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मेरा क्या है?

तंग रास्तों में भटकते हुए,
अकस्मात् एक ख़याल आया।
मंज़िल तो कभी देखी न थी,
रास्ता भी अब खो न जाए कहीं।
ये फुटपाथ गरीबों का,
और ये सड़क अमीरों की,
मेरा क्या है?
कुछ भी तो नहीं…

मेरे हिस्से में आये हुए,
दुःख भी हैं और दर्द भी।
सोचा अपनों से परे, क्या पता,
मिल जाए एक सहारा कोई।
पर वो भगवान् भी है गरीबों का,
और सरकार सिर्फ अमीरों की,
मेरा क्या है?
कुछ भी तो नहीं…

तन भी छोडो, मन भी छोडो,
ये जीवन तो एक अहसास है।
भाव ही सबका रास्ता है,
और सबकी तरह, मैं इसका राही।
पर पता चला, ग़म हैं गरीबों के,
और खुशियां सिर्फ अमीरों की,
और मेरा क्या है?
कुछ भी तो नहीं…

Poems And Lyrics

मैं एक पौधा हूँ

मैं एक पौधा हूँ…

मैं वृक्ष नहीं हूँ,
प्रज्ञ हूँ,
लगभग अदृश्य भी,
किन्तु विशालकाय
यक्ष नहीं हूँ.

मैं तो सूक्ष्म हूँ,
निर्बल हूँ,
चंचल हूँ.
हवा के तेज़ झोंको से,
कंपकपाता हर पल हूँ.

कितने प्राणी,
कितनी लालसा,
मैं तो सबसे डरता हूँ.
भान है यथार्थ का,
तभी तो निवेदन करता हूँ.

न मैं छाँव,
न आशियाना,
और न फल दे पाऊंगा.
यदि अपेक्षा करोगे,
तो उन्ही में दब जाऊंगा .

यदि कुछ करना है,
मेरी खातिर,
तो मुझे प्रेरित करो.
और कहो, कि पौधे,
इस निर्जनता से मत डरो.

क्या पता,
उन शब्दों का जादू,
कुछ इस कदर चल जाए.
और वीरानी के इस पौधे को भी,
कोई हमसफ़र मिल जाए.

Poems And Lyrics

You

1. With grudges thin but miles wide,
You’ve always felt guilty and your temper flies.
Because a child unloved has a reason to rage;
Has it earned you any favor? 218 more words

Poems And Lyrics

Strangers

Do you ever feel

like a stranger

in your own life?

Like you’re walking around

in a dream,

not really living,

not in reality?

Or like you were… 45 more words

Poems And Lyrics

Poem-1

مقطوعة مجتزأة من قصيدة طويلة بعنوان “من أحلام السندباد: رحلات حطّي كلمن”
(منشورة – من سنوات)..

*** *** ***

صابون أهلي

قالوا : ريّحْ صندوق دماغك
في عزّ تراث الغترة
اقعد فوق آرائك من ذهبٍ .. واسكتْ
لا تنبسْ بحروفٍ من فضّةْ
البس قمصاناً تُصنعُ برّا
لبّسْ نسوانك “أشكالْ ألوانْ”
تستوردُ من برّا
ممنوعٌ ان تهذي بصناعةِ علبة كبريتٍ
او إبرةْ
قلتُ دعوا أحلامي تصنعُ صابوناً
أهليّاً
يغسل كل بقايا الزفت
العالق في أثواب الناس
وفي أوهامِ رفاقي
قالوا: ممنوعٌ ان تحلمْ. ..

أحمد هادي الشبول ..

POEMS AND LYRICS

Fallen Angel

I’ve been racking my brain for a story to tell.
I needed to come up with a scene and try to actually carry it through each verse. 506 more words

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~° #Quote14 °~

~| Just like a woman,we men are incalculable too. |~

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