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ATS told my disciple to beat me with sticks- Sadhvi Pragya

The ATS has asked my disciple to beat me with sticks and when he refused, he was beaten up very badly. This is one of the lines in the affidavit that was filed by Sadhvi Pragya Singh Thakur against whom charges were dropped in the Malegaon 2008 blasts case. 32 more words

Vicky Nanjappa

MaleGaon Blast 2008 : Sadhvi Pragya get clean cheat by NIA

2008 के मालेगांव बम धमाकों में आरोपित साध्वी प्रज्ञा की रिहाई का रास्ता साफ होता दिख रहा है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने फैसला किया है कि इसी शुक्रवार को इस मामले में मुंबई की एक अदालत में जो आरोपपत्र दाखिल होना है उसमें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम न डाला जाए. इससे साध्वी की जल्द ही जेल से रिहाई संभव हो सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक पूरी संभावना है कि आरोपपत्र में यह कहा जााए कि इस मामले में महाराष्ट्र एटीएस के पूर्व मुखिया हेमंत करकरे द्वारा की गई जांच में गड़बड़ियां थीं. करकरे 2008 में ही मुंबई पर हुए आतंकी हमले के दौरान आतंकियों का सामना करते हुए शहीद हो गए थे. आरोपपत्र में यह भी कहा जा सकता है कि इस मामले के एक दूसरे अहम आरोपी कर्नल प्रसाद पुरोहित के खिलाफ पेश किए सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई है और गवाहों के बयान दबाव डालकर लिए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक आरोपपत्र में यह बात भी कही जा सकती है कि गिरफ्तारी के वक्त पुरोहित के घर में जो विस्फोटक मिले थे वे एटीएस ने वहां रखे थे. पुरोहित की गिरफ्तारी 2008 में देवलाली आर्मी कैंप से हुई थी. एनआईए के एक अधिकारी कहते हैं, ‘हमारे पास इसके सबूत हैं कि आरडीएक्स एटीएस ने प्लांट किया था.’ एनआईए ने पुरोहित और बाकी सभी आरोपितों के खिलाफ कठोर मकोका कानून के तहत लगाई गई धाराओं को हटाने का फैसला किया है. अब उन पर गैरकानून गतिविधियां (निरोधक) कानून के तहत मामला चलाया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक एनआईए ने कम से कम तीन ऐसे आरोपितों को भी क्लीन चिट दे दी है जिनकी इस मामले में छोटी-मोटी भूमिका थी और जो इस साजिश से अनजान थे. मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए धमाकों में चार लोगों की जान चली गई थी और 79 घायल हुए थे. इस मामले की जांच बीते कुछ समय से लगातार विवादों में रही है. पिछले साल इस मामले में अभियोजन पक्ष की वकील रोहिणी सालियान ने आरोप लगाया था कि एनआईए उन पर आरोपितों के खिलाफ नर्म रुख दिखाने के लिए दबाव रही है. सालियान के मुताबिक यह दबाव तब से बना जब से केंद्र में नई सरकार आई. उनका यह साक्षात्कार जून में आया था. अक्टूबर में उन्हें इस केस से हटा दिया गया. सालियान ने एनआईए के उस अफसर का नाम भी लिया था जिसने उनसे संपर्क किया था. महाराष्ट्र एटीएस ने इस मामले में पहले जो आरोपपत्र दाखिल किया था उसमें 14 लोग आरोपित हैं. इनमें साध्वी प्रज्ञा और पुरोहित शामिल हैं. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि एबीवीपी की पूर्व पदाधिकारी साध्वी प्रज्ञा से आरोप हटाने का फैसला इसलिए लिया गया है कि उनके खिलाफ सबूत कमजोर हैं और उन पर मकोका के तहत लगाए आरोप पहले ही हटा लिए गए हैं. इस खबर पर प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं. चर्चित वकील और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने कहा है कि जब से केंद्र में यह सरकार आई है तब से कोशिश की जा रही है कि जितने भी भगवा ब्रिगेड के लोग आतंकी घटनाओं में फंसे हुए हैं, उन्हें बचाया जाए. भूषण के मुताबिक इसी वजह से मालेगांव, समझौता एक्सप्रेस और मक्का मस्जिद में हुए धमाकों के मामलों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. भूषण ने आरोप लगाया है कि एनआईए और सीबीआई दोनों केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रही हैं.

Source : Satyagrah website

How Media Propagandizes Hatred for Hindu Saints

Is the Media intentionally defaming, berating and castigating the Hindu Saints?

I shall start with a few questions again.

-Ever heard the Media questioning any Mulla, Maulavi, Bishop, Father for rapes, theft, molestation, land-grab etc? 495 more words

Opinion

Sunil Joshi murder: Trial against Sadhvi Pragya from Sept 28

New Delhi, Sept 21: A sessions court will begin hearing on the Sunil Joshi murder case from September 28th onwards.

The court had framed charges against Sadhvi Pragya Singh and seven others in connection with the murder of Sunil Joshi a former pracharak of the RSS. 42 more words

Vicky Nanjappa