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Humne Pyar Nahi Ishq Nahi Ibaadat

Humne Pyar Nahi Ishq Nahi Ibaadat Ki Hai,
Rasmon Se Riwajon Se Bagawat Ki Hai,
Manga Tha Hum Ne Jise Apni Duaaon Me,
Usi Ne Mujhse Juda Hone Ki Chahat Ki Hai.
हमने प्यार नहीं इश्क नहीं इबादत की है,
रस्मों से रिवाजों से बगावत की है,
माँगा था हमने जिसे अपनी दुआओं में,
उसी ने मुझसे जुदा होने की चाहत की है।

Judai Shayari

Jiski Aankhon Mein Kati Thi Sadiyan,
Usne Sadiyon Ki Judai Di Hai.

जिसकी आँखों में कटी थी सदियाँ,
उसने सदियों की जुदाई दी है।

Judai Shayari

जुदाई शायरी 

सजदों में सिसकता देखो. ..

आओ किसी शब मुझे टूट के बिखरता देखो,

मेरी रगों में ज़हर जुदाई का उतरता देखो,

किस किस अदा से तुझे माँगा है खुदा से,

आओ कभी मुझे सजदों में सिसकता देखो।

सोचा था कि मिटाकर . ..

सोचा था कि मिटाकर सारी निशानी तेरी,

चैन से सो जायेंगे ।

बंद आँखो ने अक्स देखा तेरा,

तो बेचैन दिल ने पुकारा तुझको ।

उस शख्स को बिछड़ने .. .

उस शख्स को बिछड़ने का सलीका नहीं आता,

जाते जाते खुद को मेरे पास छोड़ गया…।

हर मुलाक़ात पर वक़्त का .. .

हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ,

हर याद पर दिल का दर्द ताज़ा हुआ ।

सुनी थी सिर्फ लोगों से जुदाई की बातें,

खुद पर बीती तो हक़ीक़त का अंदाज़ा हुआ ।

ऐ चाँद चला जा क्यूँ आया है . ..

ऐ चाँद चला जा

क्यूँ आया है तू मेरी चौखट पर,

छोड़ गया वो शख्स

जिस के धोखे मे तुझे देखते थे ।

Hindi Shayari

जुदाई शायरी 

कोई मरता नहीं जुदाई में. ..

रब किसी को किसी पर फ़िदा न करे,

करे तो क़यामत तक जुदा न करे,

ये माना की कोई मरता नहीं जुदाई में,

लेकिन जी भी तो नहीं पाता तन्हाई में।

अंजाम जुदाई निकला .. .

बेवफा वक़्त था..?

तुम थे..?

या मुकद्दर था मेरा..?

बात इतनी ही है कि अंजाम जुदाई निकला ।

जुदाई का सबब. ..

हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर,

हम उसे अपनी खता कहते हैं,

वो तो साँसों में बसी है मेरे,

जाने क्यों लोग मुझसे जुदा कहते हैं।

याद में तेरी आँहें . ..

याद में तेरी आँहें भरता है कोई,

हर सांस के साथ तुझे याद करता है कोई,

मौत तो सचाई है आनी ही है,

लेकिन तेरी जुदाई में हर रोज़ मरता है कोई।

किसी से जुदा होना . ..

किसी से जुदा होना इतना आसान होता तो,

रूह को जिस्म से लेने फ़रिश्ते नहीं आते।

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जुदाई शायरी 

जुदाई के मोड़ पर . ..

यह हम ही जानते हैं जुदाई के मोड़ पर,

इस दिल का जो भी हाल तुझे देख कर हुआ।

जुदाई का मलाल .. .

जब तक मिले न थे जुदाई का था मलाल,

अब ये मलाल है कि तमन्ना निकल गई।

तो जुदाई भी नहीं. ..

अब अगर मेल नहीं है तो जुदाई भी नहीं,

बात तोड़ी भी नहीं तुमने तो बनाई भी नहीं।

मार डालेगी जुदाई . ..

हमें ये मोहब्बत किस मोड़ पे ले आई,

दिल में दर्द है और ज़माने में रुसवाई,

कटता है हर एक पल सौ बरस के बराबर,

अब मार ही डालेगी मुझे तेरी जुदाई।

दिल से जुदा होना . ..

इतना बेताब न हो मुझसे बिछड़ने के लिए,

तुझे आँखों से नहीं मेरे दिल से जुदा होना है।

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