Tags » Satsang

Satsang Thursday 12th October 2017

We are back this week with satsang/meeting on Thursday 12th October at 7pm at the Druids Head, Kingston upon Thames.

All welcome, no beliefs required, radical non-duality with heart ❤ 9 more words

Non-duality

सर्वश्रेष्ठ धर्म

एक बार एक राजा ने घोषणा की कि जो भी श्रेष्ठ धर्म होगा , मैं उसे स्वीकार करूंगा। उसके पास एक से बढ़कर एक विद्वान आने लगे। वे सब अपने – अपने धर्म की श्रेष्ठता का बखान करते हुए दूसरे धर्मों के दोष गिनाते। फिर भी श्रेष्ठ धर्म का फैसला न हो सका। राजा अपनी दुविधा दूर करने के लिए एक संत के पास पहुंचा।

राजा ने कहा – मैं श्रेष्ठ धर्म की खोज में हूं। लेकिन आज तक वैसा श्रेष्ठ धर्म मुझे मिला नहीं। संत ने कहा – श्रेष्ठ धर्म ! क्या संसार में बहुत से धर्म होते हैं कि श्रेष्ठ और कम श्रेष्ठ की बात उठे। धर्म तो एक ही है। धर्म वही होता है जो मनुष्य को उदार और निष्पक्ष बनाए।

राजा संत की बातों से प्रभावित होकर बोला – तो मैं क्या करूं। आप ही बताएं।

संत ने राजा से कहा – आओ नदी के किनारे चलते हैं। वहीं बताऊंगा। नदी तट पर पहुंचकर संत ने कहा – जो सर्वश्रेष्ठ नाव हो हम उसी पर बैठकर उस पार चलेंगे। तुरंत सुंदर नावें मंगाई गईं। मगर संत हर नाव में कोई न कोई नुक्स निकालकर उसमें बैठने से इनकार कर देते। इस तरह सुबह हो गई। राजा परेशान हो गया। उसने कहा – आप ऐसा क्यों कर रहे हैं ? अरे पार ही तो जाना है। कोई भी नाव हमें पार करा देगी।

इस पर संत ने मुस्कराते हुए कहा – यही तो मैं तुमको समझाना चाहता हूं। धर्म की कोई नाव नहीं होती। उसमें तो स्वयं तैर कर ही पार करना होता है। कोई किसी दूसरे को पार नहीं करा सकता। इसलिए श्रेष्ठ धर्म की तलाश का चक्कर छोड़ो।

Mahant Swami In Toronto #SmrutiChallenge

Apologies for the silence…

It has been an eternity since I’ve come here to share, write, reflect, ponder. And to my loyal followers, thank you for your patience in understanding as I attempt to juggle the various adventures that life brings my way. 817 more words

#MahantSwamiInToronto

Satsang Restaurant, Prague, Czech Republic

16th October 2017 update: Something has happened at Satsang. Their Facebook page says closed until the 23rd October. There is also a weird advert for a chef where half of the ad refers to issues with the previous chef. 396 more words

Restaurants And Bars

Gangaji - Living A Free Life

Published on Sep 26, 2017

Gangaji gives us the key to living a simple life, unthought, unplanned, with no notion of control. Can you give up the search for anything that you think separates you from what is always here, what is calling you home?

Satsang

Being, by Nature, is Joy.

Do you know that you can be always happy? Not by trying to be happy, you can always be happy! So immense is your natural happiness… 467 more words

Featured