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इजाज़त २

( इजाज़त -१ की कहानी से आगे)
जैसे ईशान ने वहां पहुँच लाश पर पड़ा कपडा उठाया , उसकी रूह काँप उठी …………..
वह लाश निशा की थी….
ईशान की आँखों के आगे कुछ देर पहले हुए निशा से मुलाक़ात के सारे दृश्य बिजली की तरह कौंधने लगे ,
वह समझ नहीं पा रहा था कि उसके साथ हो क्या रहा ,अगर पड़ी लाश निशा की है तो वह कौन थी
जो उससे मिली ? ऐसा सोचते सोचते वह बेहोश होकर गिर पड़ा ….
उसे कोई नाम लेकर पुकार रहा था ……जब वह उठा तो वह बेड पर अपने रूम में था और सामने निशा थी |
वह चौंक गया …
निशा – “कैसे हो ईशान ? ठीक तो हो न इतने कमज़ोर कैसे हो गए तुम…. “( निशा ने आत्मीयता से कहा)
ईशान – ” तुम पहले बताओ ये क्या हो रहा , पहले तुम मिलती हो फिर लाश .. ”
( ईशान किसी अस्थमा रोगी जैसे सांसें ले रहा था )
निशा – ” मैं मर चुकी हूँ ईशान ” ( ईशान को बीच में रोकते हुए )
ईशान – ” नहीं….. (चीखकर) ये ज़रूर उस कबीर ने किया है , मैं उसे ज़िंदा न छोडूंगा “
निशा – ” श श श … ( ईशान को गले लगाकर शांत करते हुए) सुनो ईशान ये अगर कबीर ने किया होता तो मैं उसे माफ़ कर देती ,उससे बहुत प्यार जो करती हूँ ” |
” तो किसने किया ?” ( ईशान ने आश्चर्य से पुछा )
निशा – ” ये कबीर , उसकी सेक्रेटरी रीता और उसके बॉयफ्रेंड ने किया है ,यहाँ सिर्फ मुझे धोका न मिला
कबीर को भी मिला है |
ईशान – ” कैसे ? ”
निशा – ” सुनो उस सेक्रेटरी का अपने बॉयफ्रेंड के साथ प्लान था कबीर की दौलत हड़पने का,
मेरी मौत के बाद वही उससे शादी कर लेगी , कबीर उसे उसका सच्चा प्यार समझने लगा था ,
मुझसे छुटकारा पाने कि लिए उसने मुझे लॉन्ग ड्राइव के बहाने ले जाकर चाकू से बेरहमी से मार दिया |
जब कबीर मुझे मार रहा था , रीता के बॉयफ्रैंड ने सबकुछ शूट कर लिया फ़ोन से छिपकर |
कबीर को रीता का प्लान नहीं पता वो अब भी उसके प्यार के धोखे में है |
तुम जानते हो ईशान , कबीर ने मुझसे कभी प्यार नहीं किया , मैं सिर्फ पत्नी थी उसकी ,
उसके पेरेंट्स द्वारा उस पर थोपा गया रिश्ता था ये | ” ( निशा की आँखों से आंसू छलक पड़ा )
” तुमसे मैंने मिलने का वादा किया था , इसलिए मरने के बाद भी मिलने आ सकी….
ईशान मैंने कबीर को अपना सब कुछ मान लिया था , आज भी मानती हूँ , भले उसे जेल पहुंचा दो , पर
प्लीज उसे बचा लो उस रीता से, पैसे के लिए वो उसे भी न मार दे | ( निशा ने हाथ जोड़ते हुए कहा )
ईशान – ” पर कैसे हमको पुख्ता सबूत चाहिए होगा “
निशा – ” सबूत मैं बताती हूँ , मैंने कबीर का फ़ोन छीनकर फेंक दिया था झाड़ियों में , उसे खोज लो उसमे मौत से पहले के वीडियो और फोटोज हैं जो साबित करेंगे कि उस समय कबीर था मेरे साथ | फिर रीता के
बॉयफ्रेंड को पकड़कर उसके फ़ोन से वह वीडियो ले लो मेरी क़त्ल का |”
( तभी कोई रूम में आ जाता है और निशा गायब हो जाती है )
( ईशान मन ही मन निशा से वादा करता है वह ऐसा ही करेगा , वह कबीर का मोबाइल ढूंढ लेता है, और क़त्ल का वीडियो भी पा लेता है | कबीर को गिरफ्तार करते हुए जब वह रीता के धोखे कि पूरी बात कबीर को बताता है तो कबीर को बहुत पछतावा होता है| )
कबीर हाथ जोड़कर कहता है ” निशा तुम अगर आस पास हो मुझे देख सकती हो तो मुझे माफ़ कर दो “
( दिन भर कि भाग दौड़ के बाद जब ईशान घर पहुँचता है तो उसे निशा मिलती है , वह बहुत खुश हो जाता है )
ईशान – देखो निशा कबीर को मैंने बचा लिया रीता से , तुम खुश हो न अब ?”
निशा – ” हां ईशान , अब मुझे शान्ति मिली है , अब मुझे जाना होगा … ” ( निशा ने धीमे स्वर से कहा )
ईशान – जाना ? क्या मतलब …. सुनो तुम कहीं न जाओगी मेरे साथ रहोगी अब तुमको नहीं खो सकता मैं “
( निशा का हाथ पकड़ते हुए )
निशा – ” नहीं ईशान अब मैं नहीं रुक सकती , मुझे जाने कि इजाज़त दो प्लीज ….
मिलना हमारी किस्मत में नहीं | ( हाथ छुड़ाते हुए )
ईशान रोते हुए कहता है ….. ” हाँ , ठीक है ..
( निशा धुंआ बनकर गायब हो जाती है ) ………….. समाप्त|

# योगेश सोनी

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