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~° Badla waqt. °~

~° Kuch aisa mamla taiyar hua hai,
Bandh darwazon me abb vyapaar hua hai,

Pichla to pehle bhula bhi na gaya,
Din me jo milta hai raat ka yaar hua hai, 48 more words

Poems And Lyrics

Mulakat...

Ekk arse se uss arse ki talash hai jis arse tu sath hogi,

Jane kab woh mulakat hogi…

Avi

Hindi Poems

लिखता जाऊँ

जी करता है कि लिखता जाऊँ,
लिखता जाऊं, कहता जाऊं;
वो सारी बातें जो तुमने कही,
या कहते कहते ठिठक गयी|

विषयों की भी कमी नहीं है,
ग्रन्थ लिख सकता हूँ-

उस अंतरिक्ष में जाते यान पर,
सड़क किनारे कुचले श्वान पर,
आज फिर से टूटे एक अरमान पर;
थमती ठिठकती हर घ्राण पर।

शब्द भी हैं अगणित-

कुछ शब्दकोष में बंधे हुए
कुछ स्वछन्द हवा में उड़ते
कुछ इतराते, कुछ चहकते,
कुछ सहमे, कुछ सिसकते।


पर इस सूखे निर्झर से जीवन में भाव कहाँ से लाऊँ ?
जी तो करता है की आज फिर से मैं लिखता जाऊं!

My Writings

खामोशियाँ....



कहीं ये अलफाज़ अनसुने ना रह जाए,
कहीं ये लफ्ज अनकहे ना रह जाए,
कुछ राज़ दफन हैं तेरे सीने में,
कुछ का जनाज़ा मेरे दिल से उठ रहा है,
इन अनकहे-अनसुने शब्दों के बीच,
कहीं ये कहानी अधूरी ना रह जाए,
कहीं इसका अंजाम गुम ना हो जाए।

Vishvas Arora

दोस्त

खुदके पैरों पर चलने की कोशिश में
कितनी दूर निकल आये हैं
रास्ते में तुम जैसे हमने कुछ ही दोस्त बनाए हैं

इस राह पर चलते
आया था ख्याल लौट जाने का जब
ताउम्र साथ निभाने के वादे से रोक लिया था तुमने तब

रास्ता मुश्किल था कटीला था
चलने में पाँव से खून तो रिसना था
छिले जब ये पैर मेरे
तुमने तब तब मरहम लगाये है
रास्ते में तुम जैसे हमने कुछ ही दोस्त बनाए हैं

खुदके पैरों पर चलने की कोशिश में
कितनी दूर निकल आये हैं

हर एक मुझको सताता था
हर एक मुझको रुलाता था
तन्हाई इतनी गहरी थी
सन्नाटा मुझको बुलाता था

कुछ दर्द था जुदाई का
कुछ सितम यादों का था
झूठी थी कस्में रिश्तों की
कुछ टूटता अरमान वादों का था

न रौशनी थी न कोई रंग था
अकेला था मैं बस साया संग था
तुम रखते थे हर पल साथ अपने
मैं देखता था ख़्वाब तुम सजाते थे सपने

हौंसला जब टूटा मेरा
तुमने मेरा साथ दिया
काँटों की शॉल में भी
बहारों का एहसास दिया

न मंजिल मालूम थी न रास्ते का सोचा था,
शुरू ही किया था जब तुमने पीछे से टोका था

रास्ता मुश्किल है, हिम्मत न हारने की दी थी तुमने सीख
होगा जब जब बुरा अंत में होगा सब कुछ ठीक

गुरु सी शिक्षा
पिता सी डाँट
भाई सी थपकी
और यार सी यारी
मिला है यह तुम सबसे मुझको
न होते तुम तो कबका भूल चूका होता खुदको

याद में वाद में और विवाद में
तुम थे जिन्होंने दिया साथ मेरा
मैं पागल था मनचला था बेतुक लगा रहा था
फक्कड़ फाखिर सा जिंदगी का फेरा

रास्ता से भटका मैँ जब
तुमने तब तब सबक सिखाये है
रास्ते में तुम जैसे हमने कुछ ही दोस्त बनाए है

Hindi

किस शय का सुराग़ दे रहा हूँ

किस शय का सुराग़ दे रहा हूँ
अंधे को चराग़ दे रहा हूँ

देते नहीं लोग दिल भी जिस को
मैं उस को दिमाग़ दे रहा हूँ

बख़्षिष में मिली थीं चंद कलियाँ
तावान में बाग़ दे रहा हूँ

तू ने दिए थे जिस्म को ज़ख़्म
मैं रूह को दाग़ दे रहा हूँ

ज़ख़्मों से लहू टपक रहा है
क़ातिल को सुराग़ दे रहा हूँ

– राशिद मुफ़्ती

Poems

प्यार की राह

प्यार की राह में चलना सीख
प्यार की राह में चलना सीख
इश्क़ की आग में जलना सीख

तुझसे मैं दिल की बात कह तो दूँ
तुझसे मैं दिल की बात कह तो दूँ
तू भी पर दिल की बात करना सीख

प्यार की राह में चलना सीख

मैंने पल पल सही है डरके दूरी
मैंने पल पल सही है डरके दूरी
तूभी इस दूरी से डरना तो सीख

प्यार की राह में चलना सीख

फासले हममे तुममे मेरे यार सदियों से है
फासले हममे तुममे मेरे यार सदियों से है
फासलों को मेरे यार तू कम करना तो सीख

प्यार की राह में चलना सीख

मैंने हर पल है जान तुझपे दी
मैंने हर पल है जान तुझपे दी
तूभी इस आशिक पे मारना तो सीख

प्यार की राह में चलना सीख

मैंने दिल इश्क़ है बसाया कबसे
मैंने दिल इश्क़ है बसाया कबसे
तू भी आ दिल में बसना तो सीख

प्यार की राह में चलना सीख

हमने तो कह दिया जो राबता तुमसे
हमने तो कह दिया जो राबता तुमसे
तू भी दिल के राज़ जताना तो सीख

प्यार की राह में चलना सीख

तूने उसको तवज्ज़ो है दिया ज़बरन
तूने उसको तवज्ज़ो है दिया ज़बरन
वो गया बदल तू बदलना सीख

प्यार की राह में चलना सीख

वक़्त जंज़ीर हुआ जकड़े पांव
वक़्त जंज़ीर हुआ जकड़े पांव
तू भी आज़ाद बन उड़ना तो सीख

प्यार की राह में चलना सीख

मैंने रो रोके है बुलाया तुमको
मैंने रो रोके है बुलाया तुमको
आ ना आ राह इस पर हँसना तो सीख

प्यार की राह में चलना सीख

मैंने तो खुद ही को डुबाया इसमें
मैंने तो खुद ही को डुबाया इसमें
पर तू इश्क़ दरिया में तरना तो सीख

प्यार की राह में चलना सीख

मैंने हर पल करी है मेरे यार परवाह तेरी
मैंने हर पल करी है मेरे यार परवाह तेरी
मेरी इस परवाह की परवाह करना सीख

प्यार की राह में चलना सीख

मैंने तेरी चाह में आह् ली हैं
मैंने तेरी चाह में आह् ली हैं
तूभी मेरी आह पे वाह करना सीख

प्यार की राह में चलना सीख

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