Tags » Moon Sign

प्रेम व राशियाँ

प्रेम एक ऐसी अनुभूति है जिसे आज तक कोई भी व्यक्ति पूर्ण रूप से नहीं समझ पाया है । यह कब, कहा व कैसे हो जाय कभी कहा नहीं जा सकता । आइये जानते है इस मामले में ज्योतिष का क्या कहना है ।

नोट :- यहा आपके चन्द्र राशि की बात की जा रही है।  यदि आप अपनी चन्द्र राशि नहीं जानते तो अपनी चन्द्र राशि जानने के तरीके के लिए यहां क्लिक करे

मेष – मेष राशि वाले प्यार को ले कर काफी जुनूनी होते है और बड़ी ही उग्रता से अपने प्यार का प्रदर्शन करते है । इन्हे अपनी भावनाए छुपाने में काफी परेशानी होती है व इन्हे ऐसा करना पसंद भी नहीं । यह इस बात का हमेशा ध्यान रखते है की सामने वाले को पता रहे की वह रिश्ते में किस जगह खड़े है । मेष राशि वालो को पहली नज़र का प्यार बहुत जल्दी हो जाता है और बाद मे इस पर पछतावा भी करते है । इन्हे सबसे ज्यादा नफरत रिश्ते में बंधने से है इन्हे रिश्तो में आजादी पसंद है । मेष राशि वालो के साथ सबसे बड़ी परेशानी ये है कि ये किसी भी रिश्ते से बहुत जल्दी ऊब जाते है | तो यदि आप किसी मेष राशि वाले से प्यार करते है उन्हें अच्छे से जान ले व प्यार के लिए प्रोत्साहित करते रहे |

वृषभ – वृषभ राशि का स्वामी शुक्र है जिसे ज्योतिष में सुख सुविधा और प्रेम का स्वामी माना है । वृषभ राशि मे आते ही चन्द्रमा भी उच्च का हो जाता है जिसे ज्योतिष में मन का स्वामी माना है । इस प्रकार से वृषभ को प्रेम की राशि कहना गलत नहीं होगा । वृषभ राशि वालो को सुंदरता से अदभुत लगाव होता है इन्हे सजना – संवरना काफी पसंद होता है । इनके मन में प्रेम की कोई कमी नहीं होती व इनके लिए प्रेम की कोई तय परिभाषा नहीं होती । इन्हे कब, कहां  व किस से प्रेम हो जाय कई बार ये खुद नहीं जानते । पर यदि एक बार इन्हे किसी से प्रेम जो जाय तो ये उसे पा कर ही दम लेते है । ये प्रेम में दिमाग से कम व दिल से ज्यादा सोचते है और कई इस वजह से धोखा भी मिलता है पर फिर भी ये कभी प्रेम करना नहीं छोड़ते । प्रेम को ले कर ये काफी पुराने खयालात के होते है । कई बार प्रेम में ये अपने साथी पर अधिकार ज़माने की कोशिश करते है और ऐसा न कर सकने पर निराश भी हो जाते है । तो यदि आप वृषभ राशि के व्यक्ति से प्रेम करते है तो उनके साथ धैर्य से काम ले |

मिथुन – मिथुन राशि क्रम में तीसरी राशि है और इसके चिन्ह में स्त्री व पुरुष दोनों दर्शाय गए है । मिथुन राशि वालो को समझना काफी मुश्किल काम होता है और कई बार ये लोग प्रेम में द्विस्वभाव भी दर्शाते है । इन्हे प्यार में बंधना पसंद नहीं होता इन्हे अपनी आजादी बहुत पसंद होती है । ये जब प्यार करते है तो कई बार इनके दिमाग में ये बात आ जाती है की दुनिया में इनसे ज्यादा प्यार कोई और कर ही नहीं सकता । सामने वाले को मोहित कर लेने की इनमे एक अनोखी काबिलियत होती है और ये इसे इस्तमाल करना भी बहुत अच्छे से जानते है । इनमे ऊर्जा की कोई कमी नहीं होती व इसी  कारण से ये किसी भी प्रेम सम्बन्ध से बहुत जल्दी बोर हो जाते है और कुछ नए व बेहतर की तलाश में चल देते है ।

कर्क – कर्क राशि क्रम में चतुर्थ राशि है व इसका स्वामी चन्द्रमा है । चन्द्रमा को ज्योतिष में मन का करक माना है । इसीलिए कर्क राशि वाले हमेशा दिल से काम करते है । ये हमेशा अपने पार्टनर को खुश देखना चाहते है और इस वजह से ये उनके लिए कुछ भी करने को तैयार रहते है । इन्हे रिश्तो को बढ़ाना और उन्हें बनाये रखना पसंद है  । इनकी सबसे बड़ी परेशानी का कारण किसी भी रिश्ते में इनका मनमौजी व्यवहार होता है जिसकी वजह से इनका पार्टनर इन्हे कभी अच्छे से समझ ही नहीं पता और यही बात इन्हे बहुत परेशान कर देती है । तो यदि आप कर्क राशि वाले से प्यार करते है तो उन्हें मनाये रखने का सबसे बेहतर तरीका है की आप उनकी बातों को ध्यान से सुने ।

