Tags » Nayak

Complaint of Criminal Misconduct under Prevention of Corruption Act against Justice S R Nayak

Janaadhikaara Sangharsha Parishath (JSP) filed a complaint against Justice S R Nayak, a top contender for the next Lokayukta for making a false statement that it is approved by BDA in his sale deed of Judicial Layout, violation of bye-laws where he or his wife are not supposed to have any plot/house/apartment as society’s sites are meant for those who don’t have any own house in Bangalore. 253 more words

Hakku

Remembering Uttam Kumar

It’s been 35 years since Uttam Kumar breathed his last, but his films continue to rule the hearts of millions. The iconic actor today is associated with anything Bengali. 94 more words

Culture

Indian Pastor in Orissa, Imprisoned on False Charges of Forced Conversions

ICC Note: A Christian pastor, yesterday, was arrested and imprisoned after being accused by Hindu radicals of illegally converting people in Orissa. False charges of forced conversions are often leveled against Christian pastors in India as it is a tactic used by radicals to curb their ministry work. 289 more words

Prayer Uproar

"Birdman" and "Nayak" : The Fault in our Stars

“Birdman” and “Nayak” both deal with actors, stars, and about the things that haunt their lives. It was only co-incidental that I watched both in a period of two days and was left awed by them. 647 more words

Thoughts

Art Wanderer: The Hindu Temples take 4- Southern Temples from Tamil Nadu and their exportation

During my first discovery of India in 1999, I travelled in Tamil Nadu and explored magnificent temples and a total different lifestyle and world. Every second I felt I had to cling to the bus seat handles because I was unconsciously fearing that the streets would suck me in and I would never be able to get out anymore. 1,479 more words

Travel

  Ek Adrishy Alagaavwad : एक अदृश्य अलगाववाद

                 

देश क्या है ? एक भौगोलिक सीमांकन के अंतर्गत रहने वाले प्राणियों से देश की सृष्टि होती है | इस भौगोलिक भू-भाग में विविधताओं का होना सामान्य है | जितना बड़ा देश का भू-भाग होगा,जितनी ज्यादा आबादी वहाँ निवास करेगी,उतना ही ज्यादा वहाँ विविधताओं का संगम होगा |

     हमारा प्यारा भारतवर्ष क्षेत्रफल और आबादी दोनों दृष्टि से विशाल है | यहाँ विविधताओं की भरमार है | हर एक का अपना महत्त्व है | जिस प्रकार शरीर में विभिन्न अंग होते हैं, कोई छोटा होता है,तो कोई बड़ा |लेकिन हर अंग का अपना महत्त्व होता है, वे सब एक दूसरे के पूरक होते हैं, उनमे छोटे बड़े का अहंकार नहीं होता है,तभी तो हमारा शरीर सटीक ढंग से अपना कार्य सम्पादित कर पाता है |

    यही बात देश के लिए भी लागू होती है | देश के सभी जनों एवं प्रान्तों के लिए समभाव होगा तो देश प्रगति करेगा,एकजुटता रहेगी,लेकिन किसी एक विशेष को महत्त्व देना, देश के लिए अहितकर होगा |

  यह विशेषता की,श्रेष्ठता की भावना ही अलगाव के मूल में होती है | जब किसी को कमतर करके आँका जाता है तो उसे हार्दिक ठेस पहुंचती है | पीड़ित के मन में प्रतिशोध का भाव उत्पन्न होता है |

    एक और बात देश सभी से ऊपर होता है | हम देश से ऊपर जब किसी व्यक्ति को प्रतिष्ठित करते हैं तो यह देश हत्या जैसा होता है |

    हमारे देश ने पूर्व में बहुत सी अलगाववादी समस्याओं को सहा है, कुछ से अभी भी संघर्ष कर रहा है | वर्तमान में एक और ऐसी ही अदृश्य ताकत अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही है,जिसकी हम सराहना भी कर रहें हैं,और नजरंदाज भी |

   कतिपय लोगों द्वारा आज गुजरात और उसके लोगों की श्रेष्ठता को प्रतिपादित करने का प्रयास किया जा रहा है,यह साबित करने का प्रयास किया जा रहा है वर्तमान भारत सिर्फ गुजरात की वजह से है | शेष भारत को अनदेखा करने का प्रयत्न किया जा रहा है जो घातक है | इसके बारे में हमें समय रहते सजग होना है |

 भारतीय नायकों की गरिमा की विशालता को समेटकर प्रांतीयता में बांधने का प्रयास किया जा रहा है,उनके जो बलिदान,उनके जो कार्य देश के लिए थे,उन्हें कुछ लोग अपनी स्वार्थ साधना के लिए कलुषित कर रहे हैं | जिन्होंने सदैव अपने को भारतीय माना,भारत हित के लिए जिये-मरे, आज उनकी वतन परस्ती को प्रांतीयता का बाना पहनाया जा रहा है,जो हमारे लिए गर्व की नहीं शर्म की बात है | हमें ऐसे लोगों की निंदा नहीं,वरन उन्हें करारा जवाब देना होगा |

   गुजरात भारत का एक अंग है,हमें उस पर गर्व है,लेकिन इसका मतलब यह कदापि नहीं होना चाहिए कि गुजरात भारत से श्रेष्ठ है | हमें प्रांतीय गर्व को नहीं देश गर्व को अपनाना है |देश हमारा अस्तित्व है, हमारी जान है,हमारा गौरव है,हमारी पहचान है,हमें राष्ट्रीयता की भावना को जिंदा रखना है,उसे सशक्त बनाना है |

आइए संकल्प लें कि राष्ट्र गौरव के ऊपर जो प्रांतीय गौरव को प्रतिपादित करने का प्रयास करेगा उसे हम मुंहतोड़ ज़वाब देंगे,फिरकापरस्त ताकतों को भारत धरा पर पैर नहीं ज़माने देंगे |समय रहते आने वाली आफत की आहट को पहचानिए,आप सजग रहिए,देश को सुरक्षित रखिये | ————-जय हिन्द

Devaldrishti

Films we wish were true!

Nothing gets us hooked as much as a film. And when you happen to be from India, film runs in our blood. Dialogues are our muse and movie tickets our fodder. 507 more words

Bollywood