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H is for Hawk

In an Indian Express op-ed on 11 January, political scientist Paul Staniland argues that we shouldn’t lose too much sleep over Pathankot-style terror strikes because “despite understandable public outcry and past success, these spoiler attacks will be increasingly ineffective for the Pakistani military and its non-state allies”. 346 more words

Bharatiya Janata Party

జైట్లీని రాజీనామా చేయమని ప్రధాని సూచిస్తున్నారు: ఏచూరి

జైట్లీని రాజీనామా చేయమని ప్రధాని సూచిస్తున్నారు: ఏచూరి

డిల్లీ డిస్ట్రిక్ట్ క్రికెట్ అసోసియేషన్ కుంభకోణంలో కేంద్ర ఆర్ధిక మంత్రి అరుణ్ జైట్లీ పై డిల్లీ ముఖ్యమంత్రి అరవింద్ కేజ్రీవాల్ చేస్తున్న ఆరోపణలు పార్లమెంటులో కూడా ప్రతిధ్వనిస్తున్నాయి. కాంగ్రెస్ దాని మిత్రపక్షాలు, ఇతర పార్టీల సభ్యులు అరుణ్ జైట్లీ రాజీనామాకు………Read More……

Politician with a difference

Madhya Pradesh minister of home and jails Babulal Gaur belongs to the rare breed of politicians. He contested his first Assembly election in 1974 as an independent supported by the parties which later formed Janata Party to dislodge Indira Gandhi and the Congress from power at the Centre and in several States. 573 more words

Politics

Advani Keep Silent On Dadri Incident attack on PM Modi Govt

ભાજપના વરિષ્ઠ નેતા અને પૂર્વ ઉપ વડાપ્રધાન લાલકૃષ્ણ અડવાણીએ મોદી સરકાર પર સાંકેતિક ભાષામાં નિશાન સાધ્યું છે. દાદરી હત્યાકાંડને લઈને પૂછવામાં આવેલ એક સવાલના જવાબમાં તેમણે કહ્યું કે, દાદરી પર બોલીશ તો અટલજીને સારું નહિ લાગે. http://www.vishvagujarat.com/advani-keep-silent-on-dadri-incident-attack-on-pm-modi-govt/

Monsoon session concludes: Sushma Swaraj-Rahul slugfest is the bitter end

The monsoon session of Parliament headed for an acrimonious close when External Affairs Minister Sushma Swaraj, whose resignation was sought by the Congress as a pre-condition for functioning of the House, tore into Sonia and… 884 more words

बाबरी विध्वंस मामला: आडवाणी और 19 अन्य को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

नई दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और अन्य के खिलाफ आपराधिक षड़यंत्र के आरोप हटाने का विरोध करने वाली याचिका पर आज उनसे जवाब मांगा। मुख्य न्यायाधीश एच एल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने बाबरी मस्जिद मामले के एक याचिकाकर्ता हाजी महबूब अहमद द्वारा दायर एक पृथक याचिका पर भाजपा नेता और सीबीआई को नोटिस जारी किए।

अहमद ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि केंद्र में सरकार बदलने के चलते सीबीआई अपना रुख नरम कर सकती है। इससे पहले सीबीआई बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आडवाणी और 19 अन्य के खिलाफ षड़यंत्र के आरोप हटाने संबंधी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय गई थी।

सीबीआई ने आज संक्षिप्त सुनवाई के दौरान मामले में अपील दायर करने में हुई देरी के संबंध में ताजा शपथपत्र दायर करने के लिए समय मांगा। अदालत ने जांच एजेंसी की याचिका मंजूर करते हुए उसे जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपील दर्ज कराने में देरी के लिए सीबीआई की खिंचाई की थी

सीबीआई ने उच्च न्यायालय के 21 मई 2010 को सुनाए फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने नेताओं के खिलाफ आरोप हटाने के विशेष अदालत के फैसले को बरकरार रखा था।

उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में सीबीआई की विशेष अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था जिसमें आडवाणी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार और मुरली मनोहर जोशी के उपर लगे षड़यंत्र रचने के आरोपों को हटा दिया गया था। इनके अलावा सतीश प्रधान, सी आर बंसल, अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, साध्वी रितम्भरा, वी एच डालमिया, महंत अवैद्यनाथ, आर वी वेदांती, परम हंस राम चंद्र दास, जगदीश मुनि महाराज, बी एल शर्मा, नृत्य गोपाल दास, धरम दास, सतीश नागर और मोरेश्वर सावे के खिलाफ भी आरोप हटाए गए थे।

बाल ठाकरे के निधन के बाद उनका नाम आरोपियों की सूची से हटा दिया गया था। उच्च न्यायालय ने विशेष अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए सीबीआई को रायबरेली अदालत में आडवाणी एवं अन्य के खिलाफ अन्य आरोपों के मामले में आगे बढ़ने की अनुमति दी थी। यह मामला राय बरेली अदालत के अधिकार क्षेत्र में आता है। उच्च न्यायालय ने मई 2010 में सुनाए फैसले में कहा था कि विशेष अदालत द्वारा चार मई 2001 को सुनाए गए फैसले के खिलाफ सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका में कोई दम नहीं है।

विवादित ढांचा गिराए जाने के संबंध में दो मामले हैं- एक मामला आडवाणी और उन अन्य लोगों के खिलाफ है जो छह दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के समय अयोध्या के राम कथा कुंज में मंच पर थे जबकि एक अन्य मामला उन लाखों अज्ञात कारसेवकों के खिलाफ है जो विवादित ढांचे में और उसके आस पास मौजूद थे।

सीबीआई ने आडवाणी और 20 अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 153 ए (वर्गों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना), 153 बी (राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाना) और 505 (सार्वजनिक शांति भंग करने करने या दंगा भड़काने के इरादे से झूठे बयान, अफवाहें आदि फैलाना) के तहत आरोप पत्र दायर किया था। जांच एजेंसी ने बाद में भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक षड़यंत्र) के तहत भी आरोप लगाया था, जिसे विशेष अदालत ने खारिज कर दिया था और बाद में उच्च न्यायालय ने भी विशेष अदालत का यह निर्णय बरकरार रखा था।

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An affordable dream

I know a lot of game is still on before the results of Elections are announced – though the whole result would primarily revolve around one question ‘Modi or no Modi’. 1,175 more words

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