सिंह – सिंह राशिचक्र में बहुत शक्तिशाली माना गया है इसका स्वामी सूर्य है जिसे अधिकार का स्वामी भी माना जाता है । सिंह राशि वालो को किसी भी रिश्ते में अपना अधिकार या हक़ जमाना पसंद है यदि आपने उनसे सवाल किया या उनके प्यार पर शक किया तो वो आपको दुश्मन बनाने में भी देर नहीं करते और कई बार यही वजह होती है की ये अपनी जिंदगी में अकेले रह जाते है।  सिंह राशि वालो को चाहिए की किसी रिश्ते को चलाने के लिए उन पर अधिकार ना जमाये उन्हें समझदारी से चलने की कोशिश करे। पर सिंह राशि वालो में एक खासियत यह होती है की इन्हे प्यार भी दिखावे के साथ करना पसंद है। यह हमेशा अपने साथी को यह जताने में पीछे नहीं रहते की वह उनसे कितना प्यार करते है फिर चाहे वह कोई भी जगह हो । तो यदि आप सिंह राशि वालो से प्यार करते है तो बस इस बात का ध्यान रखे की उनका अहंकार कही भी न टूटे।

कन्या – कन्या राशि वालो हर वस्तु एकदम उत्तम (परफेक्ट) चाहिए होती है और ये हमेशा अपने लिए एक परफेक्ट साथी चाहते है । ऐसी वजह से कई बार इनकी शादी देरी से होती है । कन्या राशि वालो को बात बात पर नुक्स निकलने की आदत होती है और ऐसी वजह से कई बार इनका साथी इनसे परेशान हो जाता है । कन्या राशि वालो को सबसे ज्यादा प्यार किसी व्यक्ति की सोच से होता है इन्हे दिखावा व सजना – संवरना इतना आकर्षित नहीं करता जितनी किसी व्यक्ति की सोच व उसका ज्ञान करता है । इस राशि का स्वामी बुध होने की वजह से यह खुद काफी समझदार, ज्ञानवान व बुद्धिमान होते है और उन्हें ऐसा साथी चाहिए जो इनके साथ कंधे से कंधा मिला कर चल सके ।

तुला – तुला राशि वालो को अकेला रहना बिलकुल पसंद नहीं होता व इस राशि वाले ऐसे बहुत कम व्यक्ति होंगे जो किसी के साथ सम्बन्ध (रिलेशनशिप) में न होंगे।  इस राशि को प्यार की राशि भी कहा जा सकता है।  इनमे प्यार करने की एक कुदरती काबिलियत होती है जो बड़े होते होते निखरती जाती है।  यह दिखने में सुन्दर होते है और सजने – संवारने  का काफी शौख  रखते है । इनके साथ सबसे बड़ी दिक्कत ये होती है की ये किसी भी रिश्ते से बहुत जल्दी ऊब जाते है। इनके दिमाग में क्या चल रहा है वह इनका साथी कभी बता ही नहीं सकता और इस वजह से कई बार इन्हे अच्छे रिश्तो से भी हाथ धोना पड़ता है।

वृश्चिक – वृश्चिक राशि वालो को समझना सबसे कठिन काम होता है या ऐसा कहे इनकी बात का मतलब लोग कभी समझ ही नहीं पाते।  ये काफी भावपूर्ण, जोशपूर्ण व हमेशा उत्साहित रहने वाले व्यक्ति होते है।  यह हमेशा अपने साथी के साथ एक गहरा सम्बन्ध बनाना चाहते है और ऐसा न कर पाने पर ये निराश हो जाते है । वृश्चिक राशि प्यार, काम व वासना की राशि है इसी वजह से वृश्चिक वालो के लिए प्यार में काम वासना बहुत ही अहम भूमिका रखता है । इनकी एक आदत जो रिश्तो में दिक्कत दे सकती है वह है इनका बातों को इस तरीके से बोलना की सामने वाले को वह पसंद न आय।  तो यदि आप किसी वृश्चिक राशि वाले से प्यार करते है तो उनकी बातो का बुरा न मानते हुए उन्हें अच्छे से समझने की कोशिश करे।

धनु – धनु राशि को ज्ञान की राशि भी कहा गया है।  धनु राशि वाले बहुत ही बुद्धिमान , निष्ठावान ,ईमानदार व कर्तव्यपारायण होते है। प्यार के मामले में  इनमे एक अजीब सी बेचैनी व अशांति भी होती है । इन्हे प्यार में बंदिशे पसंद नहीं होती और इन्हे प्यार में ईर्ष्या बहुत जल्दी हो जाती है।  यह हमेशा अपने साथी के लिए कुछ नया करना चाहते है इनमे अपने ज्ञान से सभी को सम्मोहित करने की अनोखी कला होती है। इनकी हमेशा एक ही इच्छा होती है की इनका साथी इनका सम्मान करे व इनको यह जताता रहे की वह भी समझे उतना ही प्यार करते है । 

