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कनक के झुमके कानों में झूमे

नाक की नथनी गालों को चूमे

सिंदूर दुल्हन मांग में सजाये

पीहर छोड़ पिया घर को जाये /

नववसना उसके तन पै छाये

मन ही मन दुल्हन मुस्काये

पिय से उसकी प्रीत पुरानी

सारी बातें उनकी जानी जानी /

दुल्हन पिया घर है जा पहुंची

कुछ शरमाई कुछ सकुचाई

ननद ने खोल दी बात पुरानी

शर्मा के हो गयी पानी पानी /

देवर बोले ओ मेरी भाभी रानी

छोडो शर्म अब पी लो पानी

भय्या तुम्हारी बाट हैं जोहे

भागी दुल्हन खुशियां सजोये /

चन्दन अधिकारी

अगस्त २९, २०१५