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दुआ हमारी

उसने जो चाहा मिल गया,
खुशिया सारी नसीब हुई
मानो या ना मानो ज़माना,
दुआ हमारी ही कबूल हुई

वो एक शाम थी जब,
आख़िरी बार तुमसे नज़र हुई
उस शाम के बाद हमारी,
ना अभी तक कोई सहर हुई

कभी रहते थे हम तुम्हारे,
ख़यालो का नूर बनकर
वो ख़याल कहाँ खो गये इसकी,
किसिको खबर तक नही हुई

Ashwini Sharma

Hindi

Yaad hai wo shaamein
Jab mere jhumko se khela karte the tum
Meri har hasi pe nazre tikaya krte the tum
Kaise mai maan lu wo aankho mein saccha nahi tha pyaar… 83 more words

Ja azaad hai tu

Jaa azaad hai tu
Tere raasto mein teri manzilo mein
Mohobbat hai isliye
Udte panchi ki tarah in aasmaano mein
Pankh felaye door jaate jaa… 36 more words

How to forget?

यूँ ही एक समंदर आँखो से बह जाता है
कोई टूटा हुआ ख्वाब जब याद आ जाता है

चाहकर भी मिटा नही पाते उन लकीरो को
जब कोई सबसे प्यारा हमे जख्म दे जाता है

जो खून बनकर उतरा हो कभी नासो मे
नही आता हमे, उसे कैसे बहाया जाता है

ये मेरा दिल है, कभी मोम था, अभी पत्थर है
पर पत्थर को मोम मे कैसे पिघलाया जाता है

Ashwini sharma

Hindi

Alone

टुकड़े ही टुकड़े बिखरे हुए पाता हूँ
जब भी अपने दिल को देख पाता हूँ

एसी क्या सितम हुई उसके साथ
खोजता हूँ, पर जान नही पाता हूँ

क्यूँ, बस इस एक शब्द के सवाल पे
खुद को हमेशा मंज़िल से दूर पाता हूँ

आज जब पुरानी यादो को टटोलता हूँ
खुद को सबसे ज़्यादा बदनसीब पाता हूँ

ज़िंदा होकर भी मैं, मारा हुआ पाता हूँ

Ashwini sharma

Hindi

Main aur Tum

मैं जैसे पेट्रोल
तुम एक चिंगारी सी
कि जब से छूकर गये हो, आग लगी है बदन मे

मैं जैसे एक तरबूज
तुम तेज छुरी सी
जब से टकराए हो, मिठास बिखेर दी बर्तन मे

मैं जैसे पुरानी शराब
तुम वर्फ़ का एक टुकड़ा सी
जब से घुले हो मुझ मैं, ज़िंदगी चढ़ी है नसो मे

Ashwini Sharma

Hindi

Life-Movie

काश की जिंदगी भी फ़िल्मो की तरह होती
अंत अच्छा हो या बुरा २ घंटे मे ख्त्म तो होती

खुद की कहानी खुद लिखते और किरदार भी
देखता हमे हर कोई और शिकायत भी ना होती

तुम्हारे साथ भी कुछ लम्हे बिता ही लेते
भूमिका हमारी हीरो की होती या विलेन की होती

Ashwini Sharma

Hindi