Tags » Perfect Life

"A Prayer for the Momma with Full Hands"-Scissortail Silk

All mothers have been there, that moment when you feel completely inapt as a mother. That moment when you feel guilty for raising your voice or taking a second to yourself. 161 more words

Our Views

Album Review: Hand.Cannot.Erase by Steven Wilson

Joyce Carol Vincent died when she was 38. She died with the television and heat running in her London flat. Two years later, her body was discovered, the heat and the television still running. 598 more words

Opinion

Rustic scones with added floor crumbs. A perfect pin?

I happened upon a blog the other day, Manger, about a stunning lady with 7 kids and approximately 100 dogs who has moved to a large tumble down villa in the French countryside. 635 more words

Fake Smiles :-)

Living in this world and that too perfectly has always been a dream for everyone. You are born, you grow up, time moves on, life changes, but in all the circumstances you are expected to put a sweet smile :-) on your face. 328 more words

Social

What is the Best Life for Men?

The core of Western political and philosophical thought since Socrates has been an attempt to answer this question through the application of reason. Socrates, Aristotle… 561 more words

Philosophy

क्या आपका दिमाग आपसे ये 5 झूठ बोल रहा है?


हम करते कुछ हैं और सोचते कुछ. हमारी लाइफ के सारे एक्सपीरिएंस दिमाग में एक अलग दुनिया बनाते हैं और असल में हमारी रोज़ाना की ज़िंदगी होती कुछ और है. यानि एक दिमाग की दुनिया जो सिर्फ हम अकेले जीते हैं और दूसरी असल की दुनिया जिसे हम अपनों या लोगों के साथ मिलकर जीते हैं, लेकिन कई बार इस दिमाग की दुनिया का बुरा असर हमारी असली ज़िंदगा पर पड़ता है, जिससे न सिर्फ पर्सनल बल्कि प्रोफेशनल लाइफ प्रभावित होती है. क्या हैं वो झूठ जो आपका दिमाग आपसे बोल रहा है नीचे पढ़ें.
1. आप परफेक्ट नहीं हैं.

दिमाग का ये झूठ न सिर्फ आपकी खुद के लिए रिसपेक्ट कम करता है बल्कि आपका फ्यूचर भी खराब करता है. दूसरों को देखकर खुद में कमी कोई और नही बल्कि आपका दिमाग आपको दिखाता है और आप इस झूठ को मान भी लेते हैं. ये झूठ और ज़्यादा खतरनाक तब हो जाता है जब इस बात से जो आपको आता है, जो आप कर सकते हैं या जिसमें आप बेस्ट हैं वो भूलने लगते हैं.

2. रिस्क मत लो

हम एक ऐसी लाइफ जीते हैं जिसमें हम खुद एक बाउंड्री बना लेते हैं यानि सेफसाइड, जैसे कहीं पैसे लगाना या नये काम की शुरूआत. लाइफ में रिस्क लिए बिना कोई भी काम नही बनता, थोड़ी दिक्कतें आती हैं लेकिन उसके बाद ही नए रास्ते खुल जाते हैं जैसे कोई बच्चा उसे भी साइकिल सीखने के लिए चोट लगने या गिरने का रिस्क लेना पड़ता है. वहीं, हमारा दिमाग हमसे हमेशा रिस्क न लेने के लिए बोलता रहता है.

3. खुशी अच्छे टाइम से ही मिलेगी

अच्छा पार्टनर, अच्छी जॉब, अच्छा घर, अच्छे दोस्त और अच्छी चीज़ें. ऐसा कोई नहीं जिसके साथ हमेशा सबकुछ अच्छा हो, लेकिन हमारे दिमाग को खुशी बस अच्छे टाइम से ही मिलती है. इस झूठ को हम भी मान लेते हैं और खुशी का इंतज़ार ज़िंदगी भर करते रह जाते हैं, लेकिन ये नही समझ पाते कि आज हमारे पास जो भी है उसमें ही खुशी है, हम आज में खुश रहेंगे तभी आने वाला कल अच्छा होगा.

4. सपने कभी पूरे नही होते

हमारा दिमाग हमसे हमेशा ये झूठ बोलता है कि सपने कभी पूरे नही होते या फिर आप जब भी अपने सपने से जुड़ा कुछ भी सोचते है तो दिमाग क्वेश्चन मार्क लगा देता है. जैसे आपमें काबिलियत नहीं है या अब बहुत देर हो चुकी है, लेकिन ऐसा नही है. किसी भी काम को करने या सीखने की कोई उम्र नही होती.

5. सभी बातों की चिंता करें

आप दूसरों की तरह सुंदर नही हैं, आप अकेले हैं, आप अमीर नही हैं, जो भी बुरा हुआ उसकी वजह खुद हैं, आप परफेक्ट नहीं हैं, ऐसे कई सवाल हैं जो दिमाग में हमेशा चलते हैं. इतना ही नहीं इससे कहीं ज़्यादा हज़ारों चीज़ें दिमाग में दौड़ती रहती हैं, लेकिन इनमें से कुछ भी सच नहीं है. दिमाग इन बेकार की बातों से लाइफ में स्ट्रेस और खुशियां कम करता है, इसीलिए इन बेकार की बातों को सोचने के बजाय दिमाग को अच्छी चीज़ों में लगाएं.