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“The idea that life is a series of adversities and each one is an opportunity to behave well instead of badly, is a very very good idea.”

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I’ve been reading and watching a lot of Munger and Buffett lately – Youtube videos, the PaineWebber initiation on Berkshire, Poor Charlie’s Almanack (I bought a signed copy!) and the recently released HBO documentary on Warren Buffett. 663 more words

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The purpose of this blog is to track my thoughts and progress as I try and to use the principles of deliberate practice to improve my ability to make investment decisions. 144 more words

Buffett

12 साल बाद भी शहीद एसपी केसी सुरेंद्र बाबू को नहीं मिला न्याय.. 


एसपी केसी सुरेन्द्र बाबू की शहादत के 12 साल हो गये लेकिन, दोषियों को अबतक सजा नहीं मिल पाई है। इस केस में नामजद किए गए तीन अपराधियों की मौत भी हो चुकी है। जबकि, मामले का अब भी अनुसंधान जारी है। जो लोग मरे हैं, उनमें हार्डकोर नक्सली चिराग दा को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था, जबकि दो अन्य की स्वभाविक मौत हुई।
गौरतलब है कि 5 जनवरी 2005 को भीमबांध जंगल से कॉबिंग ऑपरेशन कर लौट रहे मंुगेर के तत्कालीन एसपी केसी सुरेन्द्र बाबू सहित छह पुलिस जवानों को नक्सलियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट कर उड़ा दिया था।
इस घटना को बारह साल बीत गए लेकिन आज भी न्याय के नाम पर सिर्फ प्रक्रिया चल रही है। यह घटना लोगों के जेहन में आज भी है। इस मामले के तीन संदिग्ध को साक्ष्य के आभाव में न्यायालय ने दोष मुक्त कर दिया है।
गौरतलब है कि मामले में तीन अभियुक्तों की रिहाई के बाद सरकार द्वारा कांड का अनुसंधान फिर से शुरू कराया गया लेकिन, गति धीमी होने के कारण अबतक जांच पूरी नहीं हुई। एसपी आशीष भारती ने बताया कि इस मामले में 22 लोगों पर चार्जशीट हुआ है। कइयों को कोर्ट में पेश किया जा चुका है। जबकि, एक नक्सली चिराग दा पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है।
भीमबांध में हुई थी घटना : तीन जनवरी 2005 को लखीसराय के कजरा में पुलिस से हथियार छीने जाने के बाद संदिग्ध नक्सलियों की तलाश में 5 जनवरी को एसपी केसी सुरेन्द्र बाबू के नेतृत्व में जमुई एवं लखीसराय के एसपी कॉबिंग के लिए खड़गपुर स्थित भीमबांध जंगल पहुंचे थे। वहां से लौटने के दौरान सोनरवा के पास नक्सलियों द्वारा किए गए बारूदी सुरंग विस्फोट में एसपी सहित 6 जवान शहीद हो गए थे। जो जवान शहीद उनमें ध्रुव ठाकुर, ओपी गुप्ता, मो. अंसारी, मो. इस्लाम एवं शिव कु मार राम शामिल थे। इस मामले में खड़गपुर थाना में कांड संख्या – 04/05 दर्ज हुआ था। तत्कालीन थाना प्रभारी शिव प्रसाद सिंह यादव मामले के सूचक बने थे।
दो सेशन में चल रही सुनवाई :सत्रवाद संख्या -584/09 जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में है। इसमें कुल दस आरोपी हैं। उनमें बड़का सुनील उर्फ लंबू। सुनील को न्यायालय में पेश करने का कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया था। वहीं दासो यादव एवं वचनदेव यादव खैरा थाना के एक कांड में जमुई जेल जा चुका है। अभियुक्त प्रकाश यादव की मौत हो चुकी है। अभियुक्त दीपक रविदास, नरेश रविदास, राजकुमार रविदास, वचनदेव यादव, शत्रुघ्न यादव, पंकज राम एवं मंटू यादव उर्फ भिखारी यादव के विरुद्ध सेशन ट्रायल चला। इनमें कई आरोपियों की पेशी न्यायालय में नहीं हो पाई। इसलिए अबतक उनके विरुद्ध आरोप गठित नहीं हो पाया। दूसरी ओर सत्रवाद संख्या-614/12 की सुनवाई प्रक्रिया में है।

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मुंगेर में नौ अ‌र्द्धनिर्मित पिस्टल के साथ दो नाबालिग गिरफ्तार। 


गुप्त सूचना पर मुफस्सिल पुलिस ने शुक्रवार को सदर प्रखंड के सुजावलपुर चरवाहा मैदान से नौ अ‌र्द्धनिर्मित पिस्टल के साथ दो नाबालिग को गिरफ्तार किया। जबकि हथियार तस्करी का मुख्य सरगना चुरंबा निवासी मु. मंजूर भागने में सफल रहा।
प्रेस वार्ता में आशीष भारती ने बताया कि मुफस्सिल पुलिस को सूचना मिली थी कि सुजावलपुर स्थित चरवाहा विद्यालय मैदान में हथियार तस्करों का जमावड़ा लगा हुआ है और वहां अवैध हथियारों की डिलिवरी की जानी है। इसके बाद मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजीव कुमार के नेतृत्व में हथियार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। इसके बाद जब पुलिस टीम चरवाहा विद्यालय पहुंची तो पुलिस को देखकर तीन लोग भागने लगे। पुलिस तीन में से दो को खदेड़ कर गिरफ्तार कर लिया। वहीं एक भागने में सफल रहा। पूछ-ताछ के दौरान गिरफ्तार युवक ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि भागने वाला तीसरा व्यक्ति चुरंबा निवासी मु. मंजूर है जो हथियार तस्करी मुख्य सरगना है। नाबालिग ने बताया कि हथियार पहुंचाने के लिए मंजूर ने एक-एक हजार रुपये पए दिए थे। हलांकि पुलिस को अभी तक इस बात की जानकारी हाथ नहीं लगी है कि हथियार किसे पहुंचाया जाना था। इधर पुलिस फरार मो. मंजूर के आपराधिक इतिहास की छानबीन कर रही है। विशेष टीम में मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजीव कुमार, जमालपुर थानाध्यक्ष विश्वबंधु, सफियासराय ओपी प्रभारी सन्नी, एसआई पल्लव, नौशाद आलम एवं जिला बल के जवान शामिल थे।

