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REVIEW: WHY I KILLED THE MAHATMA

The elucidation of Godse’s political testament becomes the methodology adopted by Dr Elst to engage in a wide-ranging and thoughtful discussion of the politics and ideology of India in the immediate decades before independence and the period after its attainment in 1947. 994 more words

Book Reviews

Nathuram Godse's ties with the RSS - Koenraad Elst

But no matter how much the RSS connection with Godse’s act of assassination may have been disproven, Gandhi’s murder has been a millstone around the neck of the Hindu movement and especially the RSS. 3,342 more words

India

Infamous Assassinations: the assassination of Gandhi

Hello guys, this is the time traveler and I’m back with another topic. Today I’ll start a new series of blogs titled “Infamous Assassinations” which will deal with some of the most infamous assassinations that shook the entire world. 581 more words

ग्वालियर में हिंदु महासभा ने लगाई नाथूराम गोड़से की मूर्ति

ग्वालियर शहर में हिंदू महासभा ने बुधवार सुबह दौलतगंज स्थित अपने ऑफिस को मंदिर का रूप दे दिया है और यहां महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की मूर्ति लगा दी। इतना ही नहीं उन्होंने इसकी रीति रिवाज के साथ आरती उतारी गई। मालूम हो कि आज ही दिन 15 नवंबर 1949 गोडसे को अंबाला जेल में फांसी दी गई थी। जिसके बाद हिंदू महासभा ने इसे बलिदान दिवस के रूप में मनाया।

नाथूराम गोडसे ने ही 1915 में इस महासभा की स्थापना की थी। हिंदू महासभा के नेता बुधवार सुबह दौलतगंज स्थित अपने ऑफिस में जुटे और वहां पर गोडसे की प्रतिमा स्थापित कर आरती उतारी। इसके बाद सभी लोगों को लड्डू का प्रसाद बांटा गया। महासभा के जयवीर भारद्वाज ने बताया कि महासभा की ओर से गोडसे का मंदिर बनाने की कलेक्टर से इजाजत मांगी गई थी,जो अभी तक नहीं मिली।

ऐसे में महासभा ने ऑफिस को ही मंदिर का रूप दे दिया है। जहां आज नाथूराम गोडसे की मूर्ति लगा दी है। भारद्वाज ने बताया कि गोडसे जब भी ग्वालियर आते थे वे इसी ऑफिस में ही रुकते थे और यहीं पर लोगों से भी मिलते थे ऐसे में अब इसे मंदिर का रूप दे दिया गया है।

फोटो गैलरी

गोडसे ने गांधी जी को मारी थी गोली

30 जनवरी, 1948 की शाम सवा पांच बजे नाथूराम गोडसे ने दिल्ली के बिड़ला भवन में गांधी जी के सीने में बैरेटा पिस्टल से तीन गोलियां दाग दी थीं, जिससे उनकी मौत हो गई थी। उस वक्त गांधी जी शाम की प्रार्थना के लिए जा रहे थे

पुलिस अधिकारियों में हड़कंप

हिंदू महासभा ने ग्वालियर स्थित अपने कार्यालय में नाथूराम गोडसे की प्रतिमा रखकर मंदिर बनाया है। महासभा ने एक कमेटी का गठन भी किया है जो प्रशासन से मंदिर के लिए जमीन की मांग करेगी। इसके पहले भी इन्होंने गोडसे का मंदिर बनाने के लिए जमीन की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने इससे इनकार कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने अपने कार्यालय में ही मूर्ति की स्थापना कर दी। इसके बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वही मध्यप्रदेश के कई शहरों में कांग्रेसी इसके विरोध में सड़कों पर उतरे हैं।

RSS was not responsible for killing Mahatama Gandhi

#Truth: Nathuram Godse was a member of the Hindu Mahasabha – a Right-Wing political outfit when he assassinated the Mahatma on 30 January, 1948.

The RSS maintains that he was not a member of the party at the time of the assassination but Nathuram’s own brother, Gopal Godse, clearly states in his book ” Why I Assassinated Mahatma Gandhi”, that all the Godse brothers were active members of the RSS at the time. 80 more words

Nathuram Godse speaks his heart through a Marathi play

Various books, plays, documentaries, films have been drafted on the assassination of Mahatma Gandhi, and the majority of them are from the Gandhi’s perspective. But unlike the rest, ‘Hey Ram…Nathuram’ a Marathi drama is purely based from Nathuram Godse (one who assassinated Mahatma Gandhi). 264 more words

Reviews

सलमान खान के कारन मझे दिल्ली की पब्लिक ने पीटा है

Bibado mai rahne wale Bigg Boss pratiyogi OM Swami ko ek function mai dauda kar peeta gaya hai. Pahle to manch kar phool (flowers) maala (garland) se unka welcome kiya gaya phir usi manch ke neech pitai hui. 210 more words

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