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कोई कहता है दुनिया प्यार से चलती है …

और कोई कहता है दोस्ती से…

मगर जब आज़माया तो पता चला की ये तो पैसे और मतलब से चलती है..!

लव शायरी

उम्र भर का है दुश्मन

मेरे दिल की दुनिया में एक सूना सा आँगन है,
जिसकी दीवारों पे कुछ भी नहीं है अपना।

ख़्वाबों को क्या देखें? जिसे दोस्त समझा,
वो ही उम्र भर का है दुश्मन अपना।

उमरते हैं बादल, घने – काले बरसने को,
पर उसके छत्ते पे आके रंग बदल लेते हैं अपना।

परमीत सिंह धुरंधर

Keh do tumhari yadon ko Hume ese na thadpaye.

Rat gujar jati hai lekin nind Hume na aaye.

Yaden Teri baten Teri harpal mujhe satate hain. 10 more words

Fain Full Hindi Shayari

चोली - Khattri - Crassa :An interesting triangle (dedicated to movie #Blackmail)

मेरी किस्मत में तेरी चाहत ही नहीं,
मैं हूँ एक आवारा बादल,
मुझे कोई तुझसे शिकायत भी नहीं।

तू एक रात जो मेरे पास ठहर जाए,
मैंने अपनी दुआ में,
अगली कोई सुबह मांगी भी नहीं।

तेरी चोली के बटन पे माना है Khattri का साया,
पर तेरी चोली के बटन,
कोई Crassa सा तोड़ता भी तो नहीं।

परमीत सिंह धुरंधर

विष भी पि लूंगा

यूँ ही नहीं तेरे लिए अपना खून बहाऊंगा,
तू कभी मिल तो सही तुझे अपना लहू पिलाऊंगा।
तेरी मंशा अगर मुझे मिटाने की ही है साकी,
तो अपने अधरों पे रख के दे, विष भी पि लूंगा।

शिव का भक्त हूँ,
मेरा प्रेम कोई चंचल नहीं है.
तुझे अगर चाहत है आभूषणों और दौलत की,
तो मैं वो गृहस्थ नहीं बन पाउँगा।

मेरी आदत है अकेला ही चलने की,
भीड़ को मैं अपने साथ नहीं रखता।
तुम्हे अगर चाहत है सत्ता की,
तो मेरा साथ छोड़ दो,
मैं अपने बगावत के रंग नहीं बदल पाउँगा।

Dedicated to Baba Nagarjuna

परमीत सिंह धुरंधर

बर्दास्त नहीं

बहुत उदास हूँ समंदर तेरी चाहत में,
मैं प्यासा तो रह सकता हूँ तेरी इंतजार में,
मगर बर्दास्त नहीं की तेरी लहरें लौट जाए,
बिना आये मेरे आगोस में.

कब कहा की घूँघट उठा कर दीदार दे अपने हुस्न का?
कब माँगा की जिस्म को छूकर अहसास दे अपनी वफ़ा का?
मगर बरदास नहीं की तू ज्वार-भाटा बन जाए,
एक आसमा के चाँद के ख्वाब में.

परमीत सिंह धुरंधर

सौतन खटिया

जब से जवनिया के चोलिया में बंध नी,
नगरिया के सब कोई पूछे ला उमरिया,
कैसे कहीं ए सखी, शर्म के छोड़ के?
सौतन भइल बिया जाड़ा में खटिया।

परमीत सिंह धुरंधर