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24 Hour Race: Event, Purpose, and BTS

#Slaverystillexists. What do you think of when you look at this hashtag? You may have already seen it going around, especially on Facebook. This hashtag has been used by the… 792 more words

KIS

Pinson residents concerned about fatal crash intersection

PINSON, Ala. (WIAT) — Two people were killed and two were taken to the hospital after a crash involving two vehicles on Pinson Valley Parkway/Highway 79 and Westchester Drive Thursday evening. 144 more words

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अब जनता पूछेगी सवाल, कठघरे में होंगे जिम्मेदार

 जनता से जुड़ी समस्याएं जैसे सफाई, पेयजल आपूर्ति, वाटर लॉगिंग, सीवर समस्या, विद्युत, खाद्यान्न वितरण के साथ कानून व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई और समाधान के लिए शहर में एक बार फिर चौपाल लगाई जाएगी। 21 जुलाई से विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासन की चौपाल लगेगी। मगर इस बार चौपाल में जनता के सवाल होंगे और कठघरे में जवाब देने के लिए संबंधित अधिकारी होंगे। मतलब साफ है कि पिछली समस्याओं पर अगर कार्रवाई नहीं हुई होगी तो इस बारे जिम्मेदारों के खिलाफ एक्शन जरूर लिया जाएगा। वहीं पहली बार आने वाली समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।

जेपी मेहता इंटर कॉलेज से होगा स्टार्ट

जिलाधिकारी विजय किरन आनंद की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 21 जुलाई से चौपाल लगाई जाएगी। पहली चौपाल जेपी मेहता इंटर कॉलेज में लगेगी। इसके बाद 22 को नगर निगम जोन कार्यालय नदेसर में, 23 जुलाई को नगर निगम कार्यालय आदमपुर में, 26 जुलाई को डुमराव बाग कॉलोनी पार्क में, 27 को दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क में, 28 को भरत मिलाप मैदान, नाटी इमली में, 29 को प्राइमरी पाठशाला, शिवपुर में, 30 को सरस्वती इंटर कॉलेज, सुडि़या में, 31 को कबीर नगर उपवन पार्क में, दो अगस्त को टाउन हाल मैदान में, तीन को ब्रिज इन्क्लेव पार्क में, चार को सफाई चौकी कार्यालय चेतगंज में, पांच को नगर निगम प्रेक्षागृह में, छह को संकुल भवन चौकाघाट में, नौ को बंगाली टोला इंटर कॉलेज और दस अगस्त को डीएवी इंटर कॉलेज में चौपाल लगेगी। इससे पहले डीएम ने सभी अधिकारियों को सचेत किया कि पूर्व में आयोजित चौपाल में आई समस्या के निस्तारण को लेकर दिये गए निर्देश का अनुपालन न होने पर कार्रवाई तय है।

Source: InextLive Jagran

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राष्ट्रकवि के नाम से जल्द बने यूनिवर्सिटी : शिक्षा मंत्री

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सरकार संकल्पित है यही कारण है कि बिहार में नकल मुक्तपरीक्षा ली गई। लेकिन सरकार में ही कुछ ऐसे लोग शामिल थे जिनके कारण शिक्षा गर्त में जा रही थी। अब ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो रही है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। यह बातें बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने जीडी कॉलेज में मिथिला यूनिवर्सिटी के विस्तार केंद्र और नव निर्मित परीक्षा भवन का इनॉगरेशन करते हुए कही। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, सरकार के सात निश्चय में एक निश्चय यह भी है।

स्टूडेंट को होगा फायदा

विस्तार केंद्र के बारे में शिक्षा मंत्री ने कहा कि विस्तार केंद्र जीडी कॉलेज में खुलने से जिले के सभी कॉलेजों के छात्र- छात्राओं को फायदा मिलेगा। किसी तरह के कागजी कार्य चाहे एडमिट कार्ड की बात हो या फॉर्म भरने की, सभी यही से किए जा सकेंगे। डॉ अशोक चौधरी ने कहा कि दिली चाहत है कि बेगूसराय में जल्द ही राष्ट्रकवि दिनकर के नाम से यूनिवर्सिटी खोला जाए। ज्ञात हो कि पिछले दिनों बेगूसराय के जीडी कॉलेज में यूनिवर्सिटी के उपकेंद्र खोलने की बात कही गयी थी लेकिन यह उपकेंद्र नहीं बल्कि उसका विस्तार केंद्र है। शिक्षा मंत्री ने फीता काट और दीप प्रज्वलित कर विस्तार केंद्र का इनॉगरेशन किया।