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मुंगेर:बाइक चोर गिरोह के पांच सदस्य हुए गिरफ्तार। 


मुफस्सिल पुलिस ने बुधवार की देर रात छापेमारी कर थाना क्षेत्र के अलग-अलग जगहों से बाइक चोर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार बाइक चोर की निशानदेही पर उसके ही घरों व आसपास से पुलिस ने 6 बाइक बरामद की। गिरफ्तार सभी बदमाश मोबारकचक, मिन्नतनगर और हाजीसुभान के रहने वाले हैं।
चोरों ने बैंक परिसर, बाजार से कुछ दिन पूर्व ही बाइक चोरी की थी। उस वक्त बाइक चोर गिरोह के सक्रिय रहने से शहरवासी आक्रांत थे। पकड़े गए चोर संगठित गिरोह चलाते थे। बाइक चोरी के पहले चोर घटनास्थल की रेकी करते थे और मौका पाकर बाइक उड़ा लेते थे।
गुरुवार को मफस्सिल थाना में एसपी आशीष भारती ने बताया कि पुलिस ने गुप्त सूचना पर यह कार्रवाई कर बाइक चोर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। चोरों की निशानदेही पर मोबारकचक और मिन्नत नगर से पांच बाइक बरामद की गई जबकि, एक बाइक थाना के पास वाहन चेकिंग में पकड़ायी।
उन्होंने कहा कि गिरफ्तार सभी बदमाश एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं। एसपी ने कहा कि जो गिरफ्तार हुए हैं उनमें मोबारहक और मिन्नतनगर के मो. परवेज, अफरोज, इरफान, मो. शज्जाद और मो. मिनाज शामिल हैं। बदमाशों की निशानदेही पर 3 बाइक के खुले हुए पार्ट्स भी बरामद किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि एएसपी ललित मोहन शर्मा के नेतृत्व में मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजीव कुमार,कोतवाली इंस्पेक्टर श्रीराम चौधरी, एससी एसटी थानाध्यक्ष मुकेश पासवान, सफियासराय प्रभारी कुमार सन्नी, राजीव रंजन श्रीवास्तव, जमालपुर थानाध्यक्ष विश्वबंधु कुमार,बेलन ओपी प्रभारी मो. हलीम की टीम बना कर छापेमारी की गई थी।

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नक्सलियों को हथियार सप्लाई करने वाला पटना पुलिस का जवान मुंगेर में गिरफ्तार... 


पटना पुलिस के जवान बिंदेश्वरी मंडल को मुंगेर पुलिस ने नक्सलियों को हथियार सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। वह पटना में दंगा नियंत्रण इकाई में तैनात है।

मुंगेर पुलिस ने उसे शामापुर सहायक थाना क्षेत्र के बागेश्वरी गांव स्थित उसके ससुराल से पकड़ा। वहां से पुलिस ने पटना से चार साल पहले गायब रायफल के अलावा एके 47 के 38 व इंसास राइफल की पांच गोलियां बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने बिंदेश्वरी की सास लीला देवी को गिरफ्तार कर लिया। बिंदेश्वरी के भाई शेखर मंडल और उसके साला पंकज पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।

साला के दो बेटों ने बताया था उसका नाम

मुंगेर पुलिस को कुछ दिन पहले खुफिया विभाग से सूचना मिली थी कि शामपुर थाना इलाके से नक्सलियों को हथियार सप्लाई हो रही है। उसके बाद वहां के एसपी आशीष भारती और हवेली खड़गपुर के प्रभारी एसडीपीओ ललित मोहन शर्मा ने बागेश्वरी के दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों युवक बिंदेश्वरी के साले के बेटे हैं। दोनों ने बिंदेश्वरी के बारे में बताया कि सरकारी रायफल घर में रखा हुआ है। कहने पर नहीं ले जाते हैं।

मुंगेर से लेकर त्रिपुरा तक जुड़ा है नेटवर्क

सूत्रों का कहना है कि बिंदेश्वरी और उसके साला पंकज और बिंदेश्वरी के भाई शेखर के तार मुंगेर से लेकर त्रिपुरा तक जुड़े हैं। चर्चा है कि त्रिपुरा के उग्रवादियों से हथियार खरीदकर पंकज और शेखर मुंगेर भेजता रहा है। फिर बिंदेश्वरी इसे नक्सलियों को मोटी रकम में सप्लाई करता है। खुफिया विभाग की इसी सूचना पर मुंगेर पुलिस ने कार्रवाई की है। हालांकि पूछताछ में बिंदेश्वरी सच्चाई बताने से इनकार कर रहा है।

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