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ये दिल, ना होता बेचारा - Ye Dil Na Hota Bechara (Jewel Thief)

फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: किशोर कुमार
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: देव आनंद, वैजयन्तीमाला

ये दिल, ना होता बेचारा
कदम, न होते आवारा
जो खूबसूरत कोई अपना हमसफ़र होता
ओ ओ ओ ये दिल, न होता बेचारा…

अरे सुना, जब से ज़माने हैं बहार के
हम भी, आये हैं राही बनके प्यार के
कोई न कोई तो बुलायेगा
पड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल, न होता बेचारा…

अरे (माना, उसको नहीं मैं पहचानता
बंदा, उसका पता भी नहीं जानता आ आ) – 2
मिलना लिखा है तो आयेगा
पड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल, ना होता बेचारा…

अरे (उसकी, धुन में पड़ेगा दुख झेलना
सीखा, हा हा, हमने भी पत्थरों से खेलना) – 2
सूरत कभी तो दिखायेगा
पड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल, ना होता बेचारा…

1960s

रुला के गया सपना मेरा - Rula Ke Gaya Sapna Mera (Jewel Thief)

फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: तनुजा, देव आनंद, वैजयन्तीमाला

रुला के गया सपना मेरा
बैठी हूँ कब हो सवेरा, रुला…

वही है ग़म-ए-दिल, वही है चंदा, तारे
हाय, वही हम बेसहारे
आधी रात वही है, और हर बात वही है
फिर भी न आया लुटेरा, रुला…

कैसी ये ज़िंदगी, कि साँसों से हम, ऊबे
हाय, कि दिल डूबा हम डूबे
एक दुखिया बेचारी, इस जीवन से हारी
उस पर ये ग़म का अन्धेरा, रुला…

Lata Mangeshkar

रात अकेली है, बुझ गए दिये - Raat Akeli Hai Bujh Gaye Diye (Jewel Thief)

फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: अशोक कुमार, तनुजा, देव आनंद, वैजयन्तीमाला

रात अकेली है, बुझ गए दिये
आके मेरे पास, कानों में मेरे
जो भी चाहे कहिये, जो भी चाहे कहिये, रात…

तुम आज मेरे लिये रुक जाओ, रुत भी है फ़ुरसत भी है
तुम्हें ना हो ना सही, मुझे तुमसे मुहब्बत है
मुहब्बत की इजाज़त है, तो चुप क्यूँ रहिये
जो भी चाहे कहिये, रात…

सवाल बनी हुई दबी दबी उलझन सीनों में
जवाब देना था, तो डूबे हो पसीनों में
ठानी है दो हसीनों में, तो चुप क्यूँ रहिये
जो भी चाहे कहिये, रात…

1960s

होंठों में ऐसी बात मैं दबाके चली आई - Hothon Pe Aisi Baat Main Daba Ke

फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: देव आनंद, वैजयन्तीमाला

होंठों में ऐसी बात मैं दबाके चली आई
खुल जाये वोही बात तो दुहाई है दुहाई
हाँ रे हाँ, बात जिसमें, प्यार तो है, ज़हर भी है, हाय
होंठों में…

हो शालू…
रात काली नागन सी हुई है जवां
हाय दय्या किसको डँसेगा ये समा
जो देखूँ पीछे मुड़के
तो पग में पायल तड़पे
आगे चलूँ तो धड़कती है सारी अंगनाई
होंठों में…

हो शालू…
ऐसे मेरा ज्वाला सा तन लहराये
लट कहीं जाए घूँघट कहीं जाये
अरे अब झुमका टूटे
के मेरी बिंदिया छूटे
अब तो बनके क़यामत लेती हूँ अंगड़ाई
होंठों में…

Lata Mangeshkar

दिल पुकारे, आ रे आ रे आ रे - Dil Pukare Aa Re Aa Re Aa Re (Jewel Thief)

फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: हेलन, अशोक कुमार, तनुजा, देव आनंद, वैजयन्तीमाला

