Tags » Satsang

Tara Talks - Reflection: Living in Accord With Our Aspiration


Published on Apr 18, 2017

Tara Talks – Reflection: Living in Accord With Our Aspiration – with Tara Brach

If 90% of what we do is determined by feelings (and the other 10% by thinking aimed at rationalizing them)… which domain of feelings is in charge: fight/flight/freeze? 18 more words

Spirituality

भूख बढ़ाने का नुस्खा - आसाराम बापूजी

भूख बढ़ाने का नुस्खा

Tips to increase hunger appetite

अदरक में नींबू और थोड़ा सा नमक मिलाकर भोजन से पह्ले खा लो
Mix ginger , lemon juice & pinch of salt & eat before lunch.

Satsang

The luck of yoga class

A busy class means you have much less say in picking your mat neighbours. I was 50% lucky. The guy on one side was someone whose practice I marvel at and I love his internal-ness during practice. 464 more words

Asana

You are unborn. If something is unborn, what can you say about it? new MJ Awakening Blog

The topic for this Wednesday’s, 4/19, West LA weekly Satsang:

“You are unborn. If something is unborn, what can you say about it? Does it have ANY story?” 352 more words

वायु तत्व के प्रतीक हैं हनुमानजी

जन्म मृत्यु के बीच में जीवन नामक महत्वपूर्ण घटना घटती है। जन्म तो जानवरों का भी होता है, लेकिन उनमें जीवन नहीं घटता। यह संभावना सिर्फ मनुष्य में है। जन्म को जीवन में बदलने का एक उदाहरण हनुमानजी का है। कई लोग पूछते हैं कि हनुमानजी मनुष्य हैं या बंदर। कोई उन्हें मानने को तैयार नहीं है तो कोई उन्हें लेकर अनुभूति के कई प्रसंग सुना सकता है। कहीं वे सेवा के प्रतिमान हैं तो कहीं जीवन प्रबंधन गुरु। उन्हें वानर कहा गया है, अर्थात् वन में रहने वाले नर। इसलिए वे मनुष्य की श्रेष्ठतम स्थिति का प्रतीक हैं। वे पशु की दिव्यता को भी झलकाते हैं। …

Asaram Bapu

Sahu Suryabhan reblogged this on Asharamji Bapu Ashram and commented:

धन्य हुए हम जो ऐसी भारतीय संस्कृति में जन्मे और ऐसे हिन्दू धर्म के संस्कारों से हमारा सिंचन हुआ, जहाँ प्रभु श्री राम, राम भक्त हनुमान और परम पूजनीय आशाराम बापूजी जैसी दिव्य आत्माएं अवतरित हुई और जन-मानस के कल्याण हेतु अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया !

राम भक्त हनुमान

निष्काम सेवा भक्ति, श्री राम भक्त हनुमान की !!

श्री हनुमान जयंती : १० अप्रैल (उपवास) – ११ अप्रैल (उत्सव)

भारतीय-दर्शन में सेवा भाव को सर्वोच्च स्थापना मिली हुई है, जो हमें निष्काम कर्म के लिए प्रेरित करती है। इस सेवाभाव का उत्कृष्ट उदाहरण हैं केसरी और अंजनी के पुत्र महाबली हनुमान। उनका अवतरण दिवस चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इंद्र द्वारा वज्र से प्रहार करने से उनकी हनु (ठुड्डी) टूट जाने के कारण ही उन्हें हनुमान कहा जाने लगा। प्रहार से मूर्छित हनुमान को जल छिड़ककर पुन: सचेत कर प्रत्येक देवता ने उनको अपने-अपने दिव्य अस्त्र-शस्त्र दिए जिसके कारण उनका नाम महावीर हुआ। 6 more words

Asaram Bapu

Sahu Suryabhan reblogged this on Asharamji Bapu Ashram and commented:

राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम ।।