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||JANUARY BLOGS AND MORE|| 《Hindi Poem》​||TUNE CHODA MERA SAATH JAHA||

​||TUNE CHODA MERA SAATH JAHA||
TUNE CHODA MERA SAATH JAHA
WOH GAALI THI KISI AUR KI.
MAIN TOH CHALI TERE SANG HI THI.
SOCHI NA THI, YEH HOGA KABHI. 26 more words

#poem

वक्त

वो जो छुट गया हे पीछे ,वो फिर लोट के आएगा

वो हिस्सा दिल का जो कभी टुट गया था वो जक दिन फिर जुड जाएगा

काफी गिरे हे आसुं मानता हू पर हसीन हे ये जिन्दगी एक दिन तु फिर मुस्कराएगा

माना तेरी जिन्दगी मे काफी गम है ,

चेहरे से गुम है तेरे मुस्कान ,

आखें भी नम है

मगर ,तेरी मुस्कान से भी है कुछ लोगो की खुशी

तेरी नम आखें शायद उनको भी रूला ती होगीं

वक्त दो वक्त  को थोरा सा वक्त ही तो आज नही तो कल बदल ही जाएगा

ऐ यार मेरे मुस्कराना तो तुझे होगा ही,

तुझे दोस्ती का है वास्ता ,

और मे तो हंसाऊँगा ही और मुझसे बचने का कौई नही है रास्ता ।।

तिल गुड़ की मिठास

आओ यादों का पिटारा,
फिर खोल लेते है,
बचपन को फिर से,
याद कर लेते है,
तिल-गुड़ की मिठास,
और माँ के हाथो का,
स्वाद याद कर लेते है,
आओ यादो का पिटारा,
फिर से खोल लेते है,
ठिठुरती सी ठंड मे,
सुनहरी सी धूप मे,
उड़ाई हुई ,लपकी हुई,
पतंगो को फिर से,
याद कर लेते है,
वो जिंदगी मे मिठास,
घोलते हुए गड़िया गुल्ले,
साँचो मे ढले रंग-बिरंगे,
शक्कर के हाथी-घोड़े,
आज फिर से चख
लेते है,
यादो का पिटारा आज
फिर से खोल लेते है,
वो साँझा होती हुई,
टिफिन की मिठाईयाँ,
फिर से याद कर लेते है,
तिल-गुड़ की मिठास,
याद कर लेते है,
वो रौनक से भरे मेले ,
घूम लेते है,
पतंगो संग आसमां,
को छू लेते है,
खुशियों के खजाने
को लूट लेते है।

Hindi Poetry

सच्चे दिल से |

कल तुम्हे देखा था मैने |
कुछ इस नज़र से |
जैसे चाहने लगा हूँ तुम्हे |
सच्चे दिल से |
तुम्हारे चेहरे से झलकती मासूमियत |
मुझे खींचती है तुम्हारी ओर |
तुम्हारे होठों का सिसकना |
मुझे ले जाता है तुम्हारी ओर |
भूल जाता हूँ मैं सारे ग़म |
मैं और तुम अब बन जाए “हम” |

चेहरे पे असमंजस है ,
पर दिल मे कुछ और है |
ज़बान कुछ कहती है ,
पर आँखों मे कुछ और ही है |
साफ झलकता है प्यार ,
तुम्हारी आँखों से |
होठों की कश्मकश वो बताती है,
जो महसूस करती हो तुम…
अपने दिल की धड़कनो मे |

जब तुम पास रहती हो,
अछा लगता है |
दूर जाने की बात करके तुम,
मुझे क्यूँ सताती हो |
रूको कहो अपने दिल की |
सुन लो कुछ…
मेरे भी दिल की |
तुम्हारी नज़र कहती है,
मैं तुम्हारा हूँ |
मैं कहता हूँ की…
तुम मेरी हो |
तुम चाहती हो इस कदर से |
पर रोकती हो दिल को अपनी ज़ुबान से |
अब खेलना बंद करो |
कहना है जो सो कह दो |
रोको न खुद को मुझसे |
क्यूंकी…
चाहता हूँ मैं तुम्हे |
सच्चे दिल से…
सच्चे दिल से…

– Ashish Kumar

Ashish Kumar

आखिरी पल ...

मुझे याद है वो आखिरी पल…कभी अर्श पर कभी फर्श पर…

ढूंडा मैंने तुझे हर किधर दरबदर….

मैं रात भर ना सोया था उस दिन…उस बेवफा के प्यार की खातिर मैं रोया था उस दिन….

अगले दिन उठना नहीं चाहता था मैं दुनिया देखने के लिए….खुद को खुद से ही खोया था मैंने उस दिन….

वो किसी और के साथ प्यार के पल बिता रही थी…..इधर मेरे दिल पर वो बात कयामत सी ढा रही थी….

ना किसी को बता पाया ना दिल का बोझ हल्का कर पाया…घुटन महसूस करते हुए खुद अपने हाथों से उसकी यादो को मिटाया था उस दिन…

उसने ना सही मैंने तो बेइन्तहां प्यार किया था…फिर भी बेवफा लव्ज़ बार बार उसके लिए लबो पर आया था उस दिन….

ना जाने कितने दिन दुनिया से खोया रहा था मैं….नींद आती नहीं थी फिर भी सोया रहा था मैं…..

पहली महोबत तड़पायेगी ये सोचा ना था…..रूह बन कर दिल में रहती थी …..मुझे छोड़ जायेगी ये सोचा ना था….

वो खुश है किसी और की बांहो में…..मैंने खुद को बर्बाद कर खुद का ही तमाशा बनाया है उस दिन……

Sad Poetry

Jannat

Behti hui yeh hawaaen,
Lehraati hui yeh fizaen,
Chehekti hui yeh ghatein,
Har lamha yeh ehsaaz dilaye,
Ke jannat nahi kahin aur,
Hai bas yahaan. 153 more words

Hindi Poems