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Beyond Peaceful Co-existence

In early 60’s Sahir Ludhianvi wrote one of my  favourite songs “tu hindu banega na musalmaan banega, insaan ki aulad hai insaan banega ( you will neither become a hindu nor a moslem, being a human offspring, you will become a human being). 1,019 more words

India And Indianess

पड़ गये झूले सावन रुत आई रे - Pad Gaye Jhoole Sawan Ritu Aai Re

फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, आशा भोंसले
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

(पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले)- 2
सीने में हूक उठे अल्लाह दुहाई रे
पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले

चंचल झोंकें मुँह को चूमें
बूँदें तन से खेले – 2
पेंग बढ़ें तो झुकते बादल
पाँव का चुम्बन ले लें
पाँव का चुम्बन ले लें
पेंग बढ़ें तो झुकते बादल
पाँव का चुम्बन ले लें
हमको न भाये सखी ऐसी ढिटाई रे
पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले

गीतों का ये अल्लहड़ मौसम
झूलों का ये मेला – 2
ऐसी रुत में हमें झुलाने
आये कोई अलबेले
आये कोई अलबेले
ऐसी रुत में हमें झुलाने
आये कोई अलबेले
थामे तो छोड़े नहीं नाज़ुक कलाई रे

पड़ गये झूले सावन रुत आई रे
पड़ गये झूले

Lata Mangeshkar

निकले थे कहाँ जाने के लिये - Nikle The Kahan Jaane Ke Liye (Bahu Begum)

फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: आशा भोंसले
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

निकले थे कहाँ जाने के लिये, पहुंचे है कहाँ मालूम नहीं
अब अपने भटकते क़दमों को, मंजिल का निशान मालूम नहीं

हमने भी कभी इस गुल्शन में, एक ख्वाब-ए-बहार देखा था
कब फूल झरे, कब गर्द उड़ी, कब आई खिज़ां मालूम नहीं

दिल शोला-ए-ग़म से खाक हुआ, या आग लगी अरमानों में
क्या चीज़ जली क्यूं सीने से उठा है धुआं मालूम नहीं

बरबाद वफ़ा का अफ़साना हम किसे कहें और कैसे कहें
खामोश हैं लब और दुनिया को अश्कों की ज़ुबां मालूम नहीं

1960s

दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें - Duniya Kare Sawaal To Hum Kya Jawaab Den

फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: मीना कुमारी

दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें 6 more words

Lata Mangeshkar

वाक़िफ़ हूँ खूब इश्क़ के तर्ज़-ए-बयाँ से मैं - Waqif Hoon Khoob Ishq Ke Tarz-e-Bayaan

फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, ताबिश
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

अरज़-ए-शौक़ आँखों में है, अरज़-ए-वफ़ा आँखों में है 29 more words

1960s

बहू बेगम - Full Movie and Songs of Bahu Begum (1967)

फ़िल्म: बहू बेगम / Bahu Begum (1967)
गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, ताबिश
संगीतकार: रोशन
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, मीना कुमारी

अरज़-ए-शौक़ आँखों में है, अरज़-ए-वफ़ा आँखों में है 65 more words

Lata Mangeshkar

तू हुस्न है मैं इश्क़ हूँ, तू मुझ में है मैं तुझ में हूँ - Tu Husn Hai Main Ishq Hoon (Hamraaz)

फ़िल्म: हमराज़ / Hamraaz (1967)
गायक/गायिका: आशा भोंसले, महेंद्र कपूर
संगीतकार: रवि
गीतकार: साहिर लुधियानवी
अदाकार: राज कुमार, सुनील दत्त, विम्मी

तू हुस्न है मैं इश्क़ हूँ, तू मुझ में है मैं तुझ में हूँ 10 more words

1960s