Tags » Innocent Love

SHE

She is so beautiful. So amazing. So pretty. Quintessential. Just like Aladin’s Jasmine. Why does she look like that! I can’t concentrate on my work. She enthrals me like Doraemon. 630 more words

Prose

Ninsiima: My Childhood Love Story

Here I am reflecting on that Primary School love story. I was the village boy. She was the most beautiful creature I had laid eyes on in my not more that 11 years of age. 489 more words

Random Niceness

Falling In Love With The Life You Have

With Valentine’s Day around the corner the number of people just moping around since they’re single is way too much. We need to learn to love ourselves first before we can share the love to others. 750 more words

137eng

Writing Excerpt: To My Dream Reader

To all the boys I loved in the second grade:

Dear Brendan: For a boy, your bone structure was delicate.  Even with your glasses on, one look into your eyes and a second grade girl’s heart was easily stolen.   183 more words

Love's Condition

Innocent-love, is cursed with lack of sight;
and so, through blind-faith puts good-sense aside.
Long suffering-love imagines what might
have been; thus, emptiness is justified. 189 more words

Poetry

Innocent Love, Honest Heart - Chapter 1: The Assembly

Do you ever wonder what being in love truly means? What do you do when you have fallen so deeply in love that it’s hard to breathe? 575 more words

Honest Heart

कुछ ख़्वाब अभी बाकी हैं...!!

“नींद गायब है आँखों से पर कुछ बात अभी बाकी है,
इन स्थिर पलकों पर तैरते हुए कुछ ख़्वाब अभी बाकी हैं,
कितनी ही घटनाओं की याद लिए उनमें भी किसी का साथ लिए कुछ कल्पित स्वप्न चरित्र यहाँ,
हर दिन भावों का खेल खेलती ये जिन्दगी जिसकी रचनाएँ हैं दिखती विचित्र यहाँ,
मस्तिष्क में पनपते हुये सवालों से खुद जूझते हुए कितने ही जवाब अभी बाकी हैं,
नींद गायब है आँखों से पर कुछ बात अभी बाकी है,
इन स्थिर पलकों पर तैरते हुए कुछ ख़्वाब अभी बाकी है,
कभी ख़ुशी की लहर अचानक चेहरे पर जो दिख जाए,
वो तनिक ख़ुशी भी अनजान दुखों से क्षण भर में क्यों छुप जाए…!!
अभी तो दिखने को चेहरों पर कितने ही नए अंदाज़ अभी बाकी हैं,
नींद गायब है आँखों से पर कुछ बात अभी बाकी है,
इन स्थिर पलकों पर तैरते कुछ ख़्वाब अभी बाकी हैं,
नजदीक होकर भी जो वो क्षितिज सी दूरी का अहसास करा जाए,
दायरों में बांधकर मुझको कुछ यूँ ही वो अपनी मासूमियत को ख़ास बना जाए,
कुछ शब्द जो रोके मैंने जुबाँ से बाहर आने को..!!
अधीर ह्रदय से निकलने को वो ज़ज्बात अभी बाकी हैं,
नींद गायब है आँखों से पर कुछ बात अभी बाकी है,
इन स्थिर पलकों पर तैरते कुछ ख़्वाब अभी बाकी है,
इक निरपराध सा स्पर्श भर पाने की जो मेरी व्याकुलता है,
उसके मन की उमंगों संग जीवन की सभी तरंगों संग चलने को जो मेरी आकुलता है,
माना कि हैं बस ख़्वाब सभी पर दर्द क्यों ये दे जाती हैं,
हर क्षण मेरे मन को ये बस उन यादों में ही क्यों ले जाती हैं,
ये सारी यादें मिटे जहाँ वो समय अभी ठहरा हुआ,
क्या-क्या घटने को बाकी ये राज तो अब गहरा हुआ,
मन मिले परस्पर ह्रदय मिले जहाँ वो हालात अभी बाकी हैं,
नींद गायब है आँखों से पर कुछ बात अभी बाकी है,
इन स्थिर पलकों पर तैरते कुछ ख़्वाब अभी बाकी है…..”!!

Robinsh Vernwal