दिल पुकारे, आ रे आ रे आ रे – 2
अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे, आरे आरे आरे
ओ… अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे आ रे आ रे आ रे

बरसों बीते दिल पे काबू पाते
हम तो हारे तुम ही कुछ समझाते
समझाती मैं तुमको लाखों अरमां
खो जाते हैं लब तक आते आते
ओ… पूछो ना कितनी, बातें पड़ी हैं
दिल में हमारे
दिल पुकारे, आ रे आ रे आ रे
ओ… अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे आ रे आ रे आ रे

पाके तुमको है कैसी मतवाली
आँखें मेरी बिन काजल के काली
जीवन अपना मैं भी रंगीन कर लूँ
मिल जाये जो इन होठों की लाली
ओ… जो भी है अपना, लायी हूँ सब कुछ
पास तुम्हारे
दिल पुकारे, आ रे आ रे आ रे
ओ… अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे आ रे आ रे आ रे

महका महका आँचल हल्के हल्के
रह जाती हो क्यों पल्कों से मलके
जैसे सूरज बन कर आये हो तुम
चल दोगे फिर दिन के ढलते ढलते
ओ… आज कहो तो मोड़ दूं बढ़के
वक़्त के धारे
दिल पुकारे, आ रे आ रे आ रे
ओ… अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे आरे आरे आरे
अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे आ रे आ रे आ रे

Lata Mangeshkar

बैठे हैं क्या उस के पास आईना मुझ सा नहीं - Baithe Hain Kya Uske Paas

फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: देव आनंद, वैजयन्तीमाला, अशोक कुमार

बैठे हैं क्या उस के पास आईना मुझ सा नहीं
मेरी तरफ़ देखिये

आईने की नज़र में ऐसी मस्ती कहाँ है
मस्ती मेरी नज़र की इतनी सच्ची कहाँ है
बैठे हैं क्या उस के पास…

ये लब हम क्यूँ छू ले, यूँ ही आहें भरें क्या
हम से भी खूबसूरत तुम हो हम भी करें क्या
बैठें हैं क्या उस के पास…

बीती है रात कितनी ये सब कुछ भूल जायें
जलती शम्में बुझा के आओ हम दिल जलायें
बैठें हैं क्या उस के पास…

1960s

आसमाँ के नीचे, हम आज अपने पीछे - Aasman Ke Neeche (Jewel Thief)

फ़िल्म: ज्वेल थीफ़ / Jewel Thief (1967)
गायक/गायिका: किशोर कुमार
संगीतकार: एस. डी. बर्मन
गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
अदाकार: हेलन, अशोक कुमार, तनुजा, देव आनंद, वैजयन्तीमाला

आसमाँ के नीचे, हम आज अपने पीछे
प्यार का जहाँ, बसा के चले
कदम के निशाँ, बना के चले, आसमाँ…

तुम चले तो फूल जैसे आँचल के रँग से
सज गई राहें, सज गई राहें
पास आओ मै पहना दूँ चाहत का हार ये
खुली खुली बाहें, खुली खुली बाहें
जिस का हो आँचल खुद ही चमन
कहिये, वो क्यूँ, हार बाहों के डाले, आसमाँ…

बोलती हैं आज आँखें कुछ भी न आज तुम
कहने दो हमको, कहने दो हमको
बेखुदी बढ़ती चली है अब तो ख़ामोश ही
रहने दो हमको, रहने दो हमको
इक बार एक बार, मेरे लिये
कह दो, खनकें, लाल होंठों के प्याले, आसमाँ…

साथ मेरे चल के देखो आई हैं दूर से
अब की बहारें, अब की बहारें
हर गली हर मोड़ पे वो दोनों के नाम से
हमको पुकारे, तुमको पुकारे
कह दो बहारों से, आए न इधर
उन तक, उठकर, हम नहीं जाने वाले, आसमाँ…

1960s