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Fodder scam: Lalu Prasad convicted, to move High Court: Top 10 developments

The fourth fodder scam case is related to the fraudulent withdrawal of Rs 31.3 million from Dumka treasury in 1990s

A special Central Bureau of Investigation court on Monday convicted former Bihar chief minister and Rashtriya Janata Dal (CM) Lalu Prasad in the multi-billion fourth fodder case, but acquitted another former CM, Jagannath Mishra. 640 more words

Fodder scam: Lalu Prasad convicted, to move High Court: Top 10 developments

The fourth fodder scam case is related to the fraudulent withdrawal of Rs 31.3 million from Dumka treasury in 1990s

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AKHILESH & MAYA alliance rocked in UP by-poll election, set an alarm for BJP before 2019 General Election

#Bypollelection, #UttarPradesh,# Bihar, #2019Generalelection.

A big setback for BJP in Uttar Pradesh by-poll election as BJP lost both of these Lok Sabha seats, this by-poll election was scheduled for Gorakhpur and Phulpur Lok Sabha seats. 694 more words

लालू की बेटी- दामाद को जमानत, मीसा ने पति और CA को ठहराया जिम्मेदार

डिजिटल डेस्क, पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के चीफ लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती और उनके दामाद शैलेष यादव को सोमवार को CBI कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मनी लॉन्ड्रिंग केस के आरोपों से घिरे मीसा भारती और उनके पति शैलेष यादव को CBI की स्पेशल कोर्ट में पेश किया था। जिसके बाद कोर्ट ने मीसा भारती और शैलेष को जमानत देते हुए कहा कि वो दोनों कोर्ट की इजाजत के बिना देश से बाहर नहीं जा सकते। 20 more words

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चारा घोटाला : चाईबासा ट्रेजरी केस में भी लालू दोषी, सजा पर बहस 2 बजे

Source : Youtube

डिजिटल डेस्क, रांची। बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा ट्रेजरी केस में भी लालू यादव को दोषी करार दिया जा चुका है। उनके साथ ही बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा को भी दोषी करार दिया गया है। इस मामले में 56 में से 6 आरोपियों को बरी किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि सजा पर बहस 2 बजे के बाद शुरू होगी और माना जा रहा है कि इस पर फैसला भी आज ही आ सकता है। बता दें कि लालू यादव समेत सभी आरोपियों पर चाईबासा ट्रेजरी से 35 करोड़ 62 लाख रुपए के गबन का आरोप है। इससे पहले चारा घोटाले में देवघर ट्रेजरी केस में लालू को साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना लगाया गया है और वो फिलहाल रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद है। 7 more words

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चारा घोटाला : फिर मुश्किल में लालू, एक और केस में फैसला आज

डिजिटल डेस्क, रांची। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बताया जा रहा है कि चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा ट्रेजरी से 35 करोड़ 62 लाख रुपए के गबन के एक और मामले में बुधवार को फैसला आ सकता है। रांची की सीबीआई कोर्ट के जज स्वर्ण शंकर प्रसाद आज इस पर फैसला सुना सकते हैं। इससे पहले चारा घोटाले में देवघर ट्रेजरी केस में लालू को साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना लगाया गया है और वो फिलहाल रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद है। बता दें कि लालू यादव के खिलाफ चारा घोटाले से जुड़े 5 मामलों पर केस चल रहा है, जिनमें से 2 पर फैसला आ चुका है और तीसरे पर आज फैसला आ सकता है।

10 जनवरी को फैसला रखा था सुरक्षित

चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा ट्रेजरी केस में रांची की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है और अब बस फैसला आना बाकी है। सीबीआई के स्पेशल जज स्वर्ण शंकर प्रसाद की कोर्ट में इस मामले में 10 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। माना जा रहा है कि सीबीआई कोर्ट 24 जनवरी को इसपर फैसला दे सकती है। बता दें कि करीब 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा ट्रेजरी से 35 करोड़ 62 लाख रुपए की फर्जी तरीके से निकालने का आरोप है।

क्या है चाईबासा ट्रेजरी का मामला?

चाईबासा ट्रेजरी से 1992-93 में फर्जी तरीके से 35 करोड़ 62 लाख रुपए निकाले गए थे। इस मामले में 1996 में केस दर्ज हुआ था और 76 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और डॉ. जगन्नाथ मिश्रा का नाम शामिल है। सुनवाई के दौरान 14 आरोपियों की मौत हो चुकी है। बाकी बचे हुए आरोपियों में से दो सुशील कुमार झा और प्रमोद कुमार जायसवाल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था, जबकि तीन आरोपी दीपेश चांडक, आरके दास और शैलेष प्रसाद सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। बता दें कि ये तीसरा केस है जब लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा आरोपी हैं।

पहले हो चुकी है 5 साल की सजा

चाईबासा ट्रेजरी से ही जुड़े एक अन्य मामले में लालू प्रसाद यादव को पहले 5 साल की सजा हो चुकी है। 3 अक्टूबर 2013 को रांची के सीबीआई जज प्रवास कुमार सिंह ने चाईबासा ट्रेजरी से 37 करोड़ 7 लाख की अवैध निकासी के आरोप में 5 साल की सजा सुनाई गई थी और साथ ही 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था। इसी मामले में लालू के अलावा डॉ. जगन्नाथ मिश्रा को भी 4 साल कैद और 21 लाख जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही लालू पर 11 साल तक चुनाव लड़ने पर भी बैन लगा दिया गया था। फिलहाल इस मामले में लालू जमानत पर रिहा हैं।

