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Hindi Poem: Batiyaan- The Talking of Past

Hindi Poem: “Batiyaan- The Talking of Past”

“Be it friends, be it family, be it the one we loved or be it whomsoever with whom we spent days and nights talking and defining ourselves but now we hardly even hear their name in our life. 258 more words

Love

Aloo Kachaloo Kahan Gaye They - Hindi Kavita - Minnu and Mintu Hindi Rhymes

Funny Rhyme which learn your children Vegetables names in a very simple way.

Aaloo Kachaloo Beta Kahan Gaye The,

Baigan Ki Tokari Mein So Rahe The, 106 more words

Tanrıdan dilek/Wish from God

Tanrıdan dilek

Sigaramın dumanı bugün daha acı,

dün öten kuşlar bugün sessiz.

Hava pusulu ama gökyüzü çok nazlı,

ağlamak istemiyor, çünkü bana bakınca acıyor.

Kalemin mürekkebi akmıyor, 267 more words

Genel

भगवान का अर्थ

मन्दिर गया तो चैन ना आया
मज्जिद गया तो मन घबराया
चर्च गया तो कुछ कुछ समझ आया
गुरुद्वारे गया तो जाना जीवन
सब है भगवान ये जान पाया
इंसान पंच धातुओ का पुतला
तेरे अंदर भगवान तु जान ना पाया
लोगो ने मजाक उड़ाया
कैसे भगवान हमे बताओ
गलत राह हमे ना दिखाओ
मैने बड़े प्यार से समझाया
भगवान का अर्थ अभी तक जान ना पाया
भगवान में ही पंच धातु छिपे है
भ से भूमि, ग से गगन, व से वायु
अ से अग्नि, न से नीर बताया
ये बताकर पूछा सबसे,
अब बताओ क्या सब भगवान नही हो
अपने अंदर सब मिलेगा
जिसके लिए सदियो से भटक रहा था
ये सब पवित्र जगह मन को स्थिर करने के लिए
मन स्थिर फिर चैन ही चैन
स्कून जिंदगी का मिल जाएगा
फल में ज्ञान आ जाएगा
सब कुछ अपने आप जान जाएगा!

Poems

She rhymes....


Sehmi si kal ke ghar mein rehti hoon aur phir woh kal banke darrati hai, aaj woh saheli jisko chod chuki hoon phir bhi sapnoon mein aati hai… 99 more words

सौम्या

प्रेम में सिमट जाना
उसका जूनून है
फिर पहेली के शब्दों-सा बिखर जाना
उसकी आदत
ख़्वाब में ख़ुद ही फ़ना है वो
पर ख़्वाब ही उसकी चाहत ।

नींद तो फिर भी नींद है
वो खुली आँखों से ख्वाब देखती है
सीली फिर चाहे हों हौसलों की दीवारें
वो उम्मीद की आग से
ख्वाहिशें सेंकती है ।

उसकी बाँहों में न जाने
कितनी उड़ानें हैं कैद
उसकी आँखों से ही तो रंग जाता
ये सारा जहाँ है सुफैद ।

लहू बावरा हो दौड़ता
रंगरेज़ रगों में
खुद से ही मिल जाती
वो अनजान जगहों में ।

उसकी आवाज़ है देती
हर गूँज को खनक
इक इशारे से जाते
सितारे चमक ।

उसके ज़ख्मों में न जाने
कितनी कहानियां हैं जप्त
उसके क़दमों में ही तो चलता
नादान है वक़्त ।

उसकी रूह से झांकती है
अजब-सी रौशनी
उसकी चाहत में घुली है
गजब-सी चाशनी ।

उसकी बातों को
बस एक ही बात याद है
उसकी रातों में सुलगता
बस एक ही जज़्बात है
:
‘कि तुम देखना
कि तुम देखना
इक रोज़ ये जहाँ मोहब्बत कहलाएगा
कतरे-कतरे में इश्क़ गुनगुनाएगा ।’

बस इसी सपने से सजे
उसके ज़मीन-आसमान हैं
हाँ यही, हाँ यही
उसकी दास्तान है ।

नींद तो फिर भी नींद है
सौम्या, खुली आँखों से ख्वाब देखती है !
सीली फिर चाहे हों हौसलों की दीवारें
सौम्या, उम्मीद की आग से
ख्वाहिशें सेंकती है !

हाँ यही
सौम्या की दास्तान है ।

-कृतांत मिश्रा

Hindi Poems

TUM SATH HO

Pal bhar tehar ke bhi, 
Kya kuch badal jata? 
Socha mai ye Har pal karu. 

Zakhm uski baato ne, 
Dil ko Jo diye hain, 
Unhe mai kaise bharu?  175 more words

Hindi Poems