कॉलेज की व्यवस्था सुधारा जाए

बेगूसराय सांसद डॉक्टर भोला प्रसाद सिंह ने कहा कि विस्तार केंद्र खोलने से पहले जरूरत इस बात की है कि कॉलेज की व्यवस्था को सुधारा जाए। जब छात्र कॉलेज आते ही नहीं हैं तो किस प्रकार इस केंद्र की योजना फलीभूत हो पाएगी। मौके पर बिहार सरकार के भू राजस्व मंत्री मदन मोहन झा, नगर विधायक अमिता भूषण, मिथिला यूनिवर्सिटी के वीसी साकेत कुशवाहा, विधान पार्षद दिलीप चौधरी, जीडी कॉलेज के प्राचार्य अवधेश कुमार सहित काफी संख्या में शिक्षाविद और छात्र उपस्थित थे।

Source: InextLive Jagran

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'स्मार्ट कैंट' में गंदगी से हाहाकार

कुछ दिन पहले ही स्मार्ट कैंट बनाने की बात हो रही थी, लेकिन आरआर मॉल ध्वस्तीकरण मामले में कैंट बोर्ड अफसरों पर मुकदमा दर्ज किए जाने के खिलाफ हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों ने क्षेत्र में बुनियादी सेवाएं ठप कर दी। बुधवार को हड़तालियों ने न केवल स्कूल्स व सफाई कार्य ठप किया, बल्कि मेडिकल जैसी इमरजेंसी सेवाओं को भी बंद कर दिया। जबकि मांग पूरी न होने पर पेयजल आपूर्ति पर भी रोक लगाने की बात कही।

बुनियादी सेवाएं प्रभावित

अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस व छावनी परिषद कर्मचारी यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने बुधवार को छावनी क्षेत्र के बुनियादी सेवाएं हिला कर रख दी। हड़ताल के चलते कर्मचारियों ने न तो क्षेत्र का कूड़ा उठाया और न ही और न ही झाडू। जिसका प्रभाव छावनी क्षेत्र में साफ देखने को मिला।

स्कूल रहे बंद

हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों ने छावनी क्षेत्र स्थित सीएबी और आधारशिला पब्लिक स्कूल बंद करा दिए। सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो स्कूल बंद उनको वापस लौटाना पड़ा। क्लासेस बिल्कुल खाली दिखाई पड़ी।

भटकते रहे मरीज

हड़तालियों ने इमरजेंसी सेवाओं को भी बख्शा और कैंट हॉस्पिटल को भी बंद करा दिया। हॉस्पिटल के मुख्य द्वारा पर हड़ताल का बैनर लगा कर जनरल ओपीडी बंद करा दी गई। नतीजा यह हुआ कि इलाज की तलाश में मरीज इधर- उधर भटकते रहे।

सड़कों पर पसरा रहा कूड़ा

हड़ताल में शामिल सफाई कर्मचारियों ने कूड़ा उठाने से साफ इंकार कर दिया। बुधवार को न तो सड़कों पर झाडू लगाई गई और न ही कूड़ा उठाया गया। हालत यह हो कूड़े से उठती दुर्गध ने लोगों का रास्तों से गुजरना दूभर कर दिया।

बॉक्स

कैंट ऑफिस में धरना जारी

आरआर मॉल प्रकरण में अफसरों पर मुकदमे के विरोध में बुधवार को कर्मचारियों का धरना जा रहा। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस व छावनी परिषद कर्मचारी यूनियन के बैनर तले धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि 210 बी प्रकरण के मुख्य सूत्रधार को न पकड़ना प्रमाणित करता है कि व्यापारियों के साथ पुलिस भी आनंद प्रकाश को बचाने में लगी है। कर्मचारियों ने व्यापारियों ने पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप भी लगाया। धरने की अध्यक्षता पुजेश लोहरे व संचालन नवीन चंद्र पंत ने किया। इस मौके पर विनोद कुमार बैचेन, राजू, दिनेश चौहान, योगेश भगत व जयपाल तोमर आदि मौजूद रहे।

Source: InextLive Jagran

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बीएसपी से छिन सकता है राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा

चंद महीनों के भीतर होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सूबे के प्रमुख विरोधी दल बहुजन समाज पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है। बसपा का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खत्म होने का मामला निर्णायक मोड़ पर आ चुका है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इस बारे में केंद्रीय चुनाव आयोग फैसला लेने वाला है। आयोग ने बसपा को विगत 28 जून तक इस मामले में जवाब दाखिल करने को कहा था। बदले हालात में यदि पार्टी का राष्ट्रीय दर्जा खत्म होने की नौबत आई तो पंजाब में उसे किसी दूसरे सिंबल से चुनाव लड़ना पड़ सकता है।

