसे दुश्मन मान कर उस पर हमला क्यों करती है सरकार ?

आदिवासियों, दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को सुरक्षा और इंसाफ कौन देगा ?

The Feminist

Same as it ever was - being black in America

I Am Not Your Negro directed by Raoul Peck (USA, 2016)

The story of Black men and women in America is not a pretty one. This is an understatement. 242 more words

Movies