लालू के खिलाफ चल रहे हैं 5 मामले

चारा घोटाले से जुड़े 5 मामले लालू के खिलाफ चल रहे हैं। इनमें से 2 पर कोर्ट का फैसला आ चुका है। इनके अलावा लालू के खिलाफ रांची की सीबीआई कोर्ट में डोरंडा ट्रेजरी से 184 करोड़ रुपए की फर्जी निकासी, दुमका ट्रेजरी से 3 करोड़ 97 लाख और चाईबासा ट्रेजरी से अवैध निकासी के दो मामले हैं। इनमें पहला मामला 37 करोड़ 70 लाख का है, जिसमें लालू को 5 साल की सजा हो चुकी है और दूसरा मामला 35 करोड़ 62 लाख रुपए का है। इसके अलावा देवघर ट्रेजरी का केस है, जिसमें 89 लाख रुपए का गबन फर्जी तरीके से किया गया और हाल ही में इस पर फैसला आया है।

देवघर ट्रेजरी में लालू को साढ़े 3 साल की सजा

चारा घोटाले के देवघर ट्रेजरी केस में रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने 23 दिसंबर को फैसला सुनाया था। इस मामले में लालू प्रसाद यादव समेत 22 लोगों को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट के जज शिवपाल सिंह ने फैसला देते हुए 6 आरोपियों को बरी कर दिया था, जबकि लालू प्रसाद यादव समेत 16 लोगों को दोषी करार दिया था। जबकि लालू प्रसाद यादव की सजा का एलान 6 जनवरी को किया गया। कोर्ट ने लालू को साढ़े 3 साल की कैद और 5 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है। 16 दोषियों में से 10 को कोर्ट ने साढ़े 3 साल की कैद और 5 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि 6 दोषियों को 7 साल की कैद और 10 लाख का जुर्माने की सजा दी है।

कौन-कौन हुए थे दोषी करार? 

23 दिसंबर को सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने 16 लोगों को दोषी करार दिया है। इसमें बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव, जगदीश शर्मा, आरके राणा, बेक जूलियस, आईएएस ऑफिसर फूलचंद सिंह और महेश प्रसाद, कृष्ण कुमार, ट्रजरी ऑफिसर सुबीर भट्टाचार्य को दोषी बनाया गया था। इसके अलावा त्रिपुरारी मोहन प्रसाद, सुशील कुमार सिन्हा, सुनील कुमार सिन्हा, राजा राम जोशी, गोपीनाथ दास, संजय अग्रवाल, ज्योति कुमार झा और सुनील गांधी को भी इस मामले में दोषी करार दिया गया था। जबकि इस मामले में 22 में 6 आरोपियों को बरी कर दिया गया था। इसमें बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा, पूर्व पीएसी चेयरमैन ध्रुव भगत, पूर्व आईआरएस ऑफिसर एसी चौधरी, चारा सप्लायर सरस्वती चंद्रा और सदानंद सिंह और पूर्व मंत्री विद्या सागर निषाद को बरी कर दिया गया था।

क्या है चारा घोटाला? 

चारा घोटाला पहली बार साल 1996 में सामने आया, जब बिहार के पशुपालन विभाग में करोड़ों रुपए के घोटाले का खुलासा हुआ था। उस वक्त लालू प्रसाद यादव की सरकार थी। ये घोटाला तकरीबन 950 करोड़ रुपए का है। बताया जाता है कि चारा घोटाला 1984 से चला आ रहा था और कुछ अधिकारी फर्जी तरीके से सरकारी खजाने को खाली कर रहे थे। इस घोटाले को सबसे पहले 1993 में विधायक दिलीप वर्मा ने विधानसभा में उठाया था। इस घोटाले में पहली बार 27 जनवरी 1996 को चाईबासा थाने में केस दर्ज किया और बाद में पटना हाईकोर्ट ने 11 मार्च 1996 को इसे सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया। इस घोटाले में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव समेत 56 लोगों को आरोपी बनाया था। इनमें से कई आरोपियों की या तो मौत हो चुकी है या फिर सरकारी गवाह बन चुके हैं।

लालू को गंवानी पड़ी थी कुर्सी

चारा घोटाला सामने आने के बाद लालू प्रसाद यादव 1997 में पहली बार जेल गए, तो उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी ती। हालांकि, इसका उनकी पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ा क्योंकि उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का सीएम बना दिया था। आखिरी बार लालू प्रसाद यादव अक्टूबर 2013 में इस मामले में जेल गए थे, जब कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए 5 साल की सजा सुनाई थी। इसके अलावा लालू की लोकसभा सदस्यता छीन ली गई और उन पर 11 साल तक कोई भी चुनाव लड़ने पर बैन लगा दिया गया। हालांकि बाद इस मामले में बाद में लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

Source: bhaskarhindi.com

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Justice System: Designed to fail or Made to fail

” From the day one I knew that the accused is guilty. But I keep on waiting for proof to be presented in the court but this never happens”. 357 more words

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