बार- बार मांगी मोहलत

पिछले लोकसभा चुनाव में यूपी में खाता भी नहीं खोल पाने के बाद बसपा का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खत्म होने की नौबत आ गयी थी। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा समाप्त करने के लिए आयोग ने बीएसपी को नोटिस भी थमाया था। इसके बाद पार्टी ने पहले दिल्ली और फिर बिहार चुनाव तक के लिए मोहलत मांगी थी, लेकिन दोनों ही राज्यों में पार्टी की परफार्मेस अच्छी नहीं रही और वह इतने वोट नहीं जुटा सकी जिससे उनका राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा बच जाए। सूत्रों की मानें तो केंद्रीय चुनाव आयोग इस बारे में जल्द ही सुनवाई करने वाला है। मालूम हो कि जल्द पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में बसपा को खासकर पंजाब और उत्तराखंड में खासी उम्मीदें है। इनमें से उत्तराखंड में ही वह अपने सिंबल पर चुनाव लड़ पाएगी जबकि पंजाब में उसे आयोग द्वारा दिए गये किसी अन्य सिंबल पर चुनाव मैदान में उतरना पड़ेगा।

ये हैं नियम

चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे के लिए किसी भी पार्टी को चार प्रदेशों में कम से कम छह फीसद वोट या तीन चौथाई लोकसभा सीटों पर कम से कम दो फीसदी वोट मिलने चाहिए। इसके अलावा चार राज्यों में राज्य पार्टी के तौर पर उसकी मान्यता होनी चाहिए। बिहार चुनाव में बीएसपी को राष्ट्रीय पार्टी बने रहने के लिए आठ परसेंट वोटों की दरकार थी जबकि उसे सिर्फ 2.07 परसेंट वोट ही हासिल हुए।

1997 में टॉप पर, 2014 से पस्त

बसपा को 1997 में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया गया था। उस समय यूपी के अलावा उत्तराखंड, बिहार और दिल्ली में भी पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा था। 2014 से बीएसपी का पतन शुरू हुआ। वह लोकसभा चुनाव में खाता भी नहीं खोल सकी उसके बाद हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव में भी उसे अपेक्षित सीट नहीं मिली। दिल्ली चुनाव में भी आम आदमी पार्टी के आगे सभी पार्टियां धराशायी हो गयीं। वहीं बिहार चुनाव में भी पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली।

तो छिन जाएगा हाथी निशान

राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त पार्टियों को ना सिर्फ पूरे देश में चुनाव लड़ने के लिए एक ही सिंबल मिलता है बल्कि आल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर चुनाव प्रचार के लिए पर्याप्त प्रसारण अवधि मिल जाती है। सिंबल्स आर्डर 1968 के तहत अगर बीएसपी का राष्ट्रीय पार्टी होने का दर्जा छिनता है तो पूरे देश में एक ही सिंबल पर चुनाव लड़ने का अधिकार भी नहीं रहेगा। ऐसे में बीएसपी उन राज्यों में ही हाथी सिंबल पर चुनाव लड़ पायेगी जहां उसकी मान्यता राज्य की पार्टी के रूप में होगी।

Source: InextLive Jagran

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हंसी-खुशी विदा हुई संवासिनियां

एक तरफ जहां नये जीवन में प्रवेश करने की खुशी थी वहीं अपनी सखियों से बिछड़ने गम। नम आंखों संग नये जीवन की शुरुआत करने वाली दस संवासिनियों का कुछ ऐसा ही हाल था। बुधवार जैतपुरा स्थित संवासिनी गृह में धूमधाम से दस संवासिनियों की शादी सम्पन्न हुई।

 दुल्हन बनीं पायल, ज्योति, श्रुति, निशा, पुष्पा, संजू यादव, काजल, कोमल, नीरा और स्वीटी लाल, नारंगी और सुनहरे लहंगे में सजकर पति संग अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने चल पड़ीं। वेदी पर बैठे पंडितों के मंत्रोंच्चार के बीच पूरी हुई शादी के बाद दुल्हनों को उपहार देने वालों की लाइन लग गई। संवासिनी गृह की प्रभारी गीता पांडेय की मौजूदगी में सारी रस्मों को पूरा किया गया।

 कन्यादान एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय, एसपी सिटी, प्रेम मिश्रा अध्यक्ष काशी व्यापार मंडल), वीएन चतुर्वेदी (परामर्श दाता सुलभ इंटरनेशनल ), सीडब्ल्यूसी की सदस्य प्रीती श्रीवास्तव, प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी आरके यादव, सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष रेखा, डॉली फाउंडेशन की पूर्णिमा सिंह, केएस पांडेय( जिला होमगार्ड कमांडेंट), ममता द्विवेदी, समाजसेवी ने बतौर अभिभावक किया। जयमाल के दौरान दुल्हन की सखियों ने दूल्हों के जूते चुराने की रस्म भी अदा की.

Source: InextLive Jagran

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