Tags » Shankar's Cartoon

छद्म अंबेदकरवादियों का फासीवादी चेहरा

मनीष शांडिल्य पटना में स्वतंत्र पत्रकार हैं. उनसे manish.saandilya@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है.

ऐसा केवल भारतीय संसद में ही संभव था कि कुछ सांसद किसी मामले को व्यक्ति या समुदाय विशेष के आस्था और सम्मान से जोड़ कर हंगामा मचाए और सरकार बिना तर्क, बहस किये अपनी गलती मान ले. 16 more words

Politics