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The Picture Of The Day (Google Pixel 2) + 6 Also-Rans — January 19, 2018.

by Anura Guruge

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Anura Guruge

तीन काम जो सिर्फ हनुमान जी ही कर सकते है

Khatri News:-  

रामायण का ग्रंथ अपने आप में अदभुत तथा इतना ज्ञानप्रद है कि जिसको पढ़ने के बाद मनुष्य का कल्याण निश्चित ही है यह बात रामायण काल की है जब भगवान महादेव को हनुमान के स्वरूप में अवतार लेना पड़ा। हनुमान ही मात्र ऐसे रूद्र है जिनकी शरीर के साथ मृत्यु नहीं होती, वे अंत काल तक इसी संसार में निवास करते है इस बात का वर्णन रामायण में दिया जा चुका है।

पहला काम:

हनुमान अपनी शक्ति का संचालन स्वयं ही करते है यानि कोई उन्हें हरा नहीं सकता, जब समुन्द्र को लाँधकर सीता जी का पता लगाना था तब हनुमान ही मात्र एक ऐसे वीर थे जो 100 योजन समुन्द्र को एक छलांग में पार कर सकते थे क्योंकि उनके बल की कोई सीमा ही नहीं है।

दूसरा काम:

हनुमान साक्षात रूद्र है यदि वे नहीं होते तो माता सीता की खोज नहीं हो पाती क्योंकि 100 योजन समुन्द्र को पार करने के बाद लंका नगरी में प्रवेश कर जाना सामान्य कार्य नहीं था। रावण ने लंका के चारों और दिव्य अस्त्र लगाए थे जिससे यदि कोई व्यक्ति लंका में प्रवेश करें तो तुरंत ही भस्म हो जाए, सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि लंका को रावण ने मायावी बना रखा था जो किसी भूल भुलहिया से कम नहीं थी।

तीसरा काम:

वाल्मीकि रामायण अनुसार रावण का पुत्र इंद्रजीत बहुत बलवान था जिसने बह्रमास्त्र का प्रयोग किया और इससे युद्ध में लक्ष्मण तथा कई वानर मृत्यु की अवस्था तक पहुंच गए थे तब जामवंतजी ने हनुमानजी से कहा कि तुम संजीवनी बूटी लेकर आओ तभी इनके प्राण बच सकते है। वायु के वेग से हनुमान संजीवनी पर्वत पर चढ़ जाते है लेकिन बूटियों का ज्ञान नहीं होने पर पुरे पर्वत को हाथ में उठा लेते है यह काम मात्र हनुमान ही कर सकते थे।

यदि परम तेजस्वी हनुमान के परम भक्त है तो नीचे दिया गया फॉलो एवं लाइक बटन अवश्य दबाए तथा कीमती सुझाव देने के लिए कमेंट करना बिलकुल ना भूले।

History

हनुमान जी के जन्म का गुप्त रहस्य जिससे संसार अनजान है

Khatri News:-  अभी तक आपने हनुमान जी को मात्र रामायण तथा महाभारत की कथा में सुना होगा, परन्तु हनुमान से जुड़ा हुआ एक गुप्त रहस्य जो रामायण से भी पूर्व का है दरअसल हनुमान का जन्म रामायण से भी पहले का है वे जन्म और मृत्यु से परे है वे मात्र ऐसे देवता है जिनकी शक्तियों का संचालन स्वयं करते है उन्हें किसी चीज़ का कोई भय नहीं है। जो व्यक्ति उनकी भक्ति करते है वे बहुत धन्य माने जाते है तथा शास्त्र में ऐसे भक्तों को महान बताया गया है।

सबसे पहले यह जान लीजिए कि ईश्वर कभी जन्म लेते ही नहीं, वे मात्र शरीर को कुछ समय के लिए धारण करते है ऐसा भी हनुमान जी के साथ भी हुआ और इस बात के प्रमाण आपको पुराण में मिल जायेंगे। (चारों युग प्रताप तुम्हारा है प्रसिद्ध जगत उजियारा) यदि आप इस दोहे को गहराई से समझने का प्रयत्न करें तो पाएंगे कि हनुमान हर युग में इस संसार में निवास करते है “रूद्र देह तजि नेह बस हर ते भे हनुमान” इस दोहे के पीछे गुप्त देव राज छुपा हुआ है जो इस प्रकार है-

Third party image reference

एक समय राजा परीक्षित के पूछने पर व्यास मुनि ने सृष्टि के गुप्त राज को उजागर करते हुए कहा कि एक बार इस संसार से जल तत्व पूरी तरह से समाप्त हो गया था तब बह्रमा ने चिंतित होकर रूद्र का आह्वाहन किया। वहाँ 11 तरह के रूद्र प्रकट हुए तब बह्रमा बोले कि इस संसार लोक से पानी अदृश्य हो गया है इसलिए आप में से कौन इस संसार को पुनः जल से भर सकता है? दसों रूद्र यह कार्य करने में असमर्थ हुए लेकिन 11वें रूद्र जिनका नाम हर था उन्होंने कहा कि मेरे करतल में जल का पूर्ण निवास है अर्थात मैं इस संसार को जल से भर सकता हु लेकिन इसके लिए मुझे अपने देविक शरीर को गला देना पड़ेगा।

