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The Legacy of African American History in the USCG

by Kasey Zronek

On 26 September 1918, 111 Coast Guardsmen aboard the USCGC Tampa were killed when the ship was blown up by a torpedo off the coast of Europe. 498 more words

African American History

A panoramic novel about how America began its global ascent to power

An Honorable War, by Robert N. Macomber. Pineapple Press. 392 pages. Hardcover $26.95. Trade paperback $16.95.

How does Mr. Macomber keep doing this? The thirteenth installment of his splendid Honor Series, like the earlier titles in the series, once again transforms a pile of historical fact into a colorful, well-imagined, and highly suspenseful entertainment. 350 more words

Authors And Books

The Barbary Corsair Raid on Iceland, 1627

This week, I’m delighted to welcome Professor Adam Nichols as my guest blogger. Adam is the co-author of a new book which provides a first-hand account of one of a remarkable but very little known event, the Barbary Corsair raid on Iceland in 1627. 2,047 more words

Maritime Monday for February 14th 2017: Portishead Radio

I didn’t know Claude Monet painted maritime art. I like this better than his water lilies. :-)

Take a look at Monkey Fist’s weekly blast of interesting maritime news. 23 more words

Lifestyle

Other South American Rivers are Available

I don’t usually plug other people’s books on this site, but occasionally, titles come along that really deserve a bit of a leg-up – especially if they fall within my usual very strict and narrow remits (i.e. 878 more words

आपणास माहीत होतं का – केरळच्या मार्तंड वर्मा ने डचांना हरवलेलं होतं – त्या वेळचे सर्वात शक्तिशाली नौदल

विलक्षण संजीव संन्याल प्रेक्षकांना संगत आहेत, भारतीय इतिहासातील अतिशय महत्त्वाचा अध्याय, मार्तंड वर्मा आणि कोलाचेलची लढाई.

आणि अर्थातच, ज़र तुम्ही केरळचे नसाल तर, कदाचित तुम्ही मार्तंड वर्मा बद्दल ऐकलेले नसेल।

मार्तंड वर्मा एक अत्यंत विलक्षण पात्र आहेत। ते त्रावणकोर नावाच्या एका छोट्याशा राज्याचे शासक होते. ते जेंव्हा सत्तेवर आले तेव्हा ते राज्य आजच्या दिल्ली पेक्षा छोटे राज्य होते, आणि त्यांनी त्या वेळच्या जगातील सर्वात मोठे असलेल्या साम्राज्यावर सत्ता गाज्विण्याचा निश्चय केला। आश्चर्य आहे कि लोक ही गोष्ट आता पुरेसे विसरले आहेत, आणि ते साम्राज्य होते डच साम्राज्य।

18 व्या शतकाच्या पूर्वार्धात डच सर्वात शक्तिशाली समुद्र शक्ती होती. त्यांनी आधीच, इंडोनेशिया काबीज केलेले होते, श्रीलंका काबीज केलेले होते, आणि ते आता भारतालाही  काबीज करण्याच्या प्रयत्नात होते जेंव्हा ते एका अतिशय लहान राज्याचा सामना करीत होते ज्याचे नाव होते मार्तंड वर्मा. मार्तंड वर्मा ने त्यांचा कोलाचेलच्या लढाईत पराभव केला जे स्थान कन्याकुमारीच्या उत्तर-पश्चिमेला आहे, आणि ज़र त्यांनी डचांचा पराभव केला नसता तर आता मी हे तुम्हाला डच भाषेत सांगितले असते।

ही भारतीय इतिहासातील त्या अतिशय महत्वाच्या पत्रामधली काही पात्रे आहेत, ज्यांना भारतीय इतिहासातुन वागळलेले गेले आहे।

Indian History

क्या आप जानते हैं : केरल के मार्तंड वर्मा ने डच को हराया था – उस समय की सबसे शक्तिशाली नौसेना!

और बेशक, यदि आप केरल से नहीं है, तो आपने शायद मार्तंड वर्मा के बारे में नहीं सुना होगा।

मार्तंड वर्मा एक बहुत ही दिलचस्प चरित्र है। वे एक बहुत छोटे राज्य कहे जानेवाले त्रावणकोर के शासक थे. जब वह सत्ता में आए थे, अनिवार्य रूप से वह एक छोटी सी रियासत थी जो आज के दिल्ली से भी छोटी थी, और उन्होंने उस समय के दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य पर अधिकार जमाने का फैसला लिया था, जिसे ताज्जुब है कि लोग अब भूल गए हैं, और वह साम्राज्य था डच साम्राज्य।

18 वीं सदी के पूर्वार्ध में डच सबसे शक्तिशाली समुद्री शक्ति थे। उन्होंने पहले ही इंडोनेशिया पर कब्ज़ा कर लिया था, उन्होंने श्रीलंका पर कब्ज़ा कर लिया था. और अब वे भारत पर कब्ज़ा कर लेना चाहते थे, जब वे एक बहुत छोटे से राज्य के शासक का सामना कर रहे थे जिनका नाम था मार्तंड वर्मा. मार्तंड वर्मा ने उन्हें कोलाचेल की लड़ाई में हराया जो कन्याकुमारी के उत्तर-पश्चिम में है, और अगर वे डचों को नहीं हराते, तो मैं  आपको यह बात डच में बता रहा होता।

यह भारतीय इतिहास के उन बहुत महत्वपूर्ण चरित्रों में से कुछ हैं, जो हमारे इतिहास से बाहर कर दिए गए हैं।

Did You Know