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उस फ़रिश्ते को माँ कहते है...

ज़िन्दगी की तपती धूप में एक ठंडा साया पाया है मैंने…

जब खोली आँखे इस दुनिया में अपनी माँ को मुस्कुराते हुए पाया है मैंने…..

रोने लगा था मैं आकार इस दुनिया मे…

उस दिन माँ ने मुझे सीने से लगाया था…

लिपट गया था सीने से माँ के उस दिन…..

बड़े नाजुक से हाथो से माँ ने सर पर हाथ मेरे घुमाया था..

जब भी माँ का नाम लिया उसका बेशुमार प्यार पाया है मैंने….

जब कोई दर्द महसूस हुआ जब कोई मुश्किल आयी ….

अपने पहलों मैं अपनी माँ को पाया है मैंने…

जागती रही वो रात भर मेरे लिए …..ना जाने कितनी राते उसे जगाया है मैंने…

जिंदगी के हर मोड़ पर जब हुआ गुमराह मैं

इसकी हिदायत पर सीधा रास्ता अपनाया है मैंने…

जिसकी दुआ से हर मुसीबत लौट जाये…ऐसा फरिस्ता पाया है मैंने…

मेरी हर फ़िक्र को जान ने वाली…..मेरे जज्बातो को पहचान ने वाली…

मेरी जिंदगी तो सिर्फ मेरी माँ है….

इसके लिए ही तो मैने अपनी जिंदगी को शमा बनाया है मैंने….

कविताये तो बहुत सी लिखी है मैंने…इस कविता को सिर्फ मेरी माँ के लिए बनाया है मैंने…

Latest Poems

महोबत का इतिहास...

अनजाने में मिली

और मेरा जहाँन बन गयी

उसके ही नाम से

मेरी पहचान बन गयी…


रात भर ना सोने देती मुझे

खुद तकलीफ में रहकर

Latest Poems

《HINDI  POEM》||Mann kyun hai tu udas aj?||

||Mann kyun hai tu udas aj?||

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Mann kyun hai tu udas aj?
Kya khoya kisa kya pyaar aj?
Ya chuta kisi dost ka saath tera? 65 more words

#poem

आवाज़

सुन सको तो सुनो

लबों की ख़ामोशी, आँखों की नमी,

और ये कमबख्त, दिल की बेताबी

-अ’नामी’

Hindi Poems

Shayari

Aap bhi kamaal he…

aapki baate bhi kamaal he…

Duniya ko dekhne ka aapka nazariya..,

dusro ko samajne ki vho samaj…,

apne se zayada apno ki khushi chahta vho dil…, 34 more words

Kamal Singh

बलिदान को बड़ा दिल नहीं सच्चा इंसान चाहिए

प्यार मैं गोपियो जैसा बलिदान चाहिए….

जिंदगी बदल रही इंसान ही के खातिर..

जिदंगी दे सके जो ऐसी जान चाहिए…

मेरे दिल को आशिक़ नहीं एक मासूम जवान चाहिए…

दुनिया बन गयी है सच्चे प्यार की दुस्मन …

बचा सके जो इनसे ऐसा दयावान चाहिए….

मेरे दोस्त प्यार समझ सके मुझे ऐसा अंजान चाहिए..

चेहरे पर चेहरा छिपाये कोई पहचानता नहीं

दिखा सके जो असली चेहरा ऐसा विद्वान चाहिए….

मेरे दिल को दिलदार नहीं दिलवान चाहिए..

पीड़िया बीत जाने के बाद भी जो प्यार के

काबिल न बन सके …..

बना सके जो इनको दिलवान ऐसा महान चाहिए…

मेरे दिल को एक अजनबी अंजान चाहिए…

Latest Poems

aazad parindé

é zamané sun tu ghor se…

baandh na payéga hume tu kisi bhi dor se

Hoslon ke vishal pankh leke paida hue he…

Kitne din samet payéga tu humé in chote se pinjron me? 197 more words

Kamal Singh