तब शिव ने हर को वरदान देते हुए कहा कि तुम्हें अपने शरीर को इस संसार में गलाने के बाद नया शरीर तथा नाम प्राप्त होगा मैं(शिव) तुम्हारे उस शरीर में निवास करूँगा और इस संसार का कल्याण करूँगा। हर नामक रूद्र ने अपने शरीर को पृथ्वी के भीतर गला दिया जिससे वापस संसार जल से पूर्ण हुआ और उस जल से एक महाबली वानर प्रकट हुआ जिसे हम हनुमान के नाम से जानते है।

यही वानर त्रेता में राम भक्त बनकर मारुती नंदन बने और संसार उन्हें राम भक्त हनुमान के नाम से जानने लगा, जो वास्तव में भगवान शिव का रूप है मित्रों यदि आपको हनुमान जी से जुडी यह प्राचीन कथा पसंद आए तो नीचे दिया गया फॉलो एवं लाइक बटन अवश्य दबाए तथा जानकारी को अन्य मित्रों के साथ शेयर करना ना भूले।

History

Necklace Road Hanuman Temple

I was never a religious person, I’d not go to temples to ask for things, but things have changed. Now I go to the temples for help. 70 more words

Photos

Paalayamaam pavamaana

Paalayamaam pavamaana, pavamaana ||
Paalayamaam karunaalaya haripada,
Keelaalaja madhupa ||

1. Praana, apaana, vyaana, udaana, samaana poorna gnaana |
Nee nolidenna sadaanu raagadali maanade poreyenna || 32 more words

Hanuman

'Singles' துதிக்க வேண்டிய மந்திரம் எது தெரியுமா?

Single டா, Gethu டா, நானெல்லாம் பொறக்கும்போதே அனுமனுடைய பக்தன்டா என்று பீத்திக்கொள்வோர் கண்டிப்பாக தெரிந்து வைத்துக் கொள்ளவேண்டிய மந்திரம் தான் இது.

ந்தி தொலைக்காட்சியின் தலைமை செய்தி ஆசிரியர் திரு.ரங்கராஜ் பாண்டே ஒரு சொற்பொழிவின் பொழுது, “அஞ்சிலே அஞ்சிலே” என ஐந்து முறை சொன்னது மட்டுமே நினைவிருந்தது. அதை மீண்டும் கேட்டு,  இந்தப் பாடலின்  பொருள் விளங்காமல், இது எங்கே இடம் பெற்றிருக்கும் என கூகிளிடம் கேட்டதற்கு அவன் கம்பராமாயணம் என்றான்.

என்ன பாடல்?

அஞ்சிலே ஒன்று பெற்றான் அஞ்சிலே ஒன்றைத் தாவி

அஞ்சிலே ஒன்று ஆறு ஆக ஆருயிர் காக்க ஏகி

அஞ்சிலே ஒன்று பெற்ற அணங்கைக் கண்டு அயலாரூரில்

அஞ்சிலே ஒன்றை வைத்தான் அவன்  எம்மை அளித்துக் காப்பான்.

பாடலின் பொருள்

ந்து பூதங்களில் ஒன்றான வாயு பகவான் பெற்ற மைந்தனான அனுமன், ஐந்து பூதங்களில் ஒன்றான கடல் நீரைத் தாண்டி, ஐந்து பூதங்களில் ஒன்றான ஆகாயத்தை வழியாகக் கொண்டு, ராமனுக்காக, ஐந்து பூதங்களில் ஒன்றான பூமி பெற்றெடுத்த புதல்வியான சீதையைக் கண்டு, ஐந்து பூதங்களில் ஒன்றான தீயை அயல் தேசமான லங்கையில் வைத்தான். அவன் எம்மை அனைத்தும் அளித்துக் காப்பான்  என்பது இதன் பொருள்.

அஞ்சிலே  ஒன்று  –  காற்று

அஞ்சிலே  ஒன்றை  –  கடல்

அஞ்சிலே  ஒன்று   ஆறு  ஆக  –  வான்  வழியாக

ஆருயிர்  -சீதாபிராட்டியின்  உயிர்

அஞ்சிலே ஒன்று பெற்ற – நிலமகள் பெற்ற

அணங்கு – சீதை

அயலார் – பகைவர்

அஞ்சிலே ஒன்று – நெருப்பு.

ம்ப ராமாயணத்தில் பால காண்டத்தில் இருக்கும், கம்பர் இயற்றிய இப்பெருமைமிகு பாடலை மனனம் செய்து ஆஞ்சநேயரைத் துதிக்கலாம். தேன்தமிழ்ப் பாசுரம் இருக்க பொருளறியா வடமொழிப் பாசுரங்களுக்கு ஏன் மெனக்கெட வேண்டும்?

கனியிருப்பக் காய்கவர்ந் தற்று?

வணக்கம்!


  

தமிழ்

Post holiday reflections

It’s a nice rainy day after Christmas in Hawai’i. Probably the closest we’ll ever get to a White Christmas. A good day to reflect, sip tea, and write. 422 more words

Yoga