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Is Wisdom Similar to Boredom?

Or is it a disease in which you get ‘been there done that’ feeling regarding everything. After all wisdom is being deeply connected to the source of everything and it has all potentials and eventualities in it so you know all and everything in essence if you’re wise. 744 more words

Body Awareness - Say No When It Matters

I talk to many clients each day in my office who are stressed, overbooked and unhappy with some aspect of their health or their life. Many tell me how they are very busy each day, week and month. 826 more words

Consciousness

योगी आनंद द्वारा भगवती दुर्गा की प्रार्थना

हे माते! तू सर्वज्ञ है क्योंकि सबके भीतर स्थित आत्मा है तू। तेरी सत्ता चहुंओर और अनंत है।

तू ब्रह्मा में रचनात्मक शक्ति, विष्णु में पालन-पोषण की शक्ति, एवं शिव में संहारक शक्ति के रूप में स्थित है। तेरे अनंत नाम व रूप हैं। शब्द, चेतना, बुद्धि, निद्रा, क्षुधा, छाया, शक्ति, तृष्णा, क्षान्ति (सहिष्णुता), जाति, लज्जा, शांति, श्रद्धा-भक्ति, कान्ति (सौंदर्य), लक्ष्मी/सम्पन्नता, वृत्ति/व्यापार, स्मृति, दया-करुणा, तुष्टि, मातृ, भ्रांति, किंबहुना, सभी ज्ञात एवं अज्ञात शब्द-तत्त्व, नाम-रूप तेरे ही हैं। अच्छे-बुरे सबमें व्याप्त होकर तू ही लीला करती है।

तू अपने भक्तों की सदैव रक्षा करती है। तेरी महिमा अपरम्पार है। तू अगम्य है। तू अगोचर होते हुए भी सबकी साक्षी है। मनुष्यों के शुभ-अशुभ कर्मानुसार उन्हें पारितोषिक अथवा दण्ड देती है। तू कमजोरों, गरीबों, अकिंचनों, असहायों, मजबूरों, और निर्दोषों की सदैव रक्षा और भरण-पोषण करती है। निरहंकारिता तूझे अत्यंत प्रिय है। भक्त तुमसे जो मांगता है, तुम उसे वही प्रदान करती हो। लालची भक्त तुझसे धन मांगता है, कामी भोग, शासक शक्ति, और ज्ञानी मोक्ष। तू सबपे दयाकर उनकी मनोकामना पूरी करती है। इन भक्तों में, ज्ञानी तुझे सबसे अधिक प्रिय है। तू सबपे यथायोग्य अपनी कृपा बरसाती है।

सच्चे साधकों को सिद्धि प्रदान करने की कृपा कर मां!
इस सम्पूर्ण मानवजाति का कल्याण कर मां! सभी को ज्ञान दे मां! सभी को श्रद्धा-भक्ति प्रदान करने की कृपा कर मां! हर मनुष्य के भीतर करुणा, प्रेम, सहयोग एवं सौहार्द्रपूर्ण व्यवहार करने की शक्ति जागृत कर मां, ताकि मनुष्यों को स्वर्ग का आनन्द इसी धरती पर प्राप्त हो सके!

तेरी सदा ही जय! 🙏

Spirituality

A dream

There were bizarre dream sequences– of most extraordinary type and I retained enough to appreciate them. When I woke up by 5:11 AM I was dreaming a dream which was strange. 798 more words

Fall Equinox: A Time to Go Within

Friday, September 22, 2017 will be the Fall Equinox.

The sun, moon, planets and stars played a major role in Mayan spirituality and religious life. Their religion included numerous nature-based gods, including a Sun God, who was also… 396 more words

Krishnamurti on Vegetarianism and Killing

Question: Do you advocate vegetarianism? Would you object to the inclusion of an egg in your diet?

Jiddu Krishnamurti: Is that really a very great problem, whether we should have an egg or not? 887 more words

Truth

Rest Comes From Waking

I write this after I have finished transcribing a talk from David. Many realisations have been occurring over the last little while. I take time to reflect, and continue being authentic with any emotions or discomforts which may arise. 417 more words

#mentalhealth