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जीत की राजनीति की जीत

आम आदमी पार्टी में  जो कुछ भी हुआ उससे वे ही हैरान हैं जो पार्टियों की अंदरूनी ज़िंदगी के बारे में कभी विचार नहीं करते. किसी भी पार्टी में कभी भी नेतृत्व के प्रस्ताव से अलग दूसरा प्रस्ताव शायद ही कबूल  होता हो .कम्युनिस्ट पार्टियों पर नेतृत्व की तानाशाही का आरोप लगता रहा है लेकिन कांग्रेस हो या कोई भी और पार्टी, नेतृत्व के खिलाफ खड़े होने की कीमत उस दल के सदस्यों को पता है.

Bad Ideas

MUHAAVARE EVAM LOKOKTIYAAN #2

Apne Pair Par Kulhadi Maarna: To hit your own foot with an axe. To do something to spoil your own chances, e.g. What’s been happening with the Aam Aadmi Party, Not spending too much time on the artwork for this Webcomic. 15 more words

Webcomic

WHY THE POLITICAL EXPERIMENT CALLED AAP FAILED? - THE LEGACY OF THE STRUCTURAL FLAW OF THE ANTI-CORRUPTION MOVEMENT OF 2011

With the drama that culminated in yesterday’s events at the Aam Aadmi Party’s National Council meet where Arvind Kejriwal was officially crowned as the larger than life king of the party, the thought, if there was any behind the move to transition to a political alternative from an activism background, was also officially buried. 787 more words

INDIAN POLITICS

The Dictator in Arvind is Un masked - Black Day for AAP - Hope for Imaandar Politics Dented.

The dictator in Arvind is totally exposed he had mask all these years. today he can not be considered as a man with great quality to take people along. 866 more words

AAP की बैठक में हंगामा: NE से निकाले गए योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण

नई दिल्ली. हरियाणा की सीमा के नजदीक दिल्ली के कापसहेड़ा के रिसॉर्ट में आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में जबर्दस्त हंगामे के बीच योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, आनंद कुमार और अजीत झा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर करने का फैसला किया गया है।

बैठक के बीच में ही प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव बाहर आ गए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मीटिंग के दौरान बाउंसरों ने उनके साथियों को घसीटकर बाहर कर दिया। योगेंद्र ने कहा, ‘केजरीवाल ने अपने भाषण के दौरान गोपाल राय को राष्ट्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करने को कहा। जिसका हम लोगों ने विरोध किया। लेकिन इसी बीच, मनीष सिसोदिया ने वोटिंग करानी शुरू कर दी।

अरविंद जी के भाषण के बीच कपिल मिश्र जैसे विधायकों ने गद्दारों को बाहर करो के नारे लगाए।’ योगेंद्र यादव ने कहा अरविंद ने पूरे भाषण के दौरान उन पर और प्रशांत पर हमले किए। वह किसी मीटिंग की अध्यक्षता करने वाले नेता का भाषण नहीं था। वहीं, प्रशांत भूषण ने कहा, ‘मीटिंग के दौरान गुंडे बुलाए गए थे।

कुछ विधायक भी गुंडागर्दी पर उतर आए थे। कल जो स्टिंग में केजरीवाल ने कहा था कि इन्हें लात मार कर बाहर कर दिया जाए तो आज हम लोगों को लात मार कर बाहर कर दिया गया।’ प्रशांत ने बैठक को फर्जी करार देते हुए कहा कि पूरी बैठक सुनियोजित थी। इसी महीने की शुरुआत में योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को ‘आप’ की पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी से बाहर किया गया था।

इससे पहले राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण पर हमला बोला है। सूत्रों के मुताबिक केजरीवाल ने कहा, ‘मैं योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण जैसे लोगों के साथ काम नहीं कर सकता। अब आप लोग ही बताइए कि आगे क्या किया जाए।’ बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक में ‘अनुशासनहीनता’ के आरोप में प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को पार्टी से बाहर करने का प्रस्ताव पारित हो सकता है। यह बैठक शुक्रवार शाम को सामने आए स्टिंग के बाद हो रही है, जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं-प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, प्रोफेसर आनंद कुमार और अजीत झा को गालियां देते सुना जा सकता है।

इससे पहले जिस हॉल में बैठक हो रही है, उसके बाहर धरना दे रहे योगेंद्र यादव मीटिंग में शामिल होेने अंदर चले गए। धरने से उठने के बाद मीडिया से बात करते हुए योगेंद्र ने कहा, ‘मैं अपने साथियों को लेकर अंदर जाने की कोशिश करूंगा, अगर इन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया तो मैं अकेले ही अंदर जाऊंगा और आपत्ति दर्ज कराऊंगा।’ राष्ट्रीय परिषद के कुछ सदस्यों को बैठक में शामिल होने के लिए अंदर नहीं जाने का आरोप लगाते हुए योगेंद्र धरने पर बैठ गए थे। प्रशांत भूषण और आनंद कुमार जैसे नेता बैठक में मौजूद हैं।
शनिवार को राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शामिल होेने पहुंचे योगेंद्र यादव के साथ धक्का-मुक्की की गई। उनके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगे। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि वे बहुत आहत हुए हैं।
पार्टी ने राष्ट्रीय परिषद की बैठक में दिल्ली के विधायकों की वोटिंग न कराने और बैठक की वीडियोग्राफी की प्रशांत भूषण खेमे की शर्त को स्वीकार कर लिया है। इस बैठक में शामिल हो रहे 392 नेताओं-कार्यकर्ताओं को वोट डालने का अधिकार है। जबकि 67 विधायक और चार सांसद विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाए गए हैं।
पार्टी की सफाई
राष्ट्रीय परिषद की बैठक से पहले शनिवार की सुबह पार्टी के नेता संजय सिंह ने केजरीवाल का बचाव करते हुए कहा, ‘एक आदमी को टारगेट किया जा रहा है। उस पीड़ा को समझिए। मैं खुद कहता हूं कि उन लोगों (प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव) दिल्ली में हमें हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। फिर भी केजरीवाल उन लोगों को निकालने की बात नहीं कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि आप लोग पार्टी चलाइए, मैं अपने विधायक लेकर अलग हो जाता हूं।’

National

Caught on wrong foot: Kejriwal heard abusing Yadav, Bhushan in new sting

New Delhi: It cannot get worse than this for the image of the Aam Aadmi Party. Arvind Kejriwal used abusive language against senior party colleagues Prashant Bhushan and Yogendra Yadav and there’s no sign of remorse visible as all his loyalists get down to the task of defending him vigorously. 892 more words

News Articles

Aam Aadmi Party: A Failed Experiment?

To understand the situation that the AAP finds itself in, we must first get back to the roots of the party. Birthing from the ‘India Against Corruption’ movement, AAP became a conglomerate of the righteous and ideologically superior mob. 978 more words

Politics