मकर – मकर राशि राशिचक्र कि दसवीं  राशि है व इसका स्वामी शनि है।  मकर राशि वाले बहुत ही भावुक होते है व इनको समझने में लोगो को सबसे ज्यादा गलत फ़हमिया होती है । एक बार प्यार हो जाय तो उसको भुलाना व छोड़ना बहुत मुश्किल होता है।  इन्हे किसी भी रिश्ते में प्रतिबद्धता पसंद है व देखा गया है की मकर राशि वाले प्रेम विवाह  बहुत कम करते है।  इनकी भावुकता का लोग गलत फायदा उठाते है क्योंकि यह इनका स्वाभाव होता है की भावुकता में ये अपने साथी के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार होते है।  ये अपने रिश्तो में काफी ईमानदार होते है और इसका प्रमाण इन्हे कदम कदम पर देना पड़ता है। 

कुम्भ – कुम्भ राशि वाले  काफी खुले दिमाग वाले व दोस्ताना स्वाभाव के होते है पर कुम्भ राशि वालो को समझना लोहे के चने चबाने जैसा काम होता है आपको लगेगा आपने  उन्हें समझ लिया है और तभी वो कुछ ऐसा करेंगे की आपकी सारी धारणाएं  गलत साबित हो जाएगी।  इन्हे हमेशा उन लोगो से प्यार हो जाता है जिसके बारे में कोई और कल्पना भी नहीं कर सकता और एक बार ये प्यार में आ गए तो उसे वो कभी नहीं छोड़ते।  यह हमेशा अपने रिश्तो में ईमानदारी बरतते हैं  और अपने साथी से भी यह यही उम्मीद करते हैं ।  यह हमेशा अपने हाथ में कई चीज़े ले कर चलते हैं  और इसी वजह से ये रिश्तो पर इतना ध्यान नहीं दे पाते।  यदि आप कुम्भ राशि वालो से प्यार करते है तो  हमेशा उनका साथ दें  और यदि अपने उनको न समझा तो वो आपको छोड़ने में भी देर नहीं लगाएंगे।

मीन – मीन राशि वाले काफी प्रेमी स्वाभाव के होते है।  इन्हे अकेला रहना बिलकुल पसंद नहीं होता पर इसी के साथ कई बार इनका स्वाभाव शर्मिला व संवेदनशील भी हो सकता है।  यह हमेशा एक ऐसा साथी चाहते है जो इन्हे हमेशा प्रेरित करता रहे व इनका साथ देता रहे।  इनके संवेदनशील स्वाभाव के कारण यह छोटी छोटी बातों पर बुरा भी बहुत जल्दी मान जाते है।  प्यार करने में व रिश्ते बनाने में ये अपने दिमाग से ज्यादा दिल का इस्तेमाल करते है व इसी वजह से लोग इनका फायदा आसानी से उठा लेते है । किसी भी व्यक्ति के साथ गहरा रिश्ता बना लेना इनके लिए बहुत आसान बात होती है । तो यदि आप मीन राशि वाले से प्यार करते है तो उनके साथ हमेशा धीरज से काम ले ।

आपको यह पोस्ट आपको कितना सही लगा व आप और किस बारे में जानना चाहेंगे नीचे कमेंट में मुझे जरूर बतायें। इस पोस्ट को  लाइक, शेयर व फॉलो करना न भूले  |

Astrology

What is your Moon sign?

Your personality is defined by your Sun sign.

Your moon sign helps define your emotions and makes up the unconscious side of your personality – it represents your instinctual self, and explains why you do what you do. 888 more words

Aries Moon

So in my last post I said I was going to be talking about moon signs this week. Today I’m talking about moon in Aries! So here’s a brief overview of the traits of someone with an aries moon: … 29 more words

Astrologer

Moon in Virgo - the Beautiful Mind

I was debating writing about this Moon- it is one of the more demanding but then I thought how demanding it must be for those born with it- and decided to stop complaining. 896 more words

Astrology

NOVEMBER 2015 - Predictions based on Moon Sign

Welcome to 27 NakshatraStellars of the zodiac.

Please note that the forecast of events is based on your moon sign. Unlike in the west, vedic astrology, which is sidereal, uses moon sign to make predictions based on planetary transits. 1,962 more words

The Sun is in Libra

It’s that time again when the Sun is in Libra.

From 23rd September – 23rd October 2015 is the official astrological period for Libra (aka LIBRA BIRTHDAYS IN THE HOUSE!)

390 more words
Life