Tags » Dainik Bhaskar

असहमतियाँ इस दौर में - प्रसंग जोधपुर विश्वविद्यालय : हिमांशु पंड्या

Guest post by HIMANSHU PANDYA

1-2 फरवरी को अंग्रेज़ी विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी में प्रो. निवेदिता मेनन के व्याख्यान के बाद जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय सुर्ख़ियों में है. 89 more words

Debates

||Jivan|| (LIFE)

 

मत सोच तू इतना ,आगे बढ़ता चला जा ,
उम्मीद को मत टूटने दे , आगे बढ़ता चला जा||

मेहनत-ए-पसीने से तू धरती को सींचता चला जा ,
फसल-ए-ख़ुशी से अपने जोश को बढाता चला जा ||

राह में रूकावट तो सब को मिलती है,
रूकावट से जीवन का अनुभव लेता जा ||

सरल जीवन से तू क्या कर पायेगा,
कठिनताओं से ही तू संभल पायेगा ||

इसलिए मरने से मत डरा कर,
जीवन को कठिन पथ की तरह ही माना कर ||

मत सोच तू इतना ,आगे बढ़ता चला जा ,
उम्मीद को मत टूटने दे , आगे बढ़ता चला जा||

Poetry

Indian Kabaddi : Nurture it, Propagate it.

It is very rightly said by someone that when success comes than you are the boss, but when it is not, than you have to be dictated by other’s terms and conditions till you achieved that level. 278 more words

Blog

Dainik Bhaskar and the case of two lease deeds for building purposes

Lalit Shastri

Not long ago, when I was called to address the entrants to the All India Services and Central Services Group ‘A’ attending the Foundation Course at RCVP Noronha Academy of Administration in Bhopal, one of my co-speakers was Ramesh Chandra Agarwal, the chairman of Dainik Bhaskar Group. 1,094 more words

India