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¿Quién dice que la ecología tiene que estar peleado con verse bonita? Mmm…. Creo que nadie, pero yo casi siempre cuando pienso en ecología me pasan imágenes de hippies desarreglados por la mente (Lo siento, recuerden que soy nueva en esto de la ecología). 268 more words



Welk beroep je ook wilt beoefenen, bij bijna alle opleidingen leer je omgaan met onverwachte en kritieke situaties. Als piloot in training moet je een vliegtuig crash voorkomen in de vliegsimulator. 457 more words


A Conversation about Bread

Debs G: A Becky Lee!  I need your blueberry cobbler recipe for the challenge!

A Becky Lee: I don’t know if I have it at the moment because I use… 412 more words

Tasty Treats

I've Been In The Hospital For Days, But The Doctors Don't Know What's Wrong With Me Or My Momma

I used to get sick all the time when I was a kid.

Nothing major, just your usual stuff. Little fevers, stomach aches, that kind of thing. 1,142 more words

द्रोपदी की चीख

Source: http://www.exoticindiaart.com

द्रोपदी की चीख, गुरुजनों से मांगे वो भीख

कोई तो पुरुष बन जाओ

दुराचारी को रोको, लाचारी को फेंको

कोई तो पुरुष बन जाओ

बीभत्स वो दृश्य, घृणित और अस्पृश्य

कोई तो पुरुष बन जाओ

है कोई मेरा तात, है कोई मेरा भ्रात

कोई तो पुरुष बन जाओ

कहाँ हो मेरे भर्ता, कहाँ हो मेरे पुण्य

कोई तो पुरुष बन जाओ

कहाँ हो मेरे पांडव, कहाँ हो मेरे कुरु

कोई तो पुरुष बन जाओ

कहां गयी है दया, कहाँ है वो हया

कोई तो पुरुष बन जाओ

कहाँ है मेरा रुदन, कहाँ है मेरा क्रंदन

कोई तो पुरुष बन जाओ

ये मेरे सखा, ये मेरे भक्तवत्सल

अब तुम ही लाज बचाओ

ये मेरे कृष्णा, ये मेरे सखेति

अब तुम ही लाज बचाओ

मैं ठिठक गयी, मैं थक भी गयी

अब तुम ही प्राण बचाओ

ओ मेरे गोविन्द, ओ मेरे माधव

तुम चीर बन के आ जाओ

मेरे भाई का चीर, हर गया मेरी पीर

मेरा कृष्ण पुरुष बन के आया

हर जगह चीर ही चीर, दुराचारी की खीझ

कृष्ण चीर पुरुष बन के आया –२/

चन्दन अधिकारी

फरबरी ५, २०१६


Writers Needed!

Niuginikuru has vacancy for part-time writers. Writers can choose one of the following sections: Policy Analysis, Research & Development, Tech Startups, Higher Education and Vocational & Technical. 15 more words


Disturbing tales Of Mahabharata: The princess who was sold for some mere cattle

The epics, Mahabharata and Ramayana, have been the cradle  of the ideology on which our country is formed. Though Ramayana is incredibly perfect in terms of its characters, Mahabharata is like a fabric where hues of all shades ripple through its countless characters. 560 more words