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National Highway 3

My driver was an incredibly calm driver for being an Indian. He hardly every honked, he used the blinkers, he stuck to the speed limit and he didn’t seem to be at all irritated with those who showed irresponsible behaviour on the road (and there quite a few of those). 369 more words

India

ग्वालियर में हिंदु महासभा ने लगाई नाथूराम गोड़से की मूर्ति

ग्वालियर शहर में हिंदू महासभा ने बुधवार सुबह दौलतगंज स्थित अपने ऑफिस को मंदिर का रूप दे दिया है और यहां महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की मूर्ति लगा दी। इतना ही नहीं उन्होंने इसकी रीति रिवाज के साथ आरती उतारी गई। मालूम हो कि आज ही दिन 15 नवंबर 1949 गोडसे को अंबाला जेल में फांसी दी गई थी। जिसके बाद हिंदू महासभा ने इसे बलिदान दिवस के रूप में मनाया।

नाथूराम गोडसे ने ही 1915 में इस महासभा की स्थापना की थी। हिंदू महासभा के नेता बुधवार सुबह दौलतगंज स्थित अपने ऑफिस में जुटे और वहां पर गोडसे की प्रतिमा स्थापित कर आरती उतारी। इसके बाद सभी लोगों को लड्डू का प्रसाद बांटा गया। महासभा के जयवीर भारद्वाज ने बताया कि महासभा की ओर से गोडसे का मंदिर बनाने की कलेक्टर से इजाजत मांगी गई थी,जो अभी तक नहीं मिली।

ऐसे में महासभा ने ऑफिस को ही मंदिर का रूप दे दिया है। जहां आज नाथूराम गोडसे की मूर्ति लगा दी है। भारद्वाज ने बताया कि गोडसे जब भी ग्वालियर आते थे वे इसी ऑफिस में ही रुकते थे और यहीं पर लोगों से भी मिलते थे ऐसे में अब इसे मंदिर का रूप दे दिया गया है।

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गोडसे ने गांधी जी को मारी थी गोली

30 जनवरी, 1948 की शाम सवा पांच बजे नाथूराम गोडसे ने दिल्ली के बिड़ला भवन में गांधी जी के सीने में बैरेटा पिस्टल से तीन गोलियां दाग दी थीं, जिससे उनकी मौत हो गई थी। उस वक्त गांधी जी शाम की प्रार्थना के लिए जा रहे थे

पुलिस अधिकारियों में हड़कंप

हिंदू महासभा ने ग्वालियर स्थित अपने कार्यालय में नाथूराम गोडसे की प्रतिमा रखकर मंदिर बनाया है। महासभा ने एक कमेटी का गठन भी किया है जो प्रशासन से मंदिर के लिए जमीन की मांग करेगी। इसके पहले भी इन्होंने गोडसे का मंदिर बनाने के लिए जमीन की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने इससे इनकार कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने अपने कार्यालय में ही मूर्ति की स्थापना कर दी। इसके बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वही मध्यप्रदेश के कई शहरों में कांग्रेसी इसके विरोध में सड़कों पर उतरे हैं।

Resilience

It is not the beauty of a building you should look at; its the construction of the foundation that will stand the test of time.

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In 1912, Gwalior Offered Rs 125,000 To Pay For A Statue Of King George V; Bikaner Rs 75,000 For A Statue Of Queen Mary

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History