Tags » Manmohan Singh

A tale of two amici curiae (plural of amicus curiae) aka friendly person of the SC.

For all those who came late

On 16/12/2012 Jyothi was brutalized and raped by six brutes in a moving bus in Delhi and she died on 29/12/2012 in a Singapore hospital. 429 more words

Political leadership in crisis - Narasimhanomics

Narasimha Rao was a contradictory character. His contradiction was at the heart of who he was. He was corrupt, he was a visionary. He could be principled, he could be unprincipled. 3,197 more words

Modi has failed to meet any of his big promises, bringing back black money stashed abroad is a case in point: Ram Jethmalani

Newsroom24x7 Staff

Bhopal: Member of Parliament and senior Supreme Court advocate Ram Jathmalani today said that Prime Minister Narendra Modi has failed to fulfill any of the big promises he made to the people of India. 783 more words

India

Why Congress's decision to boycott the Parliament is a disservice in itself?

Throw the bathwater out, not the baby!

The decision of the Indian National Congress to boycott the parliament and the Prime Minister (“PM”) this budget session against a derogatory remark made against the former P.M.

280 more words
Politics

Look around you. How fit are our leaders? Mentally fit, that is.

There’s a lovely story about Anil Ambani, narrated by the man himself, of a presentation he made before investors in New York in the late 1990s. 1,176 more words

Churumuri

'रेनकोट' पर हंगामा है क्यों बरपा : कांग्रेस बोली, माफी मांगे पीएम

नई दिल्ली। बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा। जिसके बाद विपक्ष ने टिपण्णी को लेकर पीएम मोदी से माफी की मांग की है। बुधवार को राज्यसभा में बोलते हुए पीएम ने कहा कि पिछले सत्र में मनमोहन सिंह जी ने अपने विचार रखे थे। अभी शायद एक किताब निकली है और उसकी फॉरवर्ड डॉक्टर साहब ने लिखी है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पता चला है कि किताब उन्होंने नहीं किसी और ने लिखी। उनके भाषण में भी मुझे ऐसा लगा। शायद… इतना कहकर मोदी रुक गये। तभी विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होने पर मोदी ने कहा, जो शब्द मैं बोला भी नहीं वो ये समझ गए। ये गजब की बात है।

पीएम मोदी ने कहा कि मनमोहन सिंह जी पूर्व पीएम हैं, आदरणीय हैं। पिछले 30-35 सालों से देश के आर्थिक फैसलों से उनका सीधा संबंध रहा है। आधे समय में उनका ही दबदबा रहा है। ऐसा नेता देश में कोई नहीं होगा। हम उनसे कुछ सीख सकते हैं। मनमोहन पर कभी कोई दाग नहीं लगा। बाथरूम में रेनकोट पहन कर नहाना ये कला मनमोहन जी के अलावा कोई नहीं जानता।

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