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Ang Pag-ibig ni Pepe sa Panahong Kasalukuyan

Ikatlong Yugto.

Hindi ko alam kung anong nakain ko at naging papansin ako sa kanya hanggang isang araw, sinabi ko na lang sa kanya na crush ko siya. 365 more words

Random Thoughts

Ang Pag-ibig ni Pepe sa Panahong Kasalukuyan

Ikalawang Yugto.

Hunyo.

Panahon ng bagong simula, panibagong school year, bagong kaibigan, bagong matututunan, pwede ding bagong crush. hehe

Grade 5 na ko, binata na ko! 115 more words

Random Thoughts

Pops will see us through

Today has been a particularly sad day, as we finally laid my Dad to rest in the rose garden at Mum’s church.  It was a hard thing to go through, and afterwards I was feeling more than a bit deflated.   900 more words

Puppy Love

A silhouette of 3 generations 

Waiting to board the aircraft in Balikpapan, East Kalimantan for our spring holiday, I captured the silhouette of my father-in-law, my husband and our 2 sons. 16 more words

Photography

Aku Bisa Kabur, kan'!

Foto ini menunjukkan seorang pencuri yang ingin kabur dari sekelompok masa yang sedang memukulinya. Foto ini sangat menarik jika diedit dalam format B&W. Komposisi dalam foto ini sangat mudah kita baca maknanya. 32 more words

Human Interest

"आप" के झाड़ू का तिनका बिखर गया

….. अभी गर्मी आई भी नहीं और गर्मी की आहट सुनते ही “झाड़ू” मुरझाने लगा। क़रीब 50 दिन पहले ही तो झाड़ू खरीदा था लेकिन ना जाने क्यों बिना बरसात के पानी में भींगे ही झाड़ू कमज़ोर पड़ने लगा, एक एक कर उसके तिनके निकलने लगे, लेकिन भाई आप ही बताइये हम क्या करें? पाँच साल की गरंटी वाला झाड़ू अभी से ही अपना ब्रांड या यूँ कहे औक़ात बताने लगा।

जब हमने झाड़ू खरीदा था तब तो बेचने वाले ने बताया था कि यह झाड़ू बड़े ही लोकतांत्रिक तरीके से एक एक तिनके को जोड़ कर, ईमानदारी के साथ बनाया गया है, पिछले वाले झाड़ू की तरह नहीं है जो गलत “हाथ” में पर कर 49 दिन में ही टूट गया था। यह भी बताया था उस ईमानदार झाड़ू वाले ने कि यह झाड़ू हर तरह के गंदगी को साफ़ करेगा लेकिन इस बार तो हद ही हो गया, जब झाड़ू के मालिक को इसके ख़राब होने की शिकायत की गयी तो बजाय उसे ठीक करने के खुद ही झाड़ू के तिनके को लात मार कर हटा दिया। और बिना जवाब दिए चला गया, लेकिन हम क्या करें हम तो ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं खुद को।

एक बात तो साफ़ है, जब झाड़ू पुराना होता है तो खुद ही उसका तिनका टूट कर बिखर जाता है, ऊपर से सफाई के बदले गंदगी ही फैलता है, इन सब का फायदा या तो दूसरे झाड़ू वाले को स्वछ अभियान के ज़रिये होता है या फिर “हाथ” से ही गन्दगी साफ़ करने वाले को।

झाड़ू से याद आया कि इस देश में दो तरह के सफाई वाले हैं एक तो बड़े बड़े प्रोजेक्ट की सफाई करता है जैसे कोयला खदान, स्वीस बैंक, हेलीकाप्टर, दूसरा होता है छोटे लेवल का सफाई वाला जो सफाई कम आपस में ही लड़ता रहता कभी ठर्रे के लिए तो कभी चखना के लिए।

लेकिन इस झाड़ू के टूटने और झूठ बोल कर बेचे जाने से एक बात तो साफ़ हो गया की झाड़ू से दिखने वाली गंदगी साफ़ हो सकती है, मन की गंदगी नहीं।

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