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When Silence is Much Better

Life has taught me how silence is much better than reasoning out most of the time. Truth is, no one is interested about what you have to say. 400 more words

LIFE

Office Politics के बचने के 7 टिप्स

ऑफिस में पॉलिटिक्स होना आम बात है. यहां हर कोई अगल सोच रखता है जो एक-दूसरे से टकराती रहती है. एक्सपीरिएंस्ड लोग इससे खुद को निकाल लेते हैं लेकिन फ्रैशर या अपने करियर की शुरूआती दौर से गुज़र रहे लोग इसमें अक्सर फंस जाते हैं, जिसके उनकी इमेज तो खराब होती ही है और साथ ही कई बार जॉब भी खोनी पड़ जाती है. अगर आप ऐसी किसी सिचुएशन में नही फंसना चाहते तो ये सात टिप्स पढ़ें.

1. ऑफिस को समझें – नए एम्प्लॉय हैं तो हमेशा याद रखें कि सबसे पहले एक Good Listener बनें, फिर किसी से खुद को शेयर करें. साथ ही ऑफिस के बाकि एम्प्लॉय, बॉस और सीनियर्स को जानें कि वो किसी बात को कैसे देखते हैं और अगर वो आपको गलत लगें तो उसे बोलें नहीं बल्कि सिर्फ याद रखें कि कौन किस बारे में क्या नज़रिया रखता है. ये बात ऑफिस पॉलिटिक्स को आपके दूर रखने में मदद रखेगी.

2. इंप्रेशन अच्छा रखें – आपके लिए आधी पॉलिटिक्स तो आपके अच्छी स्माइल से ही खतम हो जाती है. इसके साथ ही अपने कलिग्स या साथ में काम करने वालों के साथ अच्छे एक्सपीरिएंस शेयर करें. इससे न सिर्फ आपकी पॉज़िटिव इमेज बनेगी बल्कि आपकी कमियां भी ज़्यादा लोग नोटिस नहीं कर पाएंगे.

3. कभी भी पहले न बोलें – ऑफिस में बहस या छोटी नोक झोंक होना आम बात है. यहां सबके काम करने का तरीका अलग होता है और रोज़ाना 8 से 10 घंटे बिताने के बाद कोई भी एक-दूसरे की कमियां जान सकता है. अगर आपको भी ऐसी बातें पता हो तो कभी भी इन्हें पहले न बोलें, आप अगर दूसरों की प्राइवेसी को रिसपेक्ट देंगे तो कोई आपके खिलाफ कभी नही होगा. साथ ही याद रखें कि पावरफुल आदमी वही है जिसे दूसरों के बारे में मालूम हो.

4. जेन्टलमेन बनें – जब भी कोई ऑफिस पॉलिटिक्स होती है आपका दिमाग पहले से ही बहुत सी बातें सोच लेता है और शॉर्ट टेम्पर्ड लोग इसे बोल भी देते हैं. ये गलत है एक जेन्टमेन पर्सनैलिटी ऐसे वक्त पर अपने दिमाग को बेहतर कंट्रोल करता है. वो किसी को बेकार की बातों पर जज नही करता और न ही दूसरों की बातों में आता है बल्कि खुद ही इसे प्रोफेशनल तरीके से सॉल्व करता है.

5. सोच समझ कर बोलें – अगर आप सच में इस पॉलिटिक्स से दूर रहना चाहते हैं तो ऑफिस और वहां से जुड़े हर किसी व्यक्ति के साथ सोच समझ कर बोलें. इस बात को समझें कि वहां हर कोई कंपनी से पहले और आपसे बाद में जुड़ा है. इसीलिए किसी के बारे में कुछ भी बोलने से पहले ये ज़रूर सोच लें कि किस विषय पर और कहां बोल रहे हैं. अगर ऐसा नही किया तो इसका नुकसान आपकी जॉब पर भी पड़ सकता है.

6. तारिफ करें – अपने कॉम्पिटिटर की तारिफ करना थोड़ा मुश्किल है लेकिन अगर सच में कोई उस काम के लिए डिसर्व करता है तो तारिफ ज़रूर करें. इसके दो फायदे होंगे. पहला, आपकी इमेज अच्छी होगी, लोग आपकी भी तारिफ करेंगे और दूसरा आपको धैर्य बनाए रखने की कला आ जाएगी यानि आपका गुस्सा गलत जगह बाहर नही आएगा और ये एक अच्छे टीम लीडर का गुण भी है.

7. इन लोगों से दूर रहें – ऑफिस में ऐसे लोग ज़रूर होते हैं जिन्हें बाकि कलिग्स को परेशान करने या देखने में मज़ा आता है. अगर आपके भी ग्रुप में भी कोई ऐसा है जो अपनी सारी गलतियां दूसरों पर डाल देता है या दूसरों की गलती उसे बताने के बावज़ूद लोगों में फैलाता है, तो आज ही या तो ग्रुप छोड़ दें या फिर इस उस व्यक्ति को ठीक करें. उस एक व्यक्ति की वजह से ऑफिस में आपकी गलत पर्सनैलिटी बन जाएगी, बेशक आप वैसे हो या न हों.

don't ever let anyone dull your sparkle;*

so, i’m not very good with blog posts, this i will admit with a sad smile. 187 more words

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