Tags » Eco-Friendly

The Hub – Karen’s new eco-friendly mall

Karen has long been recognised as one of Nairobi’s greener areas, with its abundance of indigenous trees and proximity to both the Ngong Road Forest and the Nairobi National Park. 762 more words

Nairobi

The Dark Side of Solar: Are Solar Panels Really Eco-Friendly?

As someone that looks for every thing imaginable to convert to an eco-friendly product, it is only natural for me to think long and hard about solar power and powered products. 906 more words

Eco-friendly

.org spotlight: Rescuing Leftover Cuisine |reducing food waste|sustainability

I always wondered what happens with the excess food prepared in restaurants and sold in supermarkets. A long time ago, there was a bakery I liked in the city that reduced their pastry prices by half after dinnertime knowing that a lot of it would end up as waste by the end of the night (unfortunately, they stopped doing this a few years ago). 304 more words

Food

Dressing for the planet

It is Fashion Week here in Milan! Fashion is a global industry worth trillions of US dollars, and while being fashionable may not be a necessity, being dressed is, and whether your clothes cost $10 or $1000 the manufacturing and shipping process leave behind a large carbon footprint. 996 more words

Climate Change

धरतीपुत्र लबोटा

हेलो दोस्तों मैं हूँ एस्ट्रो एमबीए और हमेशा की तरह आज मैं अपनी महाबकवास एक्टिविटी नहीं करुँगी।मैं लबोटा की समस्या को लेकर बात करना चाहती हूँ। उसको आजकल एक नया शौक लगा है। लबोटा ने खेती करने की ठानी है। दो दिन से बेचारा दिन रात मेहनत कर रहा है। मैंने पूछा – लबोटा ऐसा क्या हो गया तुम्हें ? बोला मुझे धरती पुत्र बनना है। भारत के किसानों के समर्थन में कुछ अलग और नया करके दिखाऊँगा। हालाँकि इतनी बड़ी और भारी बात कहने के बाद उसे बहुत सारा पानी पीना पड़ा। मुझे लगा आज सच में यह लड़का सुधर गया है। 

 

 मैंने लबोटा के ये नया फैसला स्वामी डोलडाल को बताया।स्वामी जी को बड़ा आश्चर्य हुआ की लबोटा अपनी शैतानी छोड़कर इतना समझदार कैसे हो गया। स्वामी जी खेतों में गए तो लबोटा पसीने में लथपथ खुदाई कर रहा था। स्वामी जी ने उसे अपने पास बुलाकर पूछा की वो क्या बोने वाला है। लबोटा ने कहा की स्वामी जी जड़ी बूटी उगाऊंगा। स्वामी डोलडाल ने प्रसन्न होकर लबोटा को आशीर्वाद दिया। मैंने भी लगे हाथ अपनी फरमाइश लबोटा के सामने रख दी। मुझे अपनी सुन्दरता को बढाने के लिए जितनी भी जड़ी बूटियाँ चाहिए थी मैंने सबकी लिस्ट लबोटा को पकड़ा दी।  

लबोटा बेचारा दो दिन में ही बदन दर्द से बेहाल हो गया। मैं ही उसको उठाकर स्वामी डोलडाल के पास ले गयी। स्वामी डोलडाल ने उसको दवा दी। उसके बाद समझाया की बेटा किसान की तरह मेहनत करना हर किसी के लिये संभव नहीं है लेकिन हम उनकी मदद कर सकते हैं। लबोटा ने पुछा – वो कैसे? स्वामी डोलडाल ने बताया की हम धरती पर गन्दगी ना फैलाकर एक अच्छे धरती पुत्र बन सकते हैं। धरती को गन्दगी से बचाओ और उसमें उर्वरता बनी रहने दो। लबोटा अब पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं करता और ना ही गन्दगी फैलाता है। मुझे फख्र है की आज वो एक अच्छा धरती पुत्र है। 

Funny

Zero Waste Bathroom

A few weeks ago, I wrote about some of the ways that I am reducing waste in my kitchen. The other focal point in my zero-waste journey has been in my bathroom. 1,096 more words

Sustainability

Even if it’s green, it’s not eco. friendly.

As I write, it’s London Fashion Week, which is a misnomer as it only runs from 21st to 24th September. 256 